जानें हरियाली तीज में हरी चूड़ियों का महत्व

Rakesh Jha Updated Fri, 03 Aug 2012 04:26 PM IST
importance of green bangles in hariyali teej
सावन का महीना प्रेम और उत्साह का महीना माना जाता है। इस महीने में नई-नवेली दुल्हन अपने मायके जाकर झूला झूलती हैं और सखियों से अपने पिया और उनके प्रेम की बातें करती हैं।

प्रेम के धागे को मजबूत करने के लिए इस महीने में कई त्योहार मनाये जाते हैं इनमें एक त्योहार है हरियाली तीज। यह त्योहार हर साल सावन शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है। इस वर्ष यह 22 जुलाई को मनाया जा रहा है।

हरियाली तीज की कथा
इस त्योहार के विषय में मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए जो तपस्या की थी उससे प्रसन्न होकर शिव ने हरियाली तीज के दिन ही पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था।

इस त्योहार के विषय में मान्यता है कि इससे सुहाग की उम्र लंबी होती है। कुंवारी कन्याओं को इस व्रत से मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।

महत्व हरे रंग का
इस त्योहार में हरी चूड़ियां, हरा वस्त्र और मेंहदी का विशेष महत्व है। मेंहदी सुहाग का प्रतीक चिन्ह माना जाता है। इसलिए महिलाएं सुहाग पर्व में मेंहदी जरूर लगाती है। इसकी शीतल तासीर प्रेम और उमंग को संतुलन प्रदान करने का भी काम करती है।

ऐसा माना जाता है कि सावन में काम की भावना बढ़ जाती है। मेंहदी इस भावना को नियंत्रित करता है। हरियाली तीज का नियम है कि क्रोध को मन में नहीं आने दें। मेंहदी का औषधीय गुण इसमें महिलाओं की मदद करता है।  

परिवार की खुशहाली
सावन में पड़ने वाली फुहारों से प्रकृति में हरियाली छा जाती है। सुहागन स्त्रियां प्रकृति की इसी हरियाली को अपने ऊपर समेट लेती हैं। इस मौके पर नई-नवेली दुल्हन को सास उपहार भेजकर आशीर्वाद देती है।

कुल मिलाकर इस त्योहार का आशय यह है कि सावन की फुहारें की तरह सुहागनें प्रेम की फुहारों से अपने परिवार को खुशहाली प्रदान करेगी और वंश को आगे बढ़ाएगी।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all spirituality news in Hindi related to religion, festivals, yoga, wellness etc. Stay updated with us for all breaking news from fashion and more Hindi News.

Spotlight

Most Read

Religion

जानिए क्या होता है पितृ दोष और इसके लक्षण

हमारे पूर्वज या पारिवारिक सदस्य जिनकी मृत्यु हो चुकी है उन्हें पितृ कहते हैं। पितृदोष के कारण जीवन में कई तरह की परेशानियां आती हैं।

16 जनवरी 2018

Related Videos

GST काउंसिल की 25वीं मीटिंग, देखिए ये चीजें हुईं सस्ती

गुरुवार को दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की 25वीं बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस मीटिंग में आम जनता के लिए जीएसटी को और भी ज्यादा सरल करने के मुद्दे पर बात हुई।

18 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper