फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Garuda Purana After the funeral do not look back know what is the reason behind it

Garuda Purana: अंतिम संस्कार के बाद नहीं देखते पीछे मुड़कर, जाने क्या है इसके पीछे का कारण

Wed, 05 Jan 2022 07:50 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Wed, 05 Jan 2022 07:50 AM IST
सार

Garuda Purana: गरुड़ पुराण में दाह संस्कार के नियमों के अंतर्गत यह जानकारी दी गई है कि अंतिम संस्कार के बाद व्यक्ति को पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे का कारण।  

विज्ञापन
Garuda Purana After the funeral do not look back know what is the reason behind it
Garud purana - फोटो : istock

विस्तार

गरुड़ पुराण 18 पुराणों में से एक है। इन 18 पुराणों में से एक गरुड़ पुराण ही ऐसा है जिसमें मृत्यु के बाद की प्रक्रिया का जिक्र है। गरुड़ पुराण में व्यक्ति को सदाचार, नीति, यज्ञ, जप, तप, वैराग्य आदि के बारे में जानकारी दी गई है साथ ही मृत्यु के नियम और उसके बाद की स्थितियों के बारे में भी जानकारी दी गई है। गरुड़ पुराण में दाह संस्कार के नियमों के अंतर्गत यह जानकारी दी गई है कि अंतिम संस्कार के बाद व्यक्ति को पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे का कारण।  

विज्ञापन


आत्मा का अपने शरीर से मोह 
गरुड़ पुराण में जिक्र किया गया है कि मृत्यु के उपरांत मनुष्य का शरीर जरूर नष्ट हो गया हो लेकिन आत्मा काभी नष्ट नहीं होती। गरुड़ पुराण की मानें तो मनुष्य की आत्मा सूक्ष्म शरीर क्षारण कर अन्य लोकों में अपने पाप और पुण्य को भोगती और समय आने पर ही उसे पुन मनुष्य योनि की प्राप्ति होती है। परंतु मृत्यु उपरांत भी आत्मा का मोह अपने शरीर से अलग नहीं होता है और इसलिए वह मृत्यु के बाद भी आत्मा के रूप में अपने शरीर को जलते हुए देखती है। और यही कारण है कि आत्मा इस माया मोह के बंधन से मुक्त हो जाए इसलिए पीछे मुड़कर नहीं देखते। 
विज्ञापन


संबंधियों से मोह 
गरुड़ पुराण के अनुसार अपने शरीर के भस्म होने के बाद भी आत्मा का मोह नहीं जाता। वह अपने रिश्तेदारों या सगे संबंधियों के प्रति आकर्षित रहती है और उनके साथ वापस जाना चाहती है। ऐसे में सगे संबंधी यदि पीछे मुड़कर देखेंगे तो ऐसा लगेगा कि वह अभी तक उस व्यक्ति से जुड़े हुए हैं और ऐसे में  आत्मा के लिए मोह बंधन से मुक्त होना आसान नहीं होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

इसलिए अंतिम संकसर के बाद किसी भी व्यक्ति को पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए, ऐसा करने से आत्मा को ये संदेश जाता है कि अब उस आत्मा का मोह बंधन से मुक्त होने का समय आ गया है। 


दूसरों के शरीर में प्रवेश कर सकती है आत्मा 
गरुड़ पुराण के अनुसार एक मान्यता यह भी है दाह संस्कार होने के बाद आत्मा अपने परिजनों के पीछे पीछे आती है और वो किसी शरीर की तलाश में होती है। ऐसे में यदि कोई पीछे मुड़कर देखता है तो उसको अपने प्रति मोह दिख जाता है और वह उस शरीर पर कब्जा कर लेती है। ऐसा अक्सर कमजोर हृदय वाले लोगों या बच्चों के ऊपर हावी होती है। इसलिए दाह संस्कार के बाद ऐसे लोगों को  शमशान से लौटते समय आगे की ओर रखा जाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed