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चैत्र नवरात्र में इस दिन हुआ था भगवान विष्णु का पहला अवतार

Wed, 02 Apr 2014 02:42 PM IST
राकेश/अमर उजाला, दिल्ली
राकेश/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 02 Apr 2014 02:42 PM IST
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jyanti matshya avtar katha

चैत्र नवरात्र का तीसरा दिन बड़ा ही खास माना जाता है। इसकी वजह यह है कि सृष्टि के निर्माण का काम जब ब्रह्मा जी शुरू किया तो चैत्र शुक्ल तृतीया के दिन भगवान विष्णु ने पहला अवतार लिया जो मत्स्य अवतार कहलाया।

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इस अवतार में भगवान का आधा शरीर मछली का और आधा शरीर मनुष्य का था। पुराण में वर्णित कथा के अनुसार संसार में चारों ओर फैले जल को देखकर ब्रह्मा जी चिंतित थे की उनकी सृष्टि कहां ठहरेगी।
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ब्रह्मा जी की चिंता दूर करने के लिए विष्णु जी ने मछली का रुप धारण किया और जल की तह में पहुंचकर अपने मुंह में मिट्टी भर लाए।

इस मिट्टी से धरती के निर्माण का काम शुरु हुआ। यह उसी प्रकार की प्रकिया थी जैसे दूध में दही डालकर दूध जमाया जाता है। ब्रह्मा जी ने अनंत जल में उस मिट्टी से ठोस पृथ्वी का निर्माण किया। इसके बाद ब्रह्मा जी की सृष्टि को ठहरने के लिए धरती माता की गोद मिल गई।
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