फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   easter 2020 date in india know importance of easter festival

Easter Sunday 2020: ईस्टर संडे आज, जानिए क्या है ईसाई धर्म के लिए इसका महत्व

Sun, 12 Apr 2020 07:54 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Sun, 12 Apr 2020 07:54 AM IST
विज्ञापन
easter 2020 date in india know importance of easter festival
Easter Sunday 2020 Date: ईस्टर संडे के दिन बड़ी संख्या में ईसाई धर्म के लोग अपने परिवार संग चर्च में एकत्रित होते हैं और प्रार्थना में भाग लेते हैं।

Easter Sunday 2020 Date: ईस्टर संडे का त्योहार ईसाई समुदाय के लोगों के लिए बहुत ही महत्व रखता है। इस बार 12 अप्रैल, रविवार को ईस्टर संडे का पर्व है। दरअसल गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु को कई तरह की यातनाएं देते हुए सूली पर चढ़ा दिया गया था। इसके बाद ईस्टर संडे को प्रभु यीशु पुन: जीवित हो गए थे। प्रभु के दोबारा जिंदा होने की खुशी में ईसाई समुदाय के लोग इस दिन को खुशियों के तौर पर मनाते हैं। ईस्टर संडे के दिन बड़ी संख्या में ईसाई धर्म के लोग अपने परिवार संग चर्च में एकत्रित होते हैं और प्रार्थना में भाग लेते हैं। ईस्टर संडे के दिन पर दोबारा जीवित होने के बाद 40 दिनों तक रहकर अपने शिष्यों को सत्य के रास्ते पर चलने का संदेश दिया। 40 दिनों के बाद प्रभु यीशु ने दोबारा अपने प्राण को त्यागकर स्वर्ग की प्राप्ति हुई। 

विज्ञापन


ईस्टर डे का महत्व 
गुड फ्राइडे के दिन ईसा मसीह ने सत्य की रक्षा करते हुए और लोगों को सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए सूली पर चढ़कर अपने प्राण त्याग दिए थे। माना जाता है कि गुड फ्राइडे पर प्रभु यीशु की मृत्यु के बाद रविवार के दिन फिर से जीवित हो गए। तब से इस खुशी में ईस्टर संडे का पर्व मनाया जाता है। आइए जानते हैं ईसाई धर्म के इस सबसे बड़े त्योहार के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां....
विज्ञापन


- ईस्टर संडे को खजूर इतवार के नाम से भी जाना जाता है।

- ऐसा माना जाता है कि सूली पर लटकाए जाने के तीसरे दिन पर प्रभु यीशु फिर से जीवित हो गए थे।

- प्रभु यीशु के दोबारा जीवित होने को नव जीवन में बदलाव का प्रतीक माना जाता है।

-  प्रभु यीशु के दोबारा जीवित होने को सबसे पहले मरियम मगदलीनी नामक महिला ने देखा था  फिर अन्य महिलाओं को इसके बारे में बताया था। इसलिए सबसे पहले यह पर्व सुबह सवेरे महिलाओं के द्वारा आरंभ होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


- इस दिन सभी लोग गिरजाघरों में एकत्रित होकर पवित्र बाइबल पढ़ते हुए प्रभु यीशु के उपदेशों को याद किया जाता है।   

- ईस्टर संडे के दिन अंडों से सजावट की जाती है क्योंकि अंडे को बहुत ही शुभ माना जाता है। अंडे नया उत्साह और नई उंमग से भरने का संदेश देता है। इस दिन लोग एक दूसरों को अंडों को गिफ्ट के रूप में देते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed