फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Astrology Archives ›   amar ujala 2015 rashiphal

वार्षिक राशिफलः 2015 दीपावली तक कैसा रहेगा आपका समय

Tue, 21 Oct 2014 03:10 PM IST
Updated Tue, 21 Oct 2014 03:10 PM IST
विज्ञापन
amar ujala 2015 rashiphal

मंत्र :-

विज्ञापन

स्थिरधनो रहितः सुजनैर्नरः सुतयुतः प्रमदाविजितो भवेत् ।
अजगतो द्विजराज इतिरित विभुतयाद भुतया स्वसुकीर्तिभाक्

अर्थ :- जन्म के समय चंद्र अगर मेष राशि में हो तो यह राशि वाला स्थिर संपत्ति रहित स्वजनों से युक्त, पुत्रवान स्त्रियों को जीतने वाला अपने आप ऐश्वर्य (अधिकार) यश प्राप्त करने वाला होता है।

साल की भविष्यवाणी
विक्रम संवत 2071 नव वर्ष के प्रारंभ 24/10/2014 में देव गुरू अपनी उच्च की राशि में हैं। दानवों के सेनापति राहु भी अपनी मित्र राशि में हैं, जबकि शनि उच्च राशि में पारगमन कर रहे हैं, हालांकि, 2 नवंबर से अगले ढ़ाई वर्ष के लिए शनि वृश्चिक राशि में पारगमन करेंगे। इसके अलावा शुक्र तथा बुध भी वर्ष की शुरूआत में अच्छा फल प्रदान करेंगे।
विज्ञापन


हालांकि, बहुत कुछ आपकी जन्म कुंडली के ग्रहों पर निर्भर करेगा। वर्ष मध्य में गुरु अपनी राशि बदलेंगे। 14/07/2015 से गुरु महाराज सिंह राशि में गोचर में होंगे; इससे पहले वह कर्क राशि में थे। इसके अलावा अन्य बड़े ग्रहों में किसी भी प्रकार की हलचल देखने को नहीं मिल रही है। इस वर्ष ग्रहीय परिवर्तनों के कारण आपके जीवन में किस तरह के बदलाव हो सकते हैं, के बारे में गणेशजी अब आपको बताने जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गणेशजी के अनुसार इस समय आप चल अचल संपत्ति की खरीदारी कर सकते हैं। इसके अलावा जो जातक मास्टर डिग्री कर रहे हैं, उनको भी सफलता मिलेगी। विदेश से संबंधित कारोबार में संलग्न जातकों को किसी भी प्रकार का फैसला लेने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति का मुआयना करना चाहिए।

वित्त तथा व्यवसाय :-
आपकी चंद्र राशि के अनुसार आपके वित्तीय स्थान का स्वामी शुक्र है एवं वर्ष के प्रारंभ में स्वगृही है। इस ग्रहीय स्थिति के अनुसार शुरूआत बहुत शानदार है। कुल मिलाकर बहुत बड़ा बदलाव नहीं होने वाला है, लेकिन नवंबर के बाद शनि महाराज आपके धन स्थान पर दृष्टि डालेगा। इस कारण आपकी आमदनी की गति धीमी होगी। नौकरी के स्थान में गोचर का राहु परिभ्रमण करेगा, जिसके कारण आपके मन में नौकरी परिवर्तन का विचार आएगा।

स्वास्थ्य :-
आपकी चंद्र राशि के अनुसार गणेशजी आपके स्वास्थ्य व रोग संबंधी बात करना चाहते हैं कि मंगल व बुध दोनों इस मामले में काफी महत्वपूर्ण ग्रह हैं। आपके रोग स्थान में राहु की उपस्थिति के कारण आपको मौसमी बीमारियां हो सकती हैं। इसके अलावा आपका अस्थास्थ्य महसूस करेंगे, लेकिन जब आप मेडिकल रिपोर्ट निकलवाने जाएंगे तो सामने कुछ नहीं आएगा। गणेशजी के अनुसार आपको शिवजी की पूजा करनी चाहिए, जो आपको राहत प्रदान करेगी।

प्रेम व वैवाहिक जीवन :-
प्रेम तथा वैवाहिक जीवन के लिए शुक्र बहुत महत्वपूर्ण ग्रह है। गणेशजी के अनुसार 04/11/2015 से 30/11/2015 तक की समय अवधि के दौरान आपके मन में किसी के प्रति प्रेमभाव उत्पन्न हो सकता है। इसके अलावा 25/07/2015 से 13/08/2015 तक की समय अवधि में आप प्रेम मामले में आगे बढ़ सकते हैं, ऐसी संभावना है। कुल मिलाकर यह वर्ष आपके लिए नकारात्मक नहीं है, बल्कि आपको मिश्रित फल मिलेंगे।

करियर तथ शिक्षा :-
करियर एवं शिक्षा की बात करते हुए गणेशजी कहते हैं कि जो जातक मास्टर डिग्री कर रहे हैं, उनके लिए 13/07/2015 तक का समय बहुत अच्छा है, क्योंकि गुरू

महाराज अपनी उच्च की राशि कर्क के बीच से पारगमन कर रहे हैं, जो आपकी राशि कुंडली से चौथा घर है। जो छात्र जातक बोर्ड की परीक्षा दे रहे हैं, उनके लिए वर्ष

मध्य से लेकर अगस्त 2015 तक की समय अवधि बहुत शानदार रहने की संभावना है क्योंकि इस समय आप पर गुरू की सकारात्मक दृष्टि रहेगी।

उपाय :-
मंगलवार को गाय को गुड़ और रोटी खिलाएं।
हनुमानजी के मंदिर में दीप दान करें।
मंगल कवच और सुन्दर कांड का पाठ करें।
कुबेर यन्त्र की स्थापना करे के उसकी हर दिन पूजा करें।
वृद्धाश्रम के लिए कुछ दान दे दो, और जरूरतमंद लोगों की मदद करें।

वृष राशि के लिए 2015 का हाल

amar ujala 2015 rashiphal

मंत्र :-
स्थिरगतिं सुमतिं कमनीयतां कुशलतां हि नृणामुपभोगताम् ।
वृषगतो हिमगु र्भृशमादिरोत सुकृतितः कृतितश्व सुखानि च ।।
अर्थ :-वृषभ राशि में चंद्र हो तब जन्म लेने वाले स्थिर गति वाले, बुद्धिमान, सुंदर कार्यों में कुशल, परोपकारी, हमेशा पुण्य और सेवाकार्य करनेवाले और हमेशा सुखी होते हैं।

साल की भविष्यवाणी
विक्रम संवत 2071 नव वर्ष के प्रारंभ 24/10/2014 में देव गुरू अपनी उच्च की राशि में हैं। दानवों के सेनापति राहु भी अपनी मित्र राशि में हैं जबकि शनि उच्च राशि में पारगमन कर रहे हैं, हालांकि, २ नवंबर से अगले ढ़ाई वर्ष के लिए शनि वृश्चिक राशि में पारगमन करेंगे। इसके अलावा शुक्र तथा बुध भी वर्ष की शुरूआत में अच्छा फल प्रदान करेंगे। हालांकि, बहुत कुछ आपकी जन्म कुंडली के ग्रहों पर निर्भर करेगा।

वर्ष मध्य में गुरु अपनी राशि बदलेंगे। 14/07/2015 से गुरु महाराज सिंह राशि में गोचर में होंगे; इससे पहले वह कर्क राशि में थे। इसके अलावा अन्य बड़े ग्रहों में किसी भी प्रकार की हलचल देखने को नहीं मिल रही है। गणेशजी देख रहे हैं कि इस वर्ष आपको खूब मेहनत करनी पड़ेगी।

आप सोचेंगे कि मेहनत तो हर वर्ष करते हैं, लेकिन इस वर्ष नया क्या है ? असल में गणेशजी कहना चाहते हैं कि इस वर्ष आपको ग्रहों का बहुत अधिक सकारात्मक सहयोग नहीं मिलेगा। वृषभ राशि की कुंडली में पापी ग्रह बलवान होने के कारण छात्र, संतान की इच्छा रखते दंपति एवं हिस्सेदारी में कारोबार करने वाले जातकों को मुश्किल का सामना करना होगा। इस कठिन समय से पार निकलने के लिए गणेशजी आपको कुछ उपाय बताएंगे, जिनको करने से आपकी मुश्किल हल हो सकती है।

वित्त तथा व्यवसाय :-
आपकी चंद्र राशि के अनुसार आपके वित्त स्थान का स्वामी बुध है, जो वर्ष की शुरूआत में राहु के साथ युति में है। गणेशजी ग्रहीय स्थितियां देखने के बाद आपको सलाह देते हैं कि 28/03/2015 से 12/04/2015 तक एवं  07/12/2015 से 26/12/2015 तक वित्तीय मामलों में सतर्कता बरतें। इस समय आपको केवल इतना करना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आपको उसके निर्णय के हानि व फायदे देखने हैं।

स्वास्थ्य :-
आपकी चंद्र राशि कुंडली के अनुसार आपके स्वास्थ्य तथा रोग के संबंध में गणेशजी बात करना चाहते हैं कि आपका के लिए शुक्र ग्रह काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दोनों स्थानों का स्वामी है। कुल मिलाकर कहें तो स्वास्थ्य के मामले में यह वर्ष आपके लिए नकारात्मक नहीं है। गणेशजी के अनुसार 18,19,20/05/2015, 15/06/2015 तथा 04/04/2015 को आप अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें।

प्रेम तथा वैवाहिक जीवन :-
प्रेम व वैवाहिक जीवन के लिए मंगल एवं बुध दोनों ग्रह महत्वपूर्ण हैं क्योंकि मंगल आपकी राशि के अनुसार जीवनसाथी तथा विवाह के गृह का स्वामी है जबकि बुध प्रेम के गृह का स्वामी है। हालांकि, आपकी जन्म कुंडली के ग्रहों की शक्ति के अनुसार आपको फल मिलेंगे। इस वर्ष के दौरान पांचवें स्थान में गोचर का राहु एवं सातवें स्थान में परिभ्रमण करता शनि आपकी सफलता के बीच बाधा पैदा करेगा। इस समय प्रेमी प्रेमिका के बीच किसी बात को लेकर तनाव रह सकता है। गणेशजी की सलाह है कि धैर्य व मौन दोनों आपके रिश्ते को बचा सकते हैं।

करियर तथ शिक्षा :-
गणेशजी ग्रहों की स्थिति को देखने के बाद बता रहे हैं कि इस वर्ष वृषभ जातकों को कठिन पथ से होकर गुजरना पड़ेगा। छात्र वर्ग इस समय अध्ययन में अपना पूरा ध्यान नहीं लगा पाएगा, क्योंकि परिभ्रमण करता राहु उनका ध्यान दूसरी चीजों की तरफ खींचेंगे। इस समस्या का समाधान करने के लिए गणेशजी आपको एक उपाय बताते हैं कि आप हर रोज भगवान शिवजी को पंचामृत अभिषेक करवाएं एवं रोज उनके सामने घी का दीपक जलाएं। हालांकि, 25 जुलाई के बाद गुरू के मार्गी होने से आप राहत महसूस करेंगे।

उपाय :-  
सात शुक्रवार तक सात कन्याओं को खीर खिलाएं।
शुक्रवार को खट्टा न खाएं।
16 शुक्रवार का व्रत करें और श्री सूक्त व कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
घर के आसपास गमले में फूल लगाएं।
'तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रूद्रः प्रचोदयात्'  का जाप करें।
शुक्र आपकी राशि का स्वामी है, इसलिए इस मंत्र का जाप करें -
"हिमकुन्दमृणालभम दैत्यानां परभम गुरुम, सर्वशास्त्रप्रवक्तार भार्गवं प्रणमाम्यहम"

मिथुन राशि के लिए 2015 का हाल

amar ujala 2015 rashiphal
मंत्र :-
प्रियकरः करमत्स्यपुतो नरः सुरतसौखभरो युवतीप्रियः।
मिथुनराशिगते हिमगौ भवेत्सुजनातजनकृत गौरवः।।
अर्थ :-मिथुन राशि स्थित चंद्र में जन्म हुआ हो वह लोगों में प्रिय, हाथ में मत्स्य रेखावाला, सुहावना, स्त्री प्रिय और स्वजनों से सम्मान पाने वाला होता है।

नया साल एक नजर में

विक्रम संवत 2071 नव वर्ष के प्रारंभ 24/10/2014 में देव गुरू अपनी उच्च की राशि में हैं। दानवों के सेनापति राहु भी अपनी मित्र राशि में हैं जबकि शनि उच्च राशि में पारगमन कर रहे हैं, हालांकि, २ नवंबर से अगले ढ़ाई वर्ष के लिए शनि वृश्चिक राशि में पारगमन करेंगे। इसके अलावा शुक्र तथा बुध भी वर्ष की शुरूआत में अच्छा फल प्रदान करेंगे। हालांकि, बहुत कुछ आपकी जन्म कुंडली के ग्रहों पर निर्भर करेगा। वर्ष मध्य में गुरु अपनी राशि बदलेंगे।

14/07/2015 से गुरु महाराज सिंह राशि में गोचर में होंगे; इससे पहले वह कर्क राशि में थे। इसके अलावा अन्य बड़े ग्रहों में किसी भी प्रकार की हलचल देखने को नहीं मिल रही है। गणेशजी देख रहे हैं कि इस वर्ष आपको गुरू ग्रह का पूर्ण सहयोग मिलेगा। लेकिन सुख स्थान में राहु, कर्म स्थान में केतु साथ साथ नौकरी स्थान में शनि का पारगमन जारी है, जो आपको परेशान करेंगे। गणेशजी कहते हैं कि आपको इस वर्ष पूजा पाठ पर ध्यान देना चाहिए, जो आपको राहत प्रदान करेगा।

वित्त तथा व्यवसाय :-
आपकी चंद्र राशि के अनुसार आपके आर्थिक स्थान का स्वामी चंद्र है। इस ग्रह की विशेषता है कि यह बहुत तेजी के साथ राशि बदलता है। इसके अलावा इस समय आपके आर्थिक सथान में से उच्च का गुरू पारगमन कर रहा है, जो आपके लिए शुभ संकेत है एवं यह पारगमन अगस्त 2014 तक जारी रहेगा।

गणेशजी के कहने का भावार्थ है कि आपको इस समय का पूरा पूरा लाभ लेना चाहिए। हालांकि, आपकी व्यक्तिगत जन्म कुंडली के ग्रहों की स्थिति के अनुसार आपको लाभ मिलेंगे। नौकरी पेशा जातकों को नवंबर महीने के बाद धीरे धीरे आगे बढ़ने की सलाह गणेशजी दे रहे हैं।

स्वास्थ्य :-
आपकी चंद्र राशि कुंडली के अनुसार बुध स्वास्थ्य एवं मंगल रोग स्थान का स्वामी है, इसलिए यह दोनों ग्रह काफी महत्वपूर्ण होंगे। गणेशजी के अनुसार यह दोनों ग्रह आपके अनुकूल है, इसलिए स्वास्थ्य अच्छा रहने की संभावना है।

हालांकि, 17/11/2015 से 16/12/2015 तक की समय अवधि दौरान आपको अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देना होगा, क्योंकि रोग स्थान में सूर्य शनि युति में होंगे। इसके अलावा उच्च अधिकारी या पिता के साथ वैचारिक मतभेद होने की संभावना है। इस कारण आपको मानसिक तनाव रह सकता है।

प्रेम तथा वैवाहिक जीवन :-

प्रेम तथा वैवाहिक जीवन के लिए शुक्र एवं गुरू दोनों शुभ ग्रह हैं। आपकी राशि के अनुसार गुरू वैवाहिक जीवन से संबंधित गृह का स्वामी है, यदि आप अच्छे जीवन साथी की तलाश में हैं, तो अधिक से अधिक गुरू मंत्र का जाप करना चाहिए, क्योंकि उच्च का गुरू आपकी मनोकामना पूरी करेगा।

इसके अलावा आपके प्रेम संबंधित स्थान का स्वामी शुक्र है, जिसको प्रेम देवता के नाम से भी पुकारा जाता है। गणेशजी इस ग्रह को भी अच्छी स्थिति में देख रहे हैं, जो आपके लिए शुभ है।

करियर तथा शिक्षा :-

गणेशजी के अनुसार करियर एवं शिक्षा के लिए यह समय काफी अनुकूल नजर आ रहा है क्योंकि इस समय गुरू आपके प्रयासों को समर्थन प्रदान करेगा। हालांकि, उनके लिए कठिन समय है, जो जातक मास्टर डिग्री या उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं क्योंकि राहु की बुरी दृष्टि परिस्थितियों को उनके प्रतिकूल बनाएगी। गणेशजी की सलाह है कि इस बुरे समय से छुटकारा पाने के लिए आपको शिवजी की पूजा करनी चाहिए।

उपाय :-
गणेशजी की पूजा करें और गणेश मंत्र का जाप करें।
27 बुधवार का व्रत करें।
घर में हरे परदे और चादर का उपयोग करें।
गाय को चारा खिलाएं।

बुध आपकी राशि का स्वामी है, इसलिए इस मंत्र का जाप करें -
प्रियंगु कलिकाश्यामम् रूपेणप्रतिमम् बुधम्
सौम्यं सौम्य गुणोपेतम् तं बुधम् प्रणम्यामहम्।।

कर्क राशि के लिए साल 2015

amar ujala 2015 rashiphal

मंत्र :-
वृषतुरंगम् विक्रम विक्रमन्द्वि ज सुरार्चनदानमनाः पुमान्।
शशिनि तौलिगते बहुदारभाग्विभव संभव संचित विक्रमः ।।
अर्थ :- जन्म के समय तुला राशि में चंद्र हो तो बैल, घोड़ा, वगैरह वाहन रखनेवाला, पराक्रमी, देव, ब्राह्मण वगैरह का भक्त, दानवीर, अनेक पत्नी वाला और वैभववान और संचित पुण्य से सुखी होता है।

नए साल पर एक नजर
विक्रम संवत 2071 नव वर्ष के प्रारंभ 24/10/2014 में देव गुरू अपनी उच्च की राशि में हैं। दानवों के सेनापति राहु भी अपनी मित्र राशि में हैं जबकि शनि उच्च राशि में पारगमन कर रहे हैं, हालांकि, 2 नवंबर से अगले ढ़ाई वर्ष के लिए शनि वृश्चिक राशि में पारगमन करेंगे।

इसके अलावा शुक्र तथा बुध भी वर्ष की शुरूआत में अच्छा फल प्रदान करेंगे। हालांकि, बहुत कुछ आपकी जन्म कुंडली के ग्रहों पर निर्भर करेगा। वर्ष मध्य में गुरु अपनी राशि बदलेंगे। 14/07/2015 से गुरु महाराज सिंह राशि में गोचर में होंगे; इससे पहले वह कर्क राशि में थे।

इसके अलावा अन्य बड़े ग्रहों में किसी भी प्रकार की हलचल देखने को नहीं मिल रही है। जब तक गुरू महाराज आपकी राशि के उपर से परिभ्रमण कर रहा है, तब तक आप जीवन के बहुत सारे बड़े कार्य करने में सफल होंगे। हालांकि, इसके बाद भी धन स्थान में गुरू का पारगमन आपके लिए सकारात्मक साबित होने वाला है। अगर आप छात्र हैं तो आपको मेहनत करने के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि नवंबर के बाद शनि आपके अभ्यास स्थान में प्रवेश करेगा।

आर्थिक तथा व्यवसाय :-
आपकी चंद्र राशि के अनुसार आपके आर्थिक स्थान का मालिक सूर्य है, जो आपकी मदद करेगा। गणेशजी की सलाह है कि आप नित्य सूर्य नारायण को पानी दें। गणेशजी के अनुसार आपको तांबे के कलश में शुद्घ जल लेकर उसमें साबुत चावल के दाने एवं थोड़ा सा कुमकुम मिलाएं। इस तरह आप सूर्य को जल अर्पित करें। हालांकि, ध्यान रहे कि जल किसी अपवित्र या दूषित जगह पर नहीं गिरना चाहिए।

स्वास्थ्य :-
गणेशजी आपकी चंद्र राशि कुंडली को देखने के बाद बता रहे हैं कि इस वर्ष आपको किसी भी बड़ी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा गणेशजी कहते हैं कि आपकी राशि बहुत भावुकता वाली है, इसलिए यदि  कोई आपको चोट पहुंचाता है तो आपके मन को दुख पहुंचता है, इसका सीधा असर आपके स्वास्थ्य पर पड़ सकता है, इस बात का भी आपको ध्यान रखना होगा। इसके अलावा मौसमी बीमारियों आपको जल्दी से पकड़ लेती है, इस साल इस तरह की संभावना है।

प्रेम तथा वैवाहिक जीवन :-
प्रेम तथा वैवाहिक जीवन के लिए मंगल एवं शनि के साथ शुक्र की उपस्थिति आपको बहुत बढ़िया परिणाम देगी। इस समय जिन जातकों के विवाह संबंधी बातचीत चल रही है, उनके लिए अच्छा समय कह सकते हैं, क्योंकि गुरू की कृपा से उनके रास्ते की मुश्किल हल होंगी एवं उनको सामने से सकारात्मक जवाब मिलेंगे। यदि आप प्रेम संबंधों में आगे बढ़ना चाहते हैं तो गणेशजी की सलाह है कि 20/11/2015 से 15/12/2015 तक की समय अवधि में सावधान रहें क्योंकि इस समय सूर्य शनि की युति आपको प्रभावित करेगी, जिसके कारण आप सही गलत में अंतर करने से चूक सकते हैं एवं भविष्य में आपको पछताना पड़ सकता है।

करियर तथा शिक्षा :-
करियर एवं शिक्षा संबंधी बात करें तो इस वर्ष शनि महाराज आपसे बहुत सारी मेहनत करवाने के प्रश्चात नवंबर के बाद थोड़ी सी सफलता दिलाने में मदद करेंगे। गणेशजी के अनुसार इस समय आपको श्री हनुमानजी की शरण में जाना चाहिए, ताकि आपके रास्ते की मुश्किलें आसान हो सकें। गणेशजी के अनुसार आपको श्री हनुमान चालीसा का जाप करना चाहिए, क्योंकि श्री हनुमान चालीसा में 'बल बुद्घि विद्या देहु' का उल्लेख भी है। इसके अलावा गणेशजी का संकटनाशक स्रोत्र का पाठ भी अद्भुत परिणाम उपलब्ध करवाता है।

उपाय :-
सोमवार का व्रत करें
शिव चालीसा का पाठ करें।
11 सोमवार तक एक मुट्ठी चावल या चीनी दान करें।
भाग्यसूक्त का जाप करें।
चन्द्र मंत्र का जाप करें -
II दधि शंख तुषाराभम्  क्षीरोदार्णव संभवम्
नमामि शशीनम् सोमं शंभोर्मुकुट भूषणम् II

सिंह राशि के लिए कैसा है नया साल

amar ujala 2015 rashiphal
मंत्र :-
अयलकाननयानमनोरथ गृहकलिं य गलोदरपीडनम्।
द्विजपतिर्मृगराजगतो तृणां वितनुते तनुतेजषाम्
अर्थ:- सिंह राशिगत चंद्र में जन्म हो तो वो मनुष्य वन और पर्वत पर रहने वाला, घर में कलेश करने वाला कंठ और पेट के दर्द वाला होता है।

नया साल एक नजर में
विक्रम संवत 2071 नव वर्ष के प्रारंभ 24/10/2014 में देव गुरू अपनी उच्च की राशि में हैं। दानवों के सेनापति राहु भी अपनी मित्र राशि में हैं जबकि शनि उच्च राशि में पारगमन कर रहे हैं, हालांकि, 2 नवंबर से अगले ढ़ाई वर्ष के लिए शनि वृश्चिक राशि में पारगमन करेंगे।

इसके अलावा शुक्र तथा बुध भी वर्ष की शुरूआत में अच्छा फल प्रदान करेंगे। हालांकि, बहुत कुछ आपकी जन्म कुंडली के ग्रहों पर निर्भर करेगा। वर्ष मध्य में गुरु अपनी राशि बदलेंगे। 14/07/2015 से गुरु महाराज सिंह राशि में गोचर में होंगे; इससे पहले वह कर्क राशि में थे।।

इसके अलावा अन्य बड़े ग्रहों में किसी भी प्रकार की हलचल देखने को नहीं मिल रही है। इसके कारण इस राशि के जातकों को शुभ फल मिलने की संभावना है। जो जातक विवाह करने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए भी समय काफी अनुकूल रहने की संभावना है। हालांकि गणेशजी आपको कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देने के लिए आग्रह कर रहे हैं, जैसे कि धन, परिवार एवं चल अचल संपत्ति।

आर्थिक तथा व्यवसाय :-
आपकी चंद्र राशि के अनुसार आपके आर्थिक स्थान का स्वामी बुध है, जो वर्ष प्रारंभ में स्वगृही होगा। हालांकि, गणेशजी आपको इस मामले में सतर्क रहने की सलाह देते हैं क्योंकि इस वर्ष के दौरान आपके धन स्थान से परिभ्रमण करता राहु धन की आमद में विघ्न डालेगा।

आमदनी व व्यय का संतुलन अस्थिर रहेगा। इस समय आपको धन मिलने में देरी हो सकती है या धन की आमद धीमी रह सकती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए आप किसी ज्योतिष से संपर्क कर सकते हैं एवं अपनी समस्या के अनुकूल रत्न धारण कर सकते हैं।

स्वास्थ्य :-
आपकी चंद्र राशि कुंडली के अनुसार आपके स्वास्थ्य स्थान का स्वामी सूर्य एवं रोग स्थान का स्वामी शनि ग्रह है। गणेशजी के अनुसार इस वर्ष स्वास्थ्य के मामले में आपको किसी भी प्रकार की बड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, आपको उस समय अवधि के दौरान काफी सावधानी बरतनी रहेगी, जो गणेशजी आपको नीचे बताने जा रहे है। गणेशजी के अनुसार 20/03/2015 से 13/09/2015 तक एवं 17/11/2015 से 16/12/2015 तक की समय अवधि में सावधान रहें, क्योंकि इस समय सूर्य कमजोर पड़ेगा।

प्रेम तथा वैवाहिक जीवन :-

आपकी चंद्र राशि कुंडली के अनुसार प्रेम तथा वैवाहिक जीवन के लिए वर्ष प्रारंभ की तुलना में वर्ष मध्य से लेकर वर्ष अंत तक का समय काफी अच्छा है क्योंकि इस समय के दौरान गुरू आपके वैवाहिक जीवन में सद्भाव व सुगमता लेकर आएगा।

इसके अलावा जो जातक अभी अविवाहित है, इस समय के दौरान वो अपने जीवन साथी की शोध के लिए कदम आगे बढ़ाएंगे। गणेशजी की सलाह है कि विवाह पक्का करने से पूर्व आप अपनी कुंडलियों को मिलान जरूर करवाएं।

करियर तथा शिक्षा :-
शिक्षा एवं करियर के मोर्चे पर सिंह राशि के जातकों को मिले जुले परिणाम मिल सकते हैं। गणेशजी देख रहे हैं कि जुलाई के पश्चात गुरू महाराज आपका पूरा समर्थन करेंगे, लेकिन नवंबर से शनि आपके चौथे स्थान में परिभ्रमण करेगा, जो मास्टर डिग्री या उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक जातकों के लिए चिंता का कारण बनेगा। इस समय आपको गुरू की उपासना करनी चाहिए, ताकि विपत्ति को टाला जा सके।

उपाय:-
रविवार का व्रत करें और सूर्य को अर्घ्य दें।
गायत्री मंत्र का जाप करें।
रविवार को दूध-भात या खीर जरूर खाएं।
रविवार को गरीबों को लाल या गुलाबी वस्त्र दान करें।
भगवान शिवा की पूजा करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
होमात्मक लघु रूद्र का पाठ करें।

कन्या राशि के लिए साल 2015

amar ujala 2015 rashiphal
मंत्र :-
युवतिगे शशिनि प्रमदाजनप्रबलकेलिविलाकुतूहलैः।
विमलशील सुताजननोत्सवै। सुविधाना सहित पुमान्।।
अर्थ :- कन्या राशि में चंद्र हो तो उस समय जन्म लेने वाले स्त्रियों को प्रसन्न करने में चतुर, विलास प्रिय, सुशील, शुद्ध मन के ज्यादा कन्या संतान वाले, सत्कार्य करने वाले और भाग्यशाली होते हैं।

नया साल एक नज़र में :-
विक्रम संवत 2071 नव वर्ष के प्रारंभ 24/10/2014 में देव गुरू अपनी उच्च की राशि कर्क में हैं। वर्ष मध्य में गुरु अपनी राशि बदलेंगे। 14/07/2015 से गुरु महाराज सिंह राशि में गोचर में होंगे। दानवों के सेनापति राहु भी अपनी मित्र राशि में है जबकि शनि उच्च राशि में पारगमन कर रहे हैं, हालांकि, 2 नवंबर से अगले ढ़ाई वर्ष के लिए शनि वृश्चिक राशि में पारगमन करेंगे।

इसके अलावा शुक्र तथा बुध भी वर्ष की शुरूआत में अच्छा फल प्रदान करेंगे। हालांकि, बहुत कुछ आपकी जन्म कुंडली के ग्रहों पर निर्भर करेगा। कुल मिलाकर आपके लिए यह नववर्ष चुनौतीपूर्ण रहने की संभावना है।

इस समय आपको बहुत संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ना होगा क्योंकि आपकी स्थिति सर्कस के उस व्यक्ति जैसी है, जो एक रस्सी पर चहलकदमी कर रहा है। इस समय आपको शारीरिक व मानसिक तौर पर तनाव महसूस हो सकता है। गणेशजी की सलाह है कि आपको शिवजी को शुद्घ जल अर्पित करना चाहिए।

आर्थिक तथा व्यवसाय  :-
आपकी चंद्र राशि के अनुसार आपके आर्थिक स्थान का स्वामी शुक्र है एवं अगर आपके पांचवें स्थान को ध्यान में लेते हैं तो उसका स्वामी शनि है, अगर इन दोनों ग्रहों को बलवान कर दिया जाए तो आपका आगामी समय बहुत शानदार गुजर सकता है। गणेशजी के अनुसार आप हर रोज अपने घर या कार्यालय स्थल स्थापित मंदिर में रखे श्री यंत्र के सामने बैठकर माता लक्ष्मी के मंत्रों का उच्चारण करें।

इसके अलावा आपको अपने दाहिने हाथ की मध्यमिका उंगली में लोहे की अंगूठी पहननी चाहिए। अगर आपको इससे कुछ फायदा होता नजर आए तो गणेशजी की आपको सलाह है कि आगे चलकर आपको नीलम रत्न धारण करना चाहिए।
स्वास्थ्य :-
आपकी चंद्र राशि की कुंडली के अनुसार आपके स्वास्थ्य एवं रोग संबंधित गृह का स्वामी क्रमशः बुध तथा शनि है। गणेशजी के अनुसार आपको इस वर्ष स्वास्थ्य संबंधी बहुत अधिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेकिन आपको इस समय सचेत रहने की जरूरत है, क्योंकि आपके पहले स्थान से गोचर का राहु पारगमन कर रहा है, जो आपको छोटी मोटी तकलीफ दे सकता है। सबसे हैरान करने वाली बात तो यह रहेगी कि आप अस्वास्थ्य महसूस करेंगे, लेकिन मेडिकल जांच या रिपोर्ट में आप स्वयं को स्वास्थ्य पाएंगे।

प्रेम तथा वैवाहिक जीवन :-  
इस वर्ष प्रेम तथा वैवाहिक जीवन के लिए रास्ता थोड़ा सा कठिन कह सकते हैं। इस समय आपके वैवाहिक जीवन संबंधित गृह में कोचर का केतु पारगमन कर रहा है, जिसके कारण आपके अपने जीवन साथी के साथ किसी न किसी बात को लेकर मतभेद हो सकते हैं।

इसके अलावा कारोबारी सहयोगी के साथ भी संबंध तनावपूर्ण रह सकते हैं। 24/08/2015 से 29/10/2015 तक बुध-राहु, 18/09/2015 से 17/10/2015 तक सूर्य-राहु एवं 04/11/2015 से 23/12/2015 मंगल -राहु की युति न केवल वैवाहिक जीवन में समस्या पैदा करेगी, बल्कि जीवन के अन्य पहलुओं को भी प्रभावित करेगी। गणेशजी की सलाह है कि इस समय आपको पूजा पाठ करना चाहिए।

करियर तथा शिक्षा :-
गणेशजी ग्रहों की स्थितियां देखने के बाद महसूस कर रहे हैं कि इस वर्ष आप मानसिक तौर पर बेचैन महसूस करेंगे। इसका प्रभाव आपके करियर व शिक्षा संबंधी मामलों पर भी देखने को मिलेगा। हालांकि, मध्य जुलाई 2015 तक गुरू की कृपा दृष्टि आप पर बनी रहेगी, जिसके कारण आपके प्रयासों को सफलता मिलेगी। जुलाई के बाद की ग्रहीय स्थितियां आपके भीतर विदेश में जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने संबंधी उत्सुकता पैदा करेंगी। इस बात को ध्यान में रखते हुए ठोस प्लानिंग बनाकर रखें।

उपाय :-
कन्या राशि वालों को भगवान विष्णु की पूजा और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए।
कन्या जातक को मूंग दाल का अधिक सेवन करना चाहिए।
बुधवार का व्रत भी लाभदायक होता है।
शिवा लिंगम पर शुद्ध जल चढ़ाये और इस मंत्र का जाप करें - ।। ॐ नवकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमही तन्नः सर्प प्रचोदयात ।।

तुला राशि के लिए साल 2015

amar ujala 2015 rashiphal
मंत्र   :-
वृषतुरंगम् विक्रम विक्रमन्द्वि ज सुरार्चनदानमनाः पुमान्।
शशिनि तौलिगते बहुदारभाग्विभव संभव संचित विक्रमः ।।
अर्थ  :- जन्म के समय तुला राशि में चंद्र हो तो व्यक्ति बैल, घोड़ा, वगैरह वाहन रखने वाला, पराक्रमी, देव, ब्राह्मण वगैरह का भक्त, दानवीर, अनेक पत्नी वाला और वैभववान और संचित पुण्य से सुखी होता है।

नया साल एक नज़र में :-
आपके लिए गुरू महाराज अभी शुभ परिमाण दे रहे हैं, जो व्यवसाय एवं उन्नति के लिए काफी फायदेमंद साबित होने वाला है। जुलाई के बाद आपकी संतान, विद्या एवं लाभ के लिए समय काफी बेहतर है। किन्तु नवंबर 2014 से शनि महाराज आपके धन स्थान में आएंगे, जिसके कारण आपकी आमदनी में गिरावट देखने को मिल सकती है।

इसके अलावा आपको राहु का प्रभाव भी परेशान कर सकता है। राहु के प्रभाव के कारण आपको आर्थिक नुकसान होने की संभावना है। हो सकता है कि इस समय आपको अदालत या अस्पताल के चक्कर काटने पड़े। इसका मुख्य कारण अच्छे एवं बुरे ग्रहों के बीच हो रहा संघर्ष है। गणेशजी कह रहे हैं कि कुल मिलाकर यह वर्ष बीते वर्ष के मुकाबले काफी बेहतर रहने की संभावना है।

आर्थिक तथा व्यवसाय  :-

आपकी चंद्र राशि के अनुसार आपके आर्थिक स्थान का स्वामी मंगल है एवं व्यवसाय के स्थान का स्वामी चंद्र है, यदि आप इन उपरोक्त बताए ग्रहों की पूजा करें एवं इनको बलवान करें तो आपको बहुत अच्छे लाभ प्राप्त हो सकते हैं। इसके अलावा व्यवसाय में प्रगति हो रही है, लेकिन आप आर्थिक लाभ से संतष्ट नहीं हैं। इसका मुख्य कारण व्यवसाय के स्थान में गुरू महाराज का शुभ एवं धन के स्थान में शनि अशुभ पारगमन है। गुरू व्यवसाय प्रगति दे रहा है, लेकिन शनि धन आने की चाल को कम कर रहा है। गणेशजी आपको सलाह देते हैं कि आप श्री यंत्र की पूजा करें, इससे आपका धन संकट दूर हो जाएगा।

स्थास्थ्य :-

गणेशजी आपकी चंद्र राशि आधारित कुंडली के अनुसार बता रहे हैं कि इस समय आपको मौसमी बीमारियां होने की संभावना है क्योंकि आपके रोग स्थान में केतु पारगमन कर रहा है। इस वर्ष आप इसलिए भी परेशान होंगे कि आपकी मेडिकल रिपोर्ट आपको स्वास्थ्य बताएगी, लेकिन आप अस्वास्थ्य का अनुभव करेंगे। गणेशजी के अनुसार आपको एक अच्छे पंडित के पास से सर्पसूक्त का पाठ करवाना चाहिए, इससे आपकी मुश्किलें काफी हद तक ठीक हो जाएँगी।

प्रेम तथा वैवाहिक जीवन :-
प्रेम संबंधों एवं वैवाहिकज जीवन के संबंध में गणेशजी ग्रहों की स्थिति देखने के बाद बता रहे हैं कि आप के लिए यह वर्ष न बहुत अच्छा है ना बुरा है। जुलाई के बाद आप पर गुरू महाराज की कृपा दृष्टि होगी। इस कारण आपके मन में किसी के प्रति प्रेम उमड़ेगा। गणेशजी की सलाह है कि प्रेम संबंध को प्रेम विवाह में बदलने से पहले आप अपनी दोनों की जन्म कुंडली का ज्योतिषीय तरीके से मिलान करवाएं। यह आप दोनों के भावी जीवन के लिए काफी अच्छा रहने वाला है।

करियर तथा शिक्षा :-
गणेशजी के अनुसार करियर तथा शिक्षा के मामले में यह वर्ष काफी सुखद रहने की संभावना है। इसके अलावा लाभ के स्थान से गुजर रहा गुरू आपके पांचवें गृह पर दृष्टि डाल रहा है, जो आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा। जो जातक मीडिया, मनोरंजन, ओटोमोबाइल के क्षेत्र में हैं, उनको जोरदार सफलता मिलने की संभावना है।

उपाय  :-  
शुक्रवार को व्रत रखना चाहिए।
शुक्रवार को मछलियों को दाना डालें।
श्रीयंत्र की नियमित पूजा से तुला जातक का भाग्य चमकता है।
शनिवार के दिन सुन्दरकाण्ड का पाठ करें।

वृश्चिक राशि के लिए नया साल

amar ujala 2015 rashiphal
मंत्र :-
शशधरे हि सरीसृपगे नरो नृपदरोदरजातधनक्षयः ।
कालिरुचिविबलः खलमानस कृशमनाः शमनापहतो भवेत् ।।

अर्थ :-वृश्चिक राशि स्थित चंद्र में जन्म लेने वाला व्यक्ति बहुत भावुक और गर्म दिमाग वाले होते हैं। कहा जाता था के यह धन नष्ट करने वाला, कपटी, कमजोर मन का, निर्णयशक्ति के अभाव वाला और अशांत मन वाला होते हैं।

नया साल एक नज़र में:-

आपकी चंद्र राशि के भाग्य स्थान से गुरू महाराज का परिभ्रमण हो रहा है एवं शनि की आप पर साढ़े साती चल रही है, जिसका दूसरा चरण शुरू हो रहा है।

इसके कारण आपको स्वास्थ्य संबंधी शिकायत रह सकती है एवं मानसिक संताप भी भोगना पड़ सकता है। हालांकि, गणेशजी आपको बता रहे हैं कि चुनौती से पार पाने के लिए आपको दृढ़ता से आगे बढ़ना होगा।

जो दंपति संतान की इच्छा रखते हैं, उनको मेडिकल उपचार के साथ आगे बढ़ना चाहिए। पांचवें गृह में केतु का पारगमन अशुभ है, इसलिए हो सकते तो शिवजी की पूजा को जारी रखें। छात्र वर्ग के लिए थोड़ा सा कठिन समय कह सकते हैं।

आर्थिक तथा व्यवसाय :-
आर्थिक तथा व्यवसाय संबंधित मामलों के लिए यह वर्ष नकारात्मक नजर नहीं आ रहा है, इसलिए आप राहत की सांस ले सकते हैं। गणेशजी कह रहे हैं कि इस समय व्यवासाय विस्तार के लिए आपको नये उत्पाद बाजार में उतारने चाहिए एवं नये कार्यालय खोलने चाहिए। हालांकि, गणेशजी की एक अन्य सलाह है कि जैसे ही आपका कारोबार गति पकड़ना शुरू करे, तो किसी भी प्रकार के दुस्साहस से बचें। इस समय आपको उधार धन लेने से बचना चाहिए, अन्यथा आप लाभ से वंचित रह सकते हैं।

स्वास्थ्य :-
गणेशजी आपके स्वास्थ्य को लेकर परेशान हैं, क्योंकि अगले ढ़ाई वर्ष तक गोचर का शनि आपको प्रभावित करेगा। आपको हड्डी या पसली से संबंधी रोग होने की संभावना बहुत अधिक है। जो जातक वृद्घ हैं, उनको घुटनों संबंधी तकलीफ हो सकती है। इस समय आपको श्री हनुमानजी एवं शनि देव महाराज की पूजा करनी चाहिए, जिनकी कृपा दृष्टि पड़ने से बहुत सारी समस्याएं हल हो सकती हैं।

प्रेम तथा वैवाहिक जीवन :-
यह वर्ष प्रेम संबंधों एवं वैवाहिक जीवन के लिए अधिक उत्साह जनक नजर नहीं आ रहा है। हालांकि, गणेशजी आपको एक अन्य बात कहना चाहते हैं कि घबराएं न क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति की जन्म कुंडली अलग होती है एवं उसके मौजूद ग्रहों का प्रभाव भी अलग रहता है। आपके प्रेम स्थान से पारगमन करता केतु आपको अच्छे फल प्रदान नहीं करेगा एवं विवाह के साथ से गुजर रहा है शनि भी आपको परेशान करेगा।

करियर तथा शिक्षा :-
छात्र वर्ग के लिए भी समय अनुकूल नहीं है क्योंकि केतु जैसा अशुभ ग्रह अभ्यास के स्थान से परिभ्रमण कर रहा है। इसके कारण आपका ध्यान भंग हो सकता है एवं आप विचलित महसूस करेंगे। इस वर्ष आपके इम्तिहानों के नतीजे प्रभावित हो सकते हैं।

गणेशजी आपको डरा नहीं, बल्कि सचेत कर रहे हैं, ताकि आप पहले से ही आने वाली चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार कर पाएं। यदि इस समय आप अनुशासित होने का प्रयास करते हैं तो हो सकता है कि आपको उतनी दिक्कत न आए, जितनी दिखायी पड़ रही है।

उपाय :-
मंगल आपका स्वामित्व ग्रह होने के कारण आपको हनुमानजी की उपासना, सुन्दरकाण्ड का पाठ, हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
कर्ज से मुक्ति के लिए ऋण मोचन मंगल स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार का व्रत करें।
गाय को गुड़ और मसूर की दाल खिलाएं।
स्फटिक माला से हर रोज़ 108 बार ॐ श्रीं श्रीये नम: का जाप करें।

मंगल के मंत्र का जाप करें -
II धरणीगर्भ संभूतं विद्युत्कांति समप्रभ
कुमारं शक्ति हस्तं तं मंगलम् प्रणम्यामहम् II

धनु राशि के लिए नया साल

amar ujala 2015 rashiphal
मंत्र :-
बहुकलाकुशलः प्रबलो महाविमलताकलितः सरलोक्तिभक्।
शशधरे तु धनुर्धरगे नरो धनकरो न करोति बहुव्ययम् ।।
अर्थ :- जन्म के समय पर धन राशि में चंद्र हो तो ऐसे लोग ज्यादा कलाओं में कुशल, बलवान, निर्मल चरित्र, स्पष्ट भाषी धनिक और अल्प (कम) खर्च करने वाले होते हैं।

नया साल एक नजर में:-
आप अपनी राशि के गुण अनुसार इस वर्ष भी कुछ नये लक्ष्य निर्धारित करेंगे, लेकिन हर वर्ष की तरह जल्दी में पूरा करने की बजाय गणेशजी आपको धैर्य के साथ आगे बढ़ने की सलाह देते हैं। शनि महाराज आपकी राशि कुंडली के अनुसार व्यव स्थान से भ्रमण कर रहे हैं।

यह आपके लिए शनि की साढ़े साती का पहला चरण है। इस समय बहुत सारे मामलों में देरी देखने को मिलेगी। आपकी राशि के स्वामी गुरू इस समय अपनी उच्च की राशि में हैं, लेकिन आठवें स्थान में उसका होना शुभ नहीं है। इसलिए हो सके तो जुलाई 2015 तक थोड़ा सा सतर्क रहें।

इसके अलावा राहु आपके व्यवसाय के साथ में है जबकि केतु महाराज सुख स्थान में परिभ्रमण कर रहे हैं। यह दोनों ग्रह आपको बुरी तरह प्रभावित करेंगे।

आर्थिक तथा व्यवसाय :-
आपकी चंद्र राशि की कुंडली अनुसार आपके धन स्थान का स्वामी शनि वृश्चिक राशि में पारगमन कर रहा है, जो व्यय का स्थान है। इसको ध्यान में रखते हुए गणेशजी कह रहे हैं कि आपको इस मामले में अधिक ध्यान रखने की जरूरत है, अन्यथा आपको वित्तीय नुकसान सहन करना पड़ सकता है।

इसके अलावा यदि आप चाहें तो श्री हनुमान जी की उपासना कर सकते हैं। उनकी कृपा से आपके भावी संकटों की भयावहता काफी कम हो सकती है। उधर, दसवें स्थान में राहु जैसा पापी ग्रह भ्रमण कर रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए आपको अधिक सावधानी बरतनी होगी। इस समय किसी को उधारी में माल देने से बचें।

स्वास्थ्य :-
स्वास्थ्य के मामले में इस वर्ष आपको बहुत अधिक बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। इस वर्ष आपको केवल ऋतु बदलाव के समय सचेत रहना होगा, क्योंकि मौसमी बीमारियां आपको जकड़ सकती हैं। इसके अलावा गोचर का मंगल आपके क्रोध को बढ़ाएगा, इसलिए तेज वाहन चलाते समय आप ध्यान रखें। कुल मिलाकर यह वर्ष स्वास्थ्य के मामले में आपको राहत प्रदान करेगा।

प्रेम तथा वैवाहिक जीवन :-

गणेशजी ग्रहों स्थितियों को देखने के बाद कह रहे हैं कि प्रेम संबंधों एवं वैवाहिक जीवन के संबंध में यह वर्ष काफी सुखद रहने वाला है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि आपके स्वभाव में मित्रता भाव है एवं दूसरों की बातों को उदारता पूर्ण सुनते हैं, जो किसी भी रिश्ते के भीतर जान डाल सकता है। इसके अलावा प्रेम संबंधो में आपको तनाव बिल्कुल पसंद नहीं है। इस समय आप प्रेम संबंधों एवं वैवाहिक मामलों में आगे बढ़ सकते हैं क्योंकि गणेशजी का आशीर्वाद सदैव आपके साथ है।

करियर तथा शिक्षा  :-

करियर तथा शिक्षा संबंधित स्थान का मालिक मंगल है। गणेशजी के अनुसार ग्रहीय स्थिति सही संकेत दे रही है। यदि हम इस वर्ष की तुलना बीते वर्ष से करते हैं तो यह वर्ष आपके लिए काफी अच्छा लग रहा है। इसका एक अन्य कारण है कि इस स्थान से केतु जैसा पापी ग्रह निकल गया है। हालांकि, उनके लिए थोड़ा सा मुश्किल समय साबित हो सकता है, जो मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए प्रयासरत हैं।

उपाय  :-  
प्रतिदिन पक्षियों को दान डालें। गाय को घास खिलाएं।
तुलसी के पत्ते का सेवन करें।
प्रतिदिन शिव मंदिर जाएं और शिवलिंग पर जल, पुष्प, अक्षत आदि चढ़ाएं।
घर से निकलने से पहले कुछ मीठा खाकर निकलें।
हनुमान चालीसा का पाठ करें।
गुरु आपकी राशि का स्वामी है, इसलिए इस मंत्र का जाप आपको लाभ देगा -
II देवानाम् च ऋषिनाम् च गुरूम् कांचन सन्निभम्
बुध्धिभूतम् त्रिलोकेशम् तं नमामि बृहस्पतिम् II

मकर राशि के लिए नया साल

amar ujala 2015 rashiphal
मंत्र  :-
कलितशरतभयः किल गीतवितनुरुषासहित मदनातुरः
निजकुलोत्तम्वृतिकरः परं हिमकर मकरे पुरुषो भवेत् ।।

अर्थ  :- मकर राशि के चंद्र में जन्म लेने वाले स्वभाव से थोड़े कायर, कलाप्रिय और संगीतकार, कामातुर और खुद के कुल की उत्तम परंपरा को बनाए रखने वाला होते हैं।

नया साल एक नजर में:-

आपकी राशि के बिल्कुल सामने से गुरू महाराज पारगमन कर रहे हैं। यह समय उन जातकों के लिए काफी अच्छा है, जिनकी विवाह संबंधी बात चल रही है। इसके अलावा गणेशजी उनको आगे बढ़ने की सलाह देते हैं, जो जातक विवाह करवाने के लिए विचार कर रहे हैं।

कदाचित आपका भाग्य आपका साथ न दे, क्योंकि भाग्य के स्थान में राहु पारगमन कर रहा है। इसके अलावा आपके लाभ के साथ में शनि है, जो आपको मानसिक तौर पर परेशान कर सकता है। गणेशजी की सलाह है कि आपको माता जी की पूजा करनी चाहिए, इससे समस्या काफी हद तक हल हो सकती है।

आर्थिक तथा व्यवसाय :-

आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए गणेशजी आपको एक शानदार उपाय बताना चाहते हैं। इस उपाय की मदद से आपको हमेशा सुख समृद्घि एवं एश्वर्या की प्राप्ति होगी।

आपको अपने घर या कार्यालय में पूजास्थल पर श्रीयंत्र की स्थापना करनी चाहिए। हर रोज उसके सामने बैठकर श्री सूकत का पाठ करो। इससे व्यवसाय के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी आपको लाभ प्राप्त होगा। कुल मिलाकर कहें तो आर्थिक तथा व्यवसाय के लिए यह वर्ष नकारात्मक नहीं है।

स्वास्थ्य :-
गणेशजी के अनुसार स्वास्थ्य के मामले में यह वर्ष काफी सकारात्मक नजर आ रहा है। हालांकि, मौसमी बीमारियां आपको परेशान कर सकती हैं। यदि आप मधुमेह के रोग से पीड़ित हैं तो आपको वर्ष की पहली तिमाही के दौरान काफी परेशानी सहन करनी पड़ सकती है। इसके अलावा इस वर्ष स्वास्थ्य के मामले में किसी भी प्रकार की बड़ी परेशानी नहीं है।

प्रेम तथा वैवाहिक जीवन :-
वैवाहिक जीवन के लिए राहत की बात है कि गुरू अपने स्वयं के सातवें स्थान से पारगमन कर रहा है। विवाहित जातकों के अलावा अविवाहित जातकों के लिए भी जुलाई २०१५ तक का समय बहुत अच्छा है। इस समय विवाह संबंधित बात को आगे बढ़ाया जा सकता है। प्रेमी जातकों के लिए शुक्र काफी फलदायी साबित होने वाला है।

करियर तथा शिक्षा :-

शिक्षा के मामले में शुक्र ग्रह हमेशा आपको फलदायी रहा है क्योंकि शुक्र शुभ ग्रह है तथा श्लोक में बताए अनुसार सर्व शास्त्र में इसके प्रवक्तारम होने से, आपको ज्ञान प्राप्त करना तथा देना अच्छा लगता है। हालांकि,  18/5/2015-19/05/2015, 20/05/2015 एवं 16/06/2015 तारीख के दौरान आपको काफी सावधान रहने की जरूरत है।

उपाय :-
आसमानी रंग वाले श्री गणेशजी की आराधना करनी चाहिए।
हाथी को मोदक या गुड़ रोटी खिलाएं व 108 दूर्वा चढ़ावें।
भगवान शिव को दही, शहद, गन्ने का रस और घी का अर्पण करें, जिससे आपकी समृद्धि बढ़ेगी।
हर शनिवार बंदरों को खाना खिलाएं।
शनि आपकी राशि का स्वामी है। इसलिए इस मंत्र का जाप करें -
।। नीलांजन  समाभासम्  रविपुत्रं यमाग्रजम्
छायामार्तंड संभूतम् तं नमामि शनैश्चरम्।।

कुंभ राशि के लिए नया साल

amar ujala 2015 rashiphal

मंत्र :-
अलसत्तासहितोडन्यसुतप्रियः कुशलताकलितोडतिविचक्षणः ।
कलशगामिनि शीतकरे नमः प्रशमितः शमितोरुरिपुवजः ।।
अर्थ :- कुंभ स्थित चंद्र में जन्म लेने वाला आलसी, दूसरे के संतानों पर प्रेम रखने वाला, कार्य में कुशल- पंडित, शांत और शत्रु को जीतने वाला होता है।

विक्रम संवत 2071 - एक नज़र:-
आपकी चंद्रराशि के अनुसार गुरू ग्रह आपके नौकरी के स्थान में पारगमन कर रहा है, जबकि केतु आपके आर्थिक स्थान में परिभ्रमण कर रहा है। इसको देखते हुए गणेशजी कहते हैं कि नौकरी में बदलाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन आर्थिक तौर पर किसी प्रकार का फायदा हो, ऐसा कहना मुश्किल है। नवंबर महीने से शनि आपके कर्म-व्यवसाय स्थान में परिभ्रमण करेगा, जिसके कारण व्यवसाय में प्रगति की चाल धीमी होने की संभावना है। इस चुनौतीपूर्ण समय से बचने के लिए आपको श्री हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए।

आर्थिक तथा व्यवसाय :-
आर्थिक मामलों में लिए यह समय काफी दुविधाजनक है। इसका मुख्य कारण है कि इस समय आर्थिक मामलों से संबंधित घर के बीच से केतु परिभ्रमण कर रहा है, जो आपके रास्ते में अड़चन पैदा करेगा। इसको ध्यान में रखते हुए आपको इस तरह का उपाय करने चाहिए, ताकि राहु परिभ्रमण के कारण उत्पन्न होने वाली अड़चनों का प्रभाव कम हो जाए। इसके अलावा व्यवसाय के स्थान में शनि की मौजूदगी प्रगति की चाल को धीमा करेगी।

स्वास्थ्य :-
आपकी राशि कुंडली के मुताबिक आपके स्वास्थ्य से संबंधित स्थान का मालिक शनि महाराज है जबकि रोग स्थान का मालिक चंद्रमा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि धीमी गति से आगे बढ़ता है जबकि चंद्रमा बहुत तेज गति के साथ आगे बढ़ता है। इस ग्रहीय परिवर्तन के कारण आपको मौसमी बीमारियां बहुत जल्द अपनी गिरफ्त में लेती हैं एवं बहुत जल्द तबीयत सामान्य भी हो जाती हैं। इसके अलावा आपको 04/04/2015 तथा 28/09/2015 तारीख के आस पास संभलकर रहने की सलाह है।
प्रेम तथा वैवाहिक जीवन :-
वैवाहिक जीवन के लिए आने वाला समय काफी शुभ है। गणेशजी ग्रहीय स्थिति देखने के बाद कहते हैं कि जिन विवाहित जातकों की रिश्ते संबंधी बात आगे न बढ़ती हो, उनको चिंतित होने की जरूरत नहीं, क्योंकि 14/07/2015 के बाद का समय गुरू महाराज की कृपया के कारण बहुत अच्छा है। इस कारण आपको सुंदर जीवन साथी मिलने की संभावना है।

करियर तथा शिक्षा :-
ग्रहीय स्थितियां देखने के बाद शिक्षा के मामले में गणेशजी आपको इस वर्ष विशेषकर 24/08/2015 से 29/10/2015 तक की समय अवधि के दौरान सचेत रहने की सलाह देते हैं। इसका मुख्य कारण बुध का कमजोर होना है। और साथ ही, आपकी कुंडली में शिक्षा संबंधी इस ग्रह का बहुत महत्व है।

उपाय :-
भोजन में काला नमक और काली मिर्च का प्रयोग करें।
शनि कवच और शनि स्तोत्र का पाठ करें।
काले उड़द जल में प्रवाहित करें।
घर में नीले परदे और चादरों का प्रयोग करें।
रुद्राक्ष या स्फटिक से बानी माला धारण करें. आप यह मंत्र उच्चारण भी कर सकते हैं -
।। अनंतं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कंबलं, शंखपालं धार्तराष्ट्रं तक्षकं कालियस्तथा, एतानी नवनामामिनागानां च महात्मनः सायंकाले पठेन् नित्यं प्रातः काले विशेषतः तस्य विषभयं नामि सर्वत्र विजयी भवेत्।

मीन राशि के लिए कैसा रहेगा नया साल

amar ujala 2015 rashiphal

मंत्र :-
शशिनि मीनगते विजितेन्द्रियो बहुगुणः कुशलो जलालाकसः
विमल धीः किल शस्त्रकलादरस्तबलताबलता कलितो नरः ।।
मीन राशिगत चंद्र में जन्म लेने वाला इन्द्रियों को जीतने वाला, गुणवान, चतुर, जलक्रिया का शौकीन, निर्मल बुद्धिवाला, शस्त्रकला में निपुण लेकिन दुर्बल देहवाला होता है।

नया साल एक नजर में:-
आपकी जन्म राशि के अनुसार विद्या, अभ्यास, संतान से संबंधित मामलों में आपको अनुकूलता रहेगी। वैवाहिक जीवन से संबंधित मामलों में गणेशजी आपको थोड़ी सी विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। इस वर्ष आपको अधिक मेहनत करने की जरूरत रहेगी, यदि आप मनचाही सफलता प्राप्त करने की सोच रहे हैं।

आर्थिक तथा व्यवसाय :-
आर्थिक मामलों के लिए यह वर्ष बहुत अधिक नकारात्मक नहीं है। अगस्त 2015 के बाद नौकरी परिवर्तन की संभावना है। इस समय आप आर्थिक उन्नति की आशा कर सकते हैं एवं सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। जो जातक व्यवसाय से जुड़े हुए हैं, उनको मिश्रित परिणाम मिलने की उम्मीद है, हालांकि बहुत बड़ा फेरबदल होने की संभावना नहीं है। इस समय आपको महसूस होगा कि आपका भाग्य आपको सहयोग नहीं कर रहा है।

स्वास्थ्य :-
यह वर्ष स्वास्थ्य के मामले में अधिक बेहतर नहीं है। इस वर्ष आपको एक के बाद एक तकलीफ होने की संभावना है। गणेशजी के अनुसार आपको हैरानी तो तब होगी, जब आप मेडिकल जांच से गुजरेंगे, एवं मेडिकल रिपोर्ट में पाएंगे कि आपको किसी प्रकार की तकलीफ नहीं है। इस समय गणेशजी आपको शिवजी की पूजा तथा उनको काला तेल अर्पण करने की सलाह देते हैं।

प्रेम तथा वैवाहिक जीवन :-
प्रेम संबंध के लिए समय काफी बेहतर नजर आ रहा है। गणेशजी सलाह देते हैं कि अगर आपको कोई व्यक्ति पसंद है, एवं आप उसको अपने दिल की बात अब तक बता नहीं पाए हैं तो आप जुलाई मध्य तक अपनी बात कह सकते हैं, क्योंकि समय अनुकूल है। हालांकि,विवाहित जातकों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण साबित होने वाला है, क्योंकि राहु जैसा पापी ग्रह आपके भागीदारी से संबंधित स्थान से परिभ्रमण कर रहा है। इसके अलावा यदि आप हिस्सेदारी में कारोबार करते हैं, तो परेशानी का सामना करने के लिए तैयार रहें।

करियर तथा शिक्षा :-
शिक्षा के मामले में ग्रहीय स्थितियां अच्छा संकेत दे रही हैं क्योंकि स्वयं गुरू महाराज आपके अभ्यास स्थान से गुजर रहे हैं। इसके अलावा यदि आपकी मूल कुंडली का अभ्यास स्थान शुभ है, तो आपको इस वर्ष जोरदार सफलता मिलने की संभावना है एवं आपको चकित होने की जरूरत नहीं है।

उपाय  :-
गुरु गृह के अनिष्ट निवारण के लिए जल में हल्दी या पीला चन्दन तथा पीला फूल डालकर 9 या दिन 21 दिन स्नान करें।
गुरूवार को साईंबाबा या गुरु दत्तात्रेय की पूजा करें।
आर्थिक प्रगति कर लिए 'विष्णुसहस्रनाम' का पाठ करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed