गुरु नानक जयंती 2017: गुरु नानक देव ने दिखाई जीवन की सच्ची राह

रमेश बग्गा चोहला, नई दिल्ली Updated Sat, 04 Nov 2017 09:23 AM IST
guru nanak dev jayanti 2017 celebrates the birth of the first Sikh Guru
सिख धर्म, बाकी सब धर्मों से छोटी उम्र का होने के कारण आधुनिकता के ज्यादा नजदीक है। इस धर्म को वैज्ञानिक धर्म भी कहा जाता है। इसके बानी श्री गुरु नानक देव जी ने संगतों को विशेष तौर पर वैज्ञानिक विचारधारा प्रदान की है। सिख धर्म के संस्‍थापक श्री गुरु नानक देव जी ने गांव तलवंडी में बाबा कल्याणचंद्र उर्फ महिता कालू पटवारी तथा माता तृप्ता के घर में अवतार लिया। जिस काल में गुरु नानक देव जी ने अवतार लिया, वह समय  दुनिया में धर्म, कला, साहित्य, तथा ज्ञान के दोबारा स्‍थापित होने का समय था।
गुरु नानक देव जी को सात साल की आयु में गोपाल पंडित से हिंदी तथा नौ साल की आयु में पंडित ब्रिजलाल से संस्कृत पढ़ने के लिए भेजा। 13 साल की उम्र में  गुरु जी फारसी की तालीम लेने मौलवी कुतुबुद्दीन के पास गए। गुरु नानक देव जी ने यहां उस्तादों से संसारी शिक्षा गृहण की, वहीं उन उस्तादों को सच्ची शिक्षा (रब्बी ज्ञान) का पाठ भी पढ़ाया।
 
 
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