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सामने पूर्व जन्म की पत्नी को देखकर रोने लगा वह
अमर उजाला/ दिल्ली
Updated Sat, 09 Nov 2013 03:09 PM IST
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दूसरे रिश्तेदार आ जाएं और आप उन्हें पहचान लें तो सोचिए क्या होगा। ऐसा है
उस व्यक्ति के साथ हुआ जो पूर्वजन्म में पारसी था और एक कश्मीरी लड़की से
प्यार कर बैठा। लड़की का नाम सुनील था और लड़के का नाम सरदार भाई।
इस घटना का जिक्र श्री एल. पी. फैरेल ने किया है जो आजादी से पूर्व भारतीय पश्चिमी कमान के प्रधान कप्तान रह चुके हैं। अगस्त माह में गीता प्रेस से प्रकाशित कल्याण पत्रिका में इस घटना का उल्लेख है। घटना 1942 की है जब फैरेल उत्तर प्रदेश के एक राजा के आमंत्रण पर कुमायूं घूमने आए थे।
उन दिनों उन्हें एक विचित्र साधु के दर्शन हुए। साधु ने बताया कि जिस स्थान पर आपका तंबू लगा है वहां एक नौजवान मुझे तलाशता हुआ आएगा। साधु का कहना सही हुआ एक 18 साल का युवक उस स्थान पर आया जो साधु को ढूंढ रहा था। फैरेल ने उस लड़के को साधु से मिलवाया।
यह लड़का अपने जीवन की कुछ घटनओं से परेशान था जिसका उत्तर उसके पूर्वजन्म में छिपा था। साधु ने उस लड़के से कहा था कि तुम्हें अपने पूर्वजन्म की घटनओं को दिखाऊंगा। अपने कथन के अनुसार साधु ने उस युवक को और फैरेल को लड़के के पूर्वजन्म की घटनाओं को एक दिव्य ज्योति के माध्यम से दिखाना शुरू किया।
यह लड़का पूर्वजन्म में सरदार भाई था। सुनील नाम की जिस लड़की से प्यार करता था उसके माता-पिता इस विवाह के लिए तैयार नहीं थे। इसलिए दोनों ने घर से भागकर विवाह करने का फैसला कर लिया और एक दिन सरदार भाई सुनील को लेकर अहमदाबाद से कोयम्बटूर चला गया। वहां जाकर इन्होंने शादी कर ली। दो साल के बाद दोनों वापस अपने शहर चले आए।
तब तक इनके परिवार के लोगों की नाराजगी दूर हो गयी थी। सुनील और सरदार भाई सुखी वैवाहिक जीवन का आनंद ले रहे थे। सरदार भाई की अहमदाबाद में दिल्ली दरवाजे के पास कपड़े की एक दुकान थी। एक दिन सरदार भाई अपने दुकान से सुनील के लिए एक सुन्दर सा कपड़ा लेकर आ रहा था। तभी रास्ते में एक ट्रक ने उसे ठोकर मार दी और सरदार भाई मौत की आगोश में सो गया। मरते समय भी इसके होंठों पर सुनील का ही नाम था।
कुछ समय बाद सरदार भाई का पुनर्जन्म हुआ। इसे अपने पूर्वजन्म की कुछ घटनाओं का आभास होता रहता था जिसका कारण वह साधु बाबा से मिला था। पूर्व जन्म की पत्नी को देखकर सुनील बेचैन हो उठा और उसके बारे में जानने की इच्छा प्रकट की।
इस पर साधु बाबा ने दिखाया कि सुनील की भी मृत्यु हो चुकी है और अब वह एक लड़की के रूप में जन्म ले चुकी है जिसकी उम्र करीब पांच साल है। साधु बाबा ने कहा कि सात साल के बाद सुनील तुम्हारे सामने वर्तमान रूप में आएगी लेकिन तुम उसे पहचान लोगे। इतना कहते हुए सभी के सामने से साधु बाबा अचानक अन्तर्धान हो गए।
इस घटना का जिक्र श्री एल. पी. फैरेल ने किया है जो आजादी से पूर्व भारतीय पश्चिमी कमान के प्रधान कप्तान रह चुके हैं। अगस्त माह में गीता प्रेस से प्रकाशित कल्याण पत्रिका में इस घटना का उल्लेख है। घटना 1942 की है जब फैरेल उत्तर प्रदेश के एक राजा के आमंत्रण पर कुमायूं घूमने आए थे।
उन दिनों उन्हें एक विचित्र साधु के दर्शन हुए। साधु ने बताया कि जिस स्थान पर आपका तंबू लगा है वहां एक नौजवान मुझे तलाशता हुआ आएगा। साधु का कहना सही हुआ एक 18 साल का युवक उस स्थान पर आया जो साधु को ढूंढ रहा था। फैरेल ने उस लड़के को साधु से मिलवाया।
यह लड़का अपने जीवन की कुछ घटनओं से परेशान था जिसका उत्तर उसके पूर्वजन्म में छिपा था। साधु ने उस लड़के से कहा था कि तुम्हें अपने पूर्वजन्म की घटनओं को दिखाऊंगा। अपने कथन के अनुसार साधु ने उस युवक को और फैरेल को लड़के के पूर्वजन्म की घटनाओं को एक दिव्य ज्योति के माध्यम से दिखाना शुरू किया।
यह लड़का पूर्वजन्म में सरदार भाई था। सुनील नाम की जिस लड़की से प्यार करता था उसके माता-पिता इस विवाह के लिए तैयार नहीं थे। इसलिए दोनों ने घर से भागकर विवाह करने का फैसला कर लिया और एक दिन सरदार भाई सुनील को लेकर अहमदाबाद से कोयम्बटूर चला गया। वहां जाकर इन्होंने शादी कर ली। दो साल के बाद दोनों वापस अपने शहर चले आए।
तब तक इनके परिवार के लोगों की नाराजगी दूर हो गयी थी। सुनील और सरदार भाई सुखी वैवाहिक जीवन का आनंद ले रहे थे। सरदार भाई की अहमदाबाद में दिल्ली दरवाजे के पास कपड़े की एक दुकान थी। एक दिन सरदार भाई अपने दुकान से सुनील के लिए एक सुन्दर सा कपड़ा लेकर आ रहा था। तभी रास्ते में एक ट्रक ने उसे ठोकर मार दी और सरदार भाई मौत की आगोश में सो गया। मरते समय भी इसके होंठों पर सुनील का ही नाम था।
कुछ समय बाद सरदार भाई का पुनर्जन्म हुआ। इसे अपने पूर्वजन्म की कुछ घटनाओं का आभास होता रहता था जिसका कारण वह साधु बाबा से मिला था। पूर्व जन्म की पत्नी को देखकर सुनील बेचैन हो उठा और उसके बारे में जानने की इच्छा प्रकट की।
इस पर साधु बाबा ने दिखाया कि सुनील की भी मृत्यु हो चुकी है और अब वह एक लड़की के रूप में जन्म ले चुकी है जिसकी उम्र करीब पांच साल है। साधु बाबा ने कहा कि सात साल के बाद सुनील तुम्हारे सामने वर्तमान रूप में आएगी लेकिन तुम उसे पहचान लोगे। इतना कहते हुए सभी के सामने से साधु बाबा अचानक अन्तर्धान हो गए।