यहां एक नहीं लाखों शिवलिंग हैं, लेकिन क्यों

टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 21 Jan 2014 10:44 AM IST
jangambari math shivling varanasi
भगवान शिव को शास्त्रों और पुराणों में संहारकर्ता के रुप में मान्यता प्राप्त है। पुराणों में बताया गया है कि काशी नगरी यानी वर्तमान वाराणसी नगरी के स्वामी भगवान शिव हैं।

संहारकर्ता भगवान शिव की इस नगरी में मृत्यु और शिवलिंग के बीच एक गजब का नाता है। इस नगरी में एक प्राचीन मठ है जिसका नाम है जंगमवाडी मठ। यह मठ दक्षिण भारतीय वीरशैव संप्रदाय के लोगों का है।

इस मठ में हर तरह आपको शिवलिंग ही शिवलिंग नजर आएगा। यह शिवलिंग किसी की मृत्यु की निशानी है। दरअसल यहां वर्षों से एक परंपरा चली आ रही है। जिसके अनुसार अगर किसी की मृत्यु हो जाती है तो इस संप्रदाय के लोग आत्मा की शांति के लिए पिण्डदान नहीं करते।

इस संप्रदाय के लोगों का मानना है कि पिण्डदान की बजाय शिवलिंग का विधिवत दान करने से आत्मा को शांति मिल जाती है। इस परंपरा के कारण इस मठ में दान किए गए शिवलिंग की संख्या लाखों में हो गई है। यानी आपको अगर एक साथ लाखों शिवलिंग के दर्शन करने की इच्छा हो तो इस मठ में आ सकते हैं।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all spirituality news in Hindi related to religion, festivals, yoga, wellness etc. Stay updated with us for all breaking news from fashion and more Hindi News.

Spotlight

Most Read

Religion

राम ने रावण को कितने मौके दिए?

सबके मन में प्रतिशोध की भावना होती है। सबके अपने संकल्प होते हैं। लेकिन जो लोग विपरीत हैं, उनका क्या करें? बनाना है राम राज्य और प्रयोग कर रहे हैं रावण राज का।

12 जनवरी 2018

Related Videos

सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन पर कोलकाता में हुआ ये

आजादी के संघर्ष की ‘संज्ञा’ बने सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन पर कोलकाता में रैली निकाली गई। इस रैली के जरिए ‘बोस’ को याद किया गया। इस दौरान ‘नेता जी अमर रहें’ और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगे।

23 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper