Shivling at Home: घर के मंदिर में शिवलिंग रखना सही है या नहीं, जानें क्या कहता है धर्मशास्त्र
Can we Keep Shivling at Home: आज भी लोगों के मन में जो सबसे बड़ा सवाल आता है, वह यह है कि क्या इसे मंदिर में रखना चाहिए? क्या मंदिर में शिवलिंग की स्थापना करना शुभ माना जाता है। इसका उत्तर धर्मशास्त्रों में स्पष्ट रूप से दिया गया है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी सवाल का जवाब देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिंदू धर्म में शिवलिंग की काफी मान्यता है। इसे भगवान शिव के सर्वोच्च प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। यह कोई पत्थर का टुकड़ा नहीं है, बल्कि शिव शक्ति का प्रतीक है। लोग मंदिर में जाकर दूध और गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। वहीं, कई घर में ही शिवलिंग की पूजा करते हैं। हालांकि, आज भी लोगों के मन में जो सबसे बड़ा सवाल आता है, वह यह है कि क्या इसे मंदिर में रखना चाहिए? क्या मंदिर में शिवलिंग की स्थापना करना शुभ माना जाता है। इसका उत्तर धर्मशास्त्रों में स्पष्ट रूप से दिया गया है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी सवाल का जवाब देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
शिवलिंग की स्थापना के यह हैं खास नियम
जब भी आप मंदिर में घर के मंदिर में शिवलिंग की स्थापना करें तो सबसे पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। मंदिर या घर में इसे स्थापित करने के लिए सही विधि और शुद्धता का पालन करना चाहिए। अगर इसे गलत तरीके से या बिना किसी जानकारी के रखा जाए या पूजा में लापरवाही बरती जाए, तो इसका सकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है। ऐसे में आपको यह ध्यान देने की जरूरत है कि जब भी आप शिवलिंग की स्थापना करें तो ऐसे स्थान पर स्थापित करें जो शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा से भरा हो। शिवलिंग का गंगाजल, दूध, शहद और जल से अभिषेक करना बेहद आवश्यक होता है।
अगर एक बार शिवलिंग स्थापित करने के बाद, उसे बिना पूजा के नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
क्या मंदिर में शिवलिंग रखना सही है?
धर्मशास्त्रों के अनुसार, पूजा घर में शिवलिंग नहीं रखना चाहिए। अगर रखते भी हैं तो पारद का शिवलिंग रख सकते हैं। यदि आप नियमित रूप से शिवलिंग की पूजा कर सकते हैं, तो इसे मंदिर में रखना शुभ माना जाता है। शिवलिंग की स्थापना से घर या मंदिर में सकारात्मत ऊर्जा का संचार होता है और सकारात्मकता बढ़ती है। लेकिन यदि इसे बिना उचित देखभाल के छोड़ दिया जाए, तो यह अनुचित माना जाता है।
इस बात का खास दें ध्यान
शिवलिंग की पूजा पूरी श्रद्धा और नियमों के अनुसार होनी चाहिए। इसे हमेशा ढककर रखें ताकि कोई अपवित्रता न हो। यदि पूजा करने का समय नहीं है, तो शिवलिंग को स्थापित करने से बचें। यदि सभी नियमों का पालन किया जाए, तो शिवलिंग की उपस्थिति से जीवन में शांति, सुख और समृद्धि आती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।