फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   mahabharat-writer-maharshi-ved-vyas-lived-vyas-gufa-mana-gaon

यहां मौजूद है महाभारत के रचयिता महर्षि व्यास की गुफा

Fri, 03 Aug 2012 04:54 PM IST
Updated Fri, 03 Aug 2012 04:54 PM IST
विज्ञापन
mahabharat-writer-maharshi-ved-vyas-lived-vyas-gufa-mana-gaon
इस वर्ष गुरू पूर्णिमा 3 जुलाई को है। महर्षि वेदव्यास जी ने चारो वेदों को संकलित किया साथ ही इन्होंने अठारह पुराणों की रचना की। वेदव्यास जी ने गणेश भगवान को अपना लेखक बनाकर महाभारत नामक महाकाव्य लिखवाया। वेदों और पुराणों के रचनाकर होने के कारण इन्हें संसार का प्रथम गुरू माना जाता है। इनके जन्मदिन को गुरू पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है।
विज्ञापन


महर्षि वेदव्यास जी ने जहां रहकर वेद, पुराणों एवं महाभारत की रचना की उस स्थान के विषय में मान्यता है कि यह स्थान भारत और चीन की सीमा के पास स्थित माणा गांव है। माणा गांव उत्तराखंड में अलकनंदा और सरस्वती के संगम स्थल केशव प्रयाग के तट पर बद्रीनाथ धाम से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर बसा है। यह एक छोटा सा गांव है जहां के लोग मई से लेकर अक्तूबर तक इस गांव में रहते हैं, इसके बाद गांव को छोड़कर कहीं और चले जाते हैं क्योंकि बाकी समय यह गांव बर्फ से ढका होता है।
विज्ञापन


इस गांव में एक ऊंची पहाड़ी पर बहुत ही सुन्दर गुफा है, ऐसी मान्यता है कि व्यास जी इसी गुफा में रहते थे। वर्तमान में इस गुफा में व्यास जी का मंदिर बना हुआ है। व्यास गुफा में व्यास जी के साथ उनके पुत्र शुकदेव जी और वल्लभाचार्य की प्रतिमा है। इनके साथ ही भगवान विष्णु की भी एक प्राचीन प्रतिमा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस गुफा में प्रवेश करने पर शांति और आत्मिक सुख की अनुभूति होती है। गुफा के अंधकार को दूर करने के लिए एक दीपक जलता रहता है जो इस बात को दर्शाता है कि वेदव्यास जी ने ज्ञान की रोशनी से सांसारिक अंधकार को दूर करने का महान कार्य इसी गुफा में किया था।

व्यास जी द्वारा इस स्थान को अपना निवास स्थान बनाने का कारण यह माना जाता है कि इस स्थान के एक ओर भगवान विष्णु का निवास स्थान बद्रीनाथ धाम है। दूसरी ओर ज्ञान की देवी सरस्वती का नदी रूप में उद्गम स्थल है। व्यास गुफा के समीप ही भगवान विष्णु के चरण से निकली हुई अलकनंदा का संगम सरस्वती से हो रहा है।


ऐसी मान्यता भी है कि व्यास गुफा के पास से ही स्वर्ग लोक का रास्ता है, इसी रास्ते से पाण्डव स्वर्ग जा रहे थे लेकिन ठंड की वजह से चारों पाण्डव और द्रौपदी गल गयी सिर्फ युधिष्ठिर घर्म और सत्य का पालन करने के कारण ठंड को झेल पाये और सशरीर स्वर्ग पहुंच सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed