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गणेश चतुर्थी 2020: इस दिन क्यों वर्जित माने गए हैं चंद्रमा के दर्शन

Tue, 18 Aug 2020 07:40 AM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Tue, 18 Aug 2020 07:40 AM IST
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ganesh chaturthi 2020 ganesh utsav Why the moon is not seen on this day
गणेश चतुर्थी 2020 (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के रूप में बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है। यह दिन गणेश जी का जन्मोत्सव है। 2020 में गणेश चतुर्थी 22 अगस्त के दिन मनाई जाएगी। इस दिन लोग अपने घर में बप्पा को विराजमान करते हैं पूरे दस दिनों तक गणपित बप्पा की पूजा अर्चना कि जाती है और ग्यारवें दिन गणेश जी को विसर्जित करके अगले बरस जल्दी आने की प्रार्थना की जाती है। लेकिन चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन करना वर्जित माना गया है। मान्यता है कि इस दिन चंद्र दर्शन करने से व्यक्ति पर झूठा चोरी का आरोप लगने का डर रहता है। इसके पीछे एक पौराणिक कथा जुड़ी हुई है, जानिए कि गणेश चतुर्थी के दिन क्यों नहीं करने चाहिए चंद्रमा के दर्शन....

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चतुर्थी पर क्यों नहीं किए जाते चंद्रमा के दर्शन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : social media

इस संबंध मे कई कथाएं प्रचलित हैं जिनमें से एक कथा इस प्रकार है- एक बार रात्रि के समय गणेश जी अपने मूषक पर सवार होकर खेल रहे थे। कि अचानक मूषकराज को सर्प दिखा जिसे देखकर वे भय के मारे उछल पड़े, उनकी पीठ पर सवार गणेश जी भूमि पर जा गिरे। गणेश जी ने उठकर देखा कि कहीं कोई उन्हें देख तो नहीं रहा है। लेकिन रात्रि होने के कारण वहां कोई उपस्थित नहीं था। तभी अचानक किसी के जोर से हंसने की आवाज आई। यह आवाज किसी और की नहीं चंद्रदेव की थी। चंद्रदेव ने बप्पा का उपहास उड़ाते हुए कहा कि छोटा सा कद, और गज का मुख यह बात सुनकर गणेश जी को क्रोध आ गया, गणेश जी की सहायता करने के बजाय चंद्रदेव उनके स्वरुप का उपहास बना रहे थे।


 
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गणेश जी ने कहा कि जिस सुंदरता के अभिमान के कारण तुम मेरा उपहास उड़ा रहे हो, वह सुंदरता नष्ट हो जाएगी। गणेश जी के श्राप के कारण चंद्रदेव का रंग काला पड़ गया और समस्त संसार में अंधेरा हो गया, तब सभी देवों ने गणेश जी को समझाया और चंद्रदेव ने उनसे क्षमा मांगी। तब गणेश जी ने कहा कि मैं अपना श्राप वापस तो नहीं ले सकता लेकिन माह में एक बार आप पूर्ण रुप से काले रहेंगे और फिर धीर-धीरे प्रतिदिन आपका आकार बड़ा होता जाएगा।

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जिससे माह में आप एक बार अपने पूर्ण रुप में दिखाई देंगे। कहा जाता है तभी से चंद्रमा घटता-बढ़ता है। यह दिन चतुर्थी का दिन था। गणेश जी ने कहा कि मेरे वरदान के कारण आप दिखाई अवश्य देंगे, लेकिन इस दिन कोई भी अगर आपके दर्शन करेगा तो उसे अशुभ फल की प्राप्ति होगी। ताकि लोगों को यह बात स्मरण रहे। कहा जाता है तभी से चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन वर्जित माने गए हैं। 
 

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