खास है यह सोमवार, जन्मदिन मनाएंगे शिव के यह अवतार

टीम डिजीटल Updated Sun, 24 Nov 2013 10:43 PM IST
विज्ञापन
kaal bhairabh ashtmi 2013

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
खास है यह सोमवार, जन्मदिन मनाएंगे शिव के यह अवतार
विज्ञापन

सोमवार भगवान शिव का दिन माना जाता है। इस पर शुभ संयोग यह है कि सोमवार 25 नवंबर को माशीर्ष कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि भी है शास्त्रों में इस दिन को भगवान काल भैरव का जन्मदिन बताया गया है। काल भैरव भगवान शिव के रौद्र रूप हैं। इसलिए यह सोमवार विशेष शुभ फलदायी है।
काल भैरव के विषय में मान्यता है कि यह काल के भी काल हैं। जो इनकी भक्ति करता है उसे किसी प्रकार का भय नहीं सताता है। मृत्यु भी इनसे डरती है। शास्त्रों में कहा गया है कि जो व्यक्ति काल भैरव की भक्ति करता है उसके पाप स्वतः दूर हो जाते हैं और मृत्यु के पश्चात इनके भक्तों को शिवलोक में स्थान प्राप्त होता है।
कालभैरव को काशी का स्वामी कहा जाता है। काशी के विषय में मान्यता है कि जिस व्यक्ति की मृत्यु काशी में होती है उसे यमदूत अपने साथ नहीं ले जाते क्योंकि यहां यम का शासन नहीं चलता है। शिवपुराण में बताया गया है कि काशी ही मात्र एक ऐसा स्थान है जहां मृत्यु पाने वाले को नरक नहीं जाना पड़ता है क्योंकि यहां पर यमराज का राज नहीं चलता है। यहां के स्वामी हैं कालभैरव।

काशी में मृत्यु पाने वाले का न्याय काल भैरव करते हैं। कालभैरव का न्याय यमराज के न्याय से भी कठोर है। इनके हाथों में एक सोटा है। काशी में मृत्यु पाने वाले का जो भी पाप होता है उसके पाप को दूर करने के लिए कालभैरव मृत व्यक्ति की आत्मा की सोटे से पिटाई करते हैं।

जो जितना पापी होता है उसकी उतनी ही पिटाई होती है। पाप की सजा पाने के बाद आत्मा को पाप से मुक्ति मिल जाती है। इसके बाद व्यक्ति को शिवलोक में स्थान मिल जाता है।

काल भैरव को प्रसन्न करने के उपाय
काल भैरव अष्टमी के दिन पितरों की पूजा के बाद काल भैरव की पूजा करना उत्तम फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से सभी प्रकार की विघ्न बाधाएं दूर हो जाती हैं। कालभैरव शिव के तामसी रूप हैं इसलिए इन्हें प्रसाद स्वरूप मदिरा चढ़ाया जाता है। कहीं कहीं कालभैरव को दूध चढ़ाने का भी विधान है। जो लोग मदिरा का सेवन नहीं करते हैं उन्हें दूध से ही कालभैरव की पूजा करनी चाहिए।

शास्त्रों में काल भैरव का वाहन कुत्ता बताया गया है। काल भैरव को प्रसन्न करने के लिए कुछ अन्य उपाय न करना चाहें तो सबसे आसान तरीका है कि काले कुत्ते को मीठी रोटी खिलाएं। इस उपाय से कालभैरव के साथ ही साथ शनि देव भी खुश हो जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us