Makar Sankranti 2020: जानिए मकर संक्रांति में स्नान एवं दान-पुण्य का महत्व
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मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को है। सनातन संस्कृति में इस दिन का विशेष महत्व है। क्योंकि इस दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होता है। सूर्य की इस चाल को बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन दान-पुण्य एवं पवित्र नदी में स्नान किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार ऐसा करने से मोक्ष प्राप्ति होती है। इस दिन पुण्यकाल या महापुण्यकाल का विचार किया जाता है।
मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त (Makar Sankranti 2020 muhurat time)
पुण्य काल मुहूर्त: 07:15:14 से 12:30:00 तक
अवधि: 5 घंटे 14 मिनट
महापुण्य काल मुहूर्त: 07:15:14 से 09:15:14 तक
अवधि: 2 घंटे 0 मिनट
संक्रांति पल: 01:53:48
मकर संक्रांति के दिन इसलिए किया जाता है दान-पुण्य
शास्त्रों में सभी संक्रांतियों में मकर संक्रांति का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन देवताओं का दिन आरंभ होता है। स्वर्ग का द्वार खुलता है इसलिए मकर संक्रांति के दिन किये गये दान पुण्य धर्मिक कार्यों का सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक लाभ मिलता है। मकर संक्रांति के बाद भी कुछ दिनों तक शीत ऋतु का प्रभाव बना रहता है इसलिए शास्त्रों में कहा गया है कि मकर संक्रांति के मौके पर शीत से बचाव करने वाली चीजों का दान करना श्रेष्ठ होता है। यही कारण है कि मकर संक्राति के दिन लोग तिल, गुड़, कंबल, अनाज और वस्त्र का दान करते हैं।
जीवन में आता है धन और वैभव
मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव एवं शनि महाराज की पूजा का भी बड़ा महत्व है। माना जाता है कि इस दिन सूर्य एवं शनि की पूजा करने से वर्ष भर ग्रहों के कुप्रभाव से बचाव होता है। शनि महाराज कष्ट नहीं देते हैं और धन-वैभव में इजाफा होता है। शास्त्रों में मकर संक्रांति के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना उत्तम बताया गया है क्योंकि सूर्य भगवान विष्णु के अंश माने जाते हैं।