फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Metaphysical ›   Return of Laxmi-Narayan

जिस घर में यह मूर्ति होती है नहीं रहती मां लक्ष्मी

Sat, 25 Oct 2014 11:51 AM IST
वैशम्पायन
वैशम्पायन Updated Sat, 25 Oct 2014 11:51 AM IST
विज्ञापन
Return of Laxmi-Narayan

विभुसेन उदार और प्रजावत्सल राजा थे। उन्होंने राज्य के शिल्पकारों की दुर्दशा देखकर एक बाजार लगवाया। उन्होंने घोषणा करवाई कि संध्याकाल तक जो कलाकृति अनबिकी रह जाएगी, उसे वह स्वयं खरीद लेंगे। एक दिन बाजार में एक शिल्पकार की सभी मूर्तियां बिक गईं, सिवाय एक के।

विज्ञापन


वह मूर्ति अलक्ष्मी की थी। शिल्पकार उसे लेकर राजा के पास पहुंचा। मंत्री राजा के पास था। उसने सलाह दी कि अलक्ष्मी की मूर्ति देखकर लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं। लेकिन राजा अपने वचन से बंधे थे, इसलिए उन्होंने वह मूर्ति खरीद ली।
विज्ञापन


पढ़ें, वार्षिक राशिफल 2015 दीपावली तक


दिन भर के कार्यों से निवृत्त होकर राजा जब सोने चले, तो उन्होंने रोने की आवाज सुनी। राजा ने देखा कि बेशकीमती वस्त्र-आभूषण से सुसज्जित एक स्त्री रो रही है। राजा ने कारण पूछा, तो जवाब मिला, मैं लक्ष्मी हूं। आज अलक्ष्मी की मूर्ति लाकर आपने मेरा अपमान किया। आप उसको महल से बाहर निकालें।
विज्ञापन
विज्ञापन


राजा ने यह कहते हुए मना कर दिया कि वह वचन से बंधे हैं। यह सुनकर लक्ष्मी चली गईं। राजा लौटने लगे, तभी फिर आहट हुई। मुड़कर देखा, तो वहां नारायण खड़े थे। उन्होंने कहा, आपने मेरी पत्नी लक्ष्मी का अपमान किया है। इसलिए मुझे भी जाना ही होगा।


पढ़ें, जानिए आपके शरीर पर तिल के निशान का मतलब

राजा फिर अपने कक्ष में जाने को मुड़े। तभी एक और दिव्य आकृति पर उनकी निगाह पड़ी। आप भी इस महल को छोड़कर जाना चाहते हैं, तो चले जाइए, लेकिन मैं अपने धर्म से पीछे नहीं हट सकता, राजा ने कहा। वह आकृति बोली, मैं धर्मराज हूं। मैं आपको छोड़कर कैसे जा सकता हूं। उसी रात राजा ने सपने में देखा कि नारायण और लक्ष्मी उनसे कह रहे थे, राजन, जहां धर्म है, वहीं हमारा ठिकाना है। हम वापस लौट रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed