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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Yogini Ekadashi 2023 Ke Upay Know Remedies for God Vishnu Wealth Blessings

Yogini Ekadashi 2023: योगिनी एकादशी आज, भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए इस दिन अपना लें ये नियम

Wed, 14 Jun 2023 09:23 AM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन ,वास्तुविद
अनीता जैन ,वास्तुविद Published by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 14 Jun 2023 09:23 AM IST
सार

योगिनी एकादशी व्रत के दिन सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु की पूजा ईशान कोण में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करते हुए करें।

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Yogini Ekadashi 2023 Ke Upay Know Remedies for God Vishnu Wealth Blessings
Yogini Ekadashi 2023: आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा गया है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Yogini Ekadashi 2023: शास्त्रों में आषाढ़ माह की योगिनी एकादशी का बहुत महत्व बताया गया है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को अतिप्रिय है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भक्तों द्वारा इस दिन की जाने वाली पूजा एवं व्रत का विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इस बार योगिनी एकादशी का व्रत 14 जून, बुधवार को रखी जा रही है। यह एकादशी देह की समस्त आधि-व्याधियों को नष्ट कर सुंदर रूप, गुण और यश देने वाली होती है। इस दिन व्रत रखने से रुके हुए कार्यों में सफलता मिलती है। जिन लोगों को बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है उनके लिए यह व्रत बहुत शुभफलदायी बताया गया है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से किसी के दिए हुए श्राप का भी निवारण हो जाता है। लेकिन एकादशी व्रत में कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी है, आइए जानते हैं।

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इस दिन इन नियमों का पालन करें

  • योगिनी एकादशी व्रत के दिन सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु की पूजा ईशान कोण में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करते हुए करें।
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  • इस एकादशी पर भगवान विष्णु की प्रिय तुलसी की मंजरी तथा पीला चन्दन, रोली, अक्षत, पीले पुष्प, ऋतु फल एवं धूप-दीप, मिश्री आदि से भगवान दामोदर का भक्ति-भाव से पूजन करना चाहिए।
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  • इस दिन तुलसी के पत्र नहीं तोड़ने चाहिए। शास्त्रों में ऐसा करना वर्जित बताया गया है। 
  • योगिनी एकादशी सभी पापों का हरण करके सब सुख देने वाली है। इस दिन गीता पाठ,विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ व 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जप करने से प्राणी पापमुक्त-कर्जमुक्त होकर विष्णुजी की कृपा पाता है।
  • रात्रि के समय भगवान नारायण की प्रसन्नता के लिए नृत्य,भजन-कीर्तन और स्तुति के द्वारा जागरण करना चाहिए। जागरण करने वाले को जिस फल की प्राप्ति होती है,वह हज़ारों वर्ष तपस्या करने से भी नहीं मिलता।
  • योगिनी एकादशी व्रत की सिद्धि के लिए भगवान विष्णु के समक्ष घी का अखंड  दीपक जलाएं एवं दीपदान करना शुभ माना गया है। भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए इस दिन आसमान के नीचे सांयकाल घरों, मंदिरों, पीपल के वृक्षों तथा तुलसी के पौधों के पास दीप प्रज्वलित करने चाहिए। यदि संभव हो तो पवित्र नदियों में भी दीप दान करना चाहिए।
  • यह एकादशी ग्रीष्म ऋतु में पड़ने के कारण इस दिन गर्मी से राहत देने वाली ठंडी वस्तुओं का दान करना चाहिए। इस दिन दूध-दही, फल, शरबत व वस्त्रदान आदि का दान करना बहुत ही लाभकारी माना गया है।
  • इस दिन योगिनी एकादशी की कथा पढ़ने या सुनने से श्री नारायण की कृपा बनी रहती है। द्वादशी के दिन सूर्योदय के बाद विधिपूर्वक ब्राह्मण को भोजन करवाकर एवं दक्षिणा देकर तत्पश्चात अन्न व जल ग्रहण करें।
  • भगवान श्रीकृष्ण को गाय अत्यंत प्रिय है। इस दिन गायों को चारा खिलाने और उनकी देखवाल करने से भगवान श्री कृष्ण व अन्य सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है।

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