फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   is conversion in hindu religion is right?

क्या गैर हिंदू व्यक्तियों को हिंदू बनाना शास्त्र के अनुसार सही?

Fri, 12 Dec 2014 08:09 AM IST
Updated Fri, 12 Dec 2014 08:09 AM IST
विज्ञापन
is conversion in hindu religion is right?

आगरा के 37 मुसलिम परिवारों को धर्म परिवर्तन करवाकर हिंदू बनाए जाने का मामला सामने आने के बाद से यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह शास्त्रों के अनुसार सही है?

विज्ञापन


क्या हिंदू धर्म और वेद पुराण इस बात की इजाजत देते हैं कि गैर हिंदू व्यक्ति धर्म परिवर्तन करके हिंदू बन सकता है या उन्हें किसी तरह हिंदू बनाया जा सकता है?
विज्ञापन


इस बारे में धर्मशास्त्रियों का मत है कि शास्त्र में इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है। इसलिए न इसे शास्त्र सम्मत कहा जा सकता है और न शास्त्र के विरूद्ध।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन वे मानते हैं कि धर्म का चुनाव किसी भी व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर करता है, इसमें किसी तरह का दबाव नहीं होना चाहिए।

अलग-अलग धर्मशास्त्रियों ने अमर उजाला से कहा कि प्रलोभन देकर या लालच के द्वारा हिंदू बनाया जाना गलत है।

धर्म परिवर्तन को लेकर शास्त्रों में क्या कहा गया है?

is conversion in hindu religion is right?

हिंदू धर्म का सबसे पवित्र ग्रंथ 'गीता' जिसे भगवान श्रीकृष्ण के मुख से उत्पन्न हुआ माना जाता है उसमें कहा गया है कि जिसमें श्रद्धा और भक्ति नहीं हो और जो इस गीताशास्त्र में रुचि नहीं रखता हो उसे गीता का उपदेश नहीं देना चाहिए।

तब किसी व्यक्ति का धर्म परिवर्तन करवाकर हिंदू बनाना शास्त्रों के अनुसार किस तरह उचित है? गैर हिंदू व्यक्ति का धर्म परिवर्तन करवाकर हिंदू बनाए जाने को लेकर दिल्ली स्थित ध्यान आश्रम के धर्म गुरु 'योगी अश्विनी' का कहना है कि शास्त्रों में धर्म परिवर्तन कर हिंदू बनने के बारे में कुछ नहीं कहा गया है।

उनका कहना है, "शास्त्र करीब साढ़े चार हजार साल पहले लिखे गए थे। उन दिनों सिर्फ सनातन धर्म था जिसका उद्देश्य वेदों और सृष्टि की रक्षा करना था। उन दिनों कोई अन्य धर्म नहीं था इसलिए शास्त्रों में धर्म परिवर्तन को लेकर कोई बात नहीं कही गई।"

यह तथ्य है कि आज जो इतने सारे धर्म और जातियां दिखती हैं वह शास्त्रों के लिखे जाने के बाद बनी हैं। खासकर ईसाई और इस्लाम।

उनका कहना है कि समय की मांग परिस्थिति के अनुसार सृष्टि की रक्षा के लिए एक नए धर्मों का जन्म हुआ। लेकिन धर्म परिवर्तन के सवाल पर उन्होंने कहा, "हिन्दू धर्म एक धर्म ही नहीं बल्कि जीने की कला भी है। इसलिए कोई भी इस धर्म को अपनी इच्छा से स्वीकार कर सकता है। लेकिन जोर जबर्दस्ती और प्रलोभन द्वारा धर्म परिवर्तन करवाना उचित नहीं है।"

द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने धर्म परिवर्तन करके हिंदू बनाए जाने पर कोई टिप्पणी नहीं कि लेकिन उन्होंने भी कहा कि लालच या प्रलोभन देकर किसी को भी हिंदू बनाया जाना गलत है।

हिंदू धर्म स्वीकार करने वालों की जाति क्या होगी?

is conversion in hindu religion is right?

जो लोग अन्य धर्म से हिन्दू धर्म में लौटकर आते है उनकी जाति क्या होगी? इस सवाल पर योगी अश्विनी का मत यह है कि वेदों में कर्म को प्रधानता दी गई है। गीता भी कर्म को प्रधानता देता है इसलिए जो जिस कर्म को करेगा उस कर्म के अनुसार ही उसकी जाति होगी।

हिंदू धर्म के जानकार पंडित जय गोविंद शास्त्री का मत भी योगी अश्विनी से मिलता जुलता है। इनका भी यही मत है कि शास्त्रों अन्य धर्म में जाने और अन्य धर्म से हिन्दू धर्म में आने की बात का कहीं उल्लेख नहीं मिलता।

पुराणों में कहीं भी धर्म को लेकर विभेद का जिक्र नहीं किया है। उन दिनों विभेद वंश को लेकर था क्योंकि उस समय वंशवाद का अस्तित्व था धर्म और जातिवाद का नहीं। कर्म के अनुसार व्यक्ति की जाति निर्धारित हो जाती थी।

हालांकि अभी यह सवाल अनुत्तरित है कि जब हिंदू धर्मावलंबी कर्म के अनुसार अपनी जाति नहीं चुन सकते तो बाहर से इस धर्म में आए किसी व्यक्ति को यह स्वतंत्रता कैसे मिल सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed