Bhadrapada Month 2021: इस तारीख से लगेगा भाद्रपद मास, जानें इस माह से जुड़े नियम एवं व्रत-त्योहार
हिन्दू पंचांग के अनुसार सावन के बाद भादौ माह आता है जिसे भाद्रपद महीना भी कहा जाता है शुरू हो रहा है। यह हिन्दू पंचांग का छठा महीना होता है। वहीं चतुर्मास का यह दूसरा महीना होता है। भादौ माह में ही भगवान श्रीकृष्ण का रोहिणी नक्षत्र के वृष लग्न में जन्म लिया था।
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Bhadrapada Month 2021 Hindu Calendar: भाद्रपद महीना 23 अगस्त से शुरु हो रहा है और 20 सितंबर को समाप्त होगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार सावन के बाद भादौ माह आता है जिसे भाद्रपद महीना भी कहा जाता है शुरू हो रहा है। यह हिन्दू पंचांग का छठा महीना होता है। वहीं चतुर्मास का यह दूसरा महीना होता है। भादौ माह में ही भगवान श्रीकृष्ण का रोहिणी नक्षत्र के वृष लग्न में जन्म लिया था। कहते हैं जिस तरह से श्रावण मास में भगवान शिव की भक्ति होती है उसी तरह से भाद्रपद मास में श्रीकृष्ण की आराधना का महत्व है। यह माह साधना के लिए शुभ होता है। इसलिए इस माह में अपने मन को पूर्ण रूप से सात्विक विचारों से युक्त रखना चाहिए और ईश्वर का स्मरण करते हुए अपने कर्म में जुटना चाहिए। इसी प्रकार शास्त्रों में इस माह से जुड़े नियम बताए गए हैं। ये नियम खान-पान, रहन-सहन और पूजा पाठ से जुड़े हुए हैं।
भाद्रपद मास के नियम
इस मास में नियम के अनुसार, जमीन पर चटाई बिछाकर उस पर ही सोना चाहिए। साथ ही भाद्रपद माह में मांस, शहद, गुड़, हरी सब्जी, मूली एवं बैंगन भी भाद्रपद में नहीं खाना चाहिए। इससे स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। यदि आप नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं तो इस महीने इसका त्याग करें। सेहत के लिए नशीले पदार्थों का सेवन हानिकारक होता है। भाद्रपद मास में तेल से बनी चीजें भी खाने से बचना चाहिए। इस समय पाचन क्रिया कमजोर होती है। साथ ही अधिक मसालेदार चीजों को खाने से बचना चाहिए। साथ ही झूठ बोलने से भी बचें। इस महीने कई महत्वपूर्ण व्रत एवं त्योहार आते हैं। भाद्रपद मास के प्रमुख व्रत-त्योहार इस प्रकार हैं-
कजरी तीज
भाद्रपद की कृष्ण पक्ष की तृतीया को कजरी तीज के नाम से भी जाना जाता है। 25 अगस्त को कजरी तीज का पर्व पड़ रहा है। इसे भादौ तीज भी कहा जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु का कामना के लिए व्रत रखती हैं।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
कृष्ण जन्मोत्सव पर्व 30 अगस्त को है। भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय हुआ था। पूरे भारत में जन्माष्टमी बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है।
अजा एकादशी
अजा एकादशी व्रत 3 सितंबर को रखा जाएगा। हर साल यह व्रत भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है।
पिठौरी अमावस्या
हिंदू पंचांग के अनुसार पिठौरी अमावस्या 6 सितंबर को मनाई जाएगी। इस भाद्रपद अमावस्या को पिठौरी व कुशग्रहणी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है।
हरतालिका तीज
भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज पर्व आता है। इस बार यह त्योहार 9 सितंबर को पड़ रही है। इस दिन महिलाएं और लड़कियां सारा दिन निर्जल रह कर सौभाग्यवती रहने का वरदान प्राप्त करती हैं।
गणेश चतुर्थी
गणेश चतुर्थी पर्व 10 सितंबर को मनाया जाएगा। भगवान गणेश जी का जन्म भादप्रद माह के शुक्ल पक्ष कि चतुर्थी को हुआ था। इसलिए हर साल यह पर्व इसी दिन मनाया जाता है।
विश्वकर्मा पूजा
विश्वकर्मा पूजा 17 को है। इस दिन विधि भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा की जाती है। हर साल कन्या संक्रांति के दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है।
परिवर्तनी एकादशी
परिवर्तनी एकादशी 17 सितंबर को है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तनी एकादशी कहते हैं। इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु की उपासना करने का विधान है।
भाद्रपद पूर्णिमा
भाद्रपद पूर्णिमा 20 सितंबर को है। हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्र माह में आने वाली पूर्णिमा को भाद्रपद पूर्णिमा कहते हैं। पूर्णिमा की तिथि का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व बताया गया है।