फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   janmashtmi story of krishna son samb

दुर्योधन की बेटी और श्री कृष्ण के बेटे के बीच यह कैसा रिश्ता?

Tue, 12 Aug 2014 12:29 PM IST
Updated Tue, 12 Aug 2014 12:29 PM IST
विज्ञापन
janmashtmi story of krishna son samb

भगवान श्री कृष्ण की हजारों पत्नियों में से रुक्मणी और जाम्बवती प्रमुख पत्नी थी। इनमें जाम्बवती से भगवान श्री कृष्ण को एक पुत्र प्राप्त हुआ जिसका नाम सांब था।

विज्ञापन


भगवान श्री कृष्ण का यह पुत्र श्री कृष्ण की तरह ही सुंदर और आकर्षक तथा रसिक स्वभाव का था। इनके रुप पर दुर्योधन की पुत्री लक्ष्मणा मोहित हो गई। सांब भी लक्ष्मण के सौन्दर्य से प्रभावित होकर उनसे प्रेम करने लगे।

विज्ञापन

श्री कृष्ण के पुत्र तब किया यह काम

janmashtmi story of krishna son samb

एक समय ऐसा आया जब लक्ष्मणा और साम्ब ने श्री कृष्ण और रूक्मिणी की तरह प्रेम विवाह करने का विचार किया। इसका कारण यह था कि कौरव लक्ष्मणा का विवाह श्री कृष्ण के पुत्र से नहीं करना चाहते थे।

इसलिए एक दिन साम्ब ने लक्ष्मणा से प्रेम विवाह कर लिया और लक्ष्मणा को अपने रथ में बैठाकर द्वारिका ले जाने लगा। जब यह बात कौरवों को पता चली तो कौरव अपनी पूरी सेना लेकर साम्ब से युद्घ करने आ पहुंचे।

बलराम ने होते तो भगवान श्री कृष्ण के इस बेटे का क्या होता?

janmashtmi story of krishna son samb

कौरवों की सेना का साम्ब अकेला सामना नहीं कर पाया और कौरवों ने साम्ब को बंदी बना लिया। यह बात जब श्री कृष्ण और बलराम को मालूम हुआ तो बलराम हस्तिनापुर चल पड़े। बलराम ने कौरवों से कहा कि वह साम्ब को मुक्त करके और लक्ष्मणा के साथ विदा कर दें।

लेकिन कौरवों ने बलराम की बात नहीं मानी। बलराम को इससे बड़ा क्रोध हुआ और उन्होंने अपने हल का प्रहार हस्तिनापुर पर किया और पूरे हस्तिनापुर को खींचकर गंगा में डूबोने चल पड़े।

कौरवों ने बलराम का यह रौद्र रूप देखा तो भयभीत हो गए। सभी ने बलराम से माफी मांगी और सांब को लक्ष्मणा के साथ विदा कर दिया। द्वारिका में सांब और लक्ष्मणा का वैदिक रीति से विवाह संपन्न हुआ।


विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed