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क्या हुआ जब उस स्त्री के स्नान करते समय आ गए श्री कृष्ण

Fri, 21 Mar 2014 11:48 AM IST
राकेश झा/ अमर उजाला, दिल्ली।
राकेश झा/ अमर उजाला, दिल्ली। Updated Fri, 21 Mar 2014 11:48 AM IST
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krishna vidhur wife story kalyan

यह कथा उन दिनों की है जब महाभारत युद्घ की स्थिति बनने लगी थी। भगवान श्री कृष्ण उन दिनों पाण्डवों की ओर से धृतराष्ट्र के दरबार में पधारे। दुर्योधन ने श्री कृष्ण के संधि प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।

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नाराज हो कर भगवान श्री कृष्ण ने दुर्योधन के घर भोजन करने से इंकार कर दिया। भगवान श्री कृष्ण ने अपने भक्त विदुर जी के घर भोजन करना स्वीकार किया। जब भगवान श्री कृष्ण विदुर जी के घर पहुंचे। उस समय विदुर जी की पत्नी स्नान कर रही थी।
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दरवाजे पर आते ही श्री कृष्ण ने आवाज लगायी। फिर क्या था, श्री कृष्ण की मोहक आवाज सुनते ही विदुर जी की धर्मपत्नी सुध बुध खो बैठी। भक्ति में लीन वह जिस अवस्था में थी वैसे ही कृष्ण के स्वागत में द्वार पर आ गई।
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भगवान श्री कृष्ण ने भक्ति में लीन विदुर जी की पत्नी को देखकर अपना पितंबर झट से उनके ऊपर डाल दिया। इसके बाद विदुर जी की पत्नी को होश आया और वह लज्जित हो गई।


फिर से सुध बुध गवांकर कर बैठी यह गलती
कुछ समय बाद कृष्ण की भक्ति में लीन विदुर की पत्नी ने फिर से दूसरी गलती कर दी। भगवान को केला खिलाने बैठी तो केला नीचे फेंकने लगी और श्री कृष्ण को छिलके खिलाने लगी।

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भगवान भक्त की भावना देखते हैं सो उन्होंने भी कुछ नहीं कहा और चुपचाप केले के छिलके खाते गए जैसे भगवान राम ने सबरी के जूठे बेर खाए थे। जब विदुर जी ने यह लीला देखी तो दौरे-दौरे आए और स्वयं अपने हाथों को श्री कृष्ण को केला खिलाकर पत्नी के किए गलती की क्षमा मांगने लगे।

भगवान ने कहा कि मुझे तो छिलके में भी केले का आनंद मिल रहा था इसलिए आप किसी प्रकार का अपराध बोध नहीं करें। मैं आपकी सेवा भक्ति से संतुष्ट हूं।

इस कथा का उल्लेख गोरखपुर से प्रकाशित कल्याण पत्रिका में किया गया है।

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