फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Metaphysical ›   All the good deeds, they are subject to the wife

आपकी शादी हो गई है तो जानें अपनी पत्नी का यह राज

Mon, 10 Mar 2014 08:08 AM IST
शिवकुमार गोयल
शिवकुमार गोयल Updated Mon, 10 Mar 2014 08:08 AM IST
विज्ञापन
All the good deeds, they are subject to the wife

कश्यपस्मृति में कहा गया है, दाराधीना क्रियाः स्वर्गस्य साधनम। तीर्थयात्रा, दान, श्रद्धादि जितने भी सत्कर्म हैं, वे सभी पत्नी के अधीन हैं, इसलिए पत्नी स्वर्ग का साधन है। यह भी कहा गया है कि नास्ति भार्यासमं तीर्थम यानी पत्नी साक्षात तीर्थ है। स्वामी सत्यमित्रानंदगिरी धर्म प्रचार के लिए अमेरिका गए, तो एक अमेरिकी ने उनसे पूछा, क्या भारत में पति की मृत्यु होने पर पत्नी को जला डालने की परंपरा अभी तक जारी है?

विज्ञापन


स्वामी जी ने कहा, भारत में कभी नारी को विलासिता का साधन नहीं माना गया। धर्मशास्त्रों में कहा गया है कि यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता, अर्थात, जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवताओं की कृपा बसती है। समय-समय पर अगर कुछ धूर्तों ने संपत्ति आदि के लालच में पति की मृत्यु के बाद पत्नी को जला डाला, तो उसे घोर अधर्म ही कहा जाएगा। उसे प्रथा बताकर भारत के विरुद्ध दुष्प्रचार करना गलत है।
विज्ञापन


आध्यात्मिक विभूति हनुमानप्रसाद पोद्दार ने स्त्रियों को भोग का साधन समझने वालों को घोर अधर्मी बताते हुए लिखा, स्त्री को सहभागी बनाए बिना कोई भी सत्कर्म सफल नहीं हो सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुराण में एक सात्विक राजा की कथा आती है। एक बार उसने पत्नी का अपमान कर दिया, जिससे उसके पुण्य क्षीण हो गए। इसी तरह, कृकाल नामक गृहस्थ पत्नी की सहमति के बिना अकेला तीर्थयात्रा को चला गया। इससे उसके सत्कर्म निष्फल हो गए।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed