फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   vijayadashami 2026 why are weapons worshipped on dussehra significance

दशहरा 2026: विजयादशमी पर शस्त्र पूजा और शमी के पेड़ की पूजा क्यों होती है ? जानिए धार्मिक महत्व

Mon, 19 Oct 2026 05:34 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 19 Oct 2026 05:34 PM IST
सार

विजयादशमी पर शस्त्र पूजा करने का विशेष विधान होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसके पीछे कई धार्मिक मान्यताएं हैं। 

विज्ञापन
vijayadashami 2026 why are weapons worshipped on dussehra significance
दशहरा 2026 - फोटो : AI

विस्तार

दशहरा का त्योहार सनातन धर्म में बहुत ही खास महत्व रखता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर विजयादशमी का त्योहार बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस तिथि पर ही भगवान राम ने रावण का वध किया था, इसके अलावा देवी दुर्गा ने दशमी तिथि पर महिषासुर का अंत किया था। दशहरा पर कई तरह की मान्यताएं निभाई जाती हैं जिसमें शस्त्र पूजा और शमी वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व होता है। ऐसे में आइए जानते हैं विजयादशमी पर क्यों होती है शस्त्रों और शमी के पेड़ की पूजा। 
विज्ञापन


भगवान राम ने किया था शमी के पेड़ की पूजा
हिंदू धर्म में शमी के पेड़ को बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम ने रावण का वध करके और लंका पर विजय हासिल करने के बाद शमी के पेड़ की पूजा की थी। इस कारण से दशहरा पर शमी के पेड़ की पूजा और इसके पत्तों से जुड़े कुछ उपाय करने की परंपरा होती है। 
विज्ञापन


पांडवों ने शमी के पेड़ पर छिपाए थे अपने अस्त्र-शस्त्र
इसके अलावा एक दूसरी धार्मिक मान्यता है जिसके अनुसार महाभारत के समय पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान शमी के पेड़ में ही अपने अस्त्र-शस्त्र छिपाए थे। जब महाभारत युद्ध हुआ तो इसी अस्त्र-शस्त्र से पांडवों ने कौरवों को परास्त किया था। इसी वजह से दशहरा पर हर वर्ष शमी के पौधे की पूजा करने का महत्व होता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दशहरा पर शस्त्र पूजा का महत्व
दशहरा पर हर वर्ष शस्त्र पूजा का विधान होता है। सनातन धर्म में शस्त्र को न केवल हथियार माना जाता है बल्कि यह साहस, पराक्रम, शक्ति, आत्मरक्षा और धर्म की रक्षा का प्रतीक होता है। जब-जब अन्याय होता है और अर्धम बढ़ जाता है तो धर्म की रक्षा के लिए शस्त्रों का प्रयोग किया जाता है। विजयादशमी पर सेना और सुरक्षा से जुड़े संस्थानों में शस्त्रों की पूजा होती है। 


शस्त्रों की पूजा के पीछे भगवान राम और मां दुर्गा की विजय
विजयादशमी का पर्व अन्याय पर न्याय, असत्य पर सत्य की जीत के रूप में मनाए जाने वाला त्योहार है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम ने रावण का वध करने से पहले शस्त्रों की पूजा की थी। वही एक दूसरी कथा है जिसमें मां दुर्गा ने अपनी शक्ति और शस्त्रों से महिषासुर का वध किया था। तब सभी देवी-देवताओं ने मिलकर मां दुर्गा के शस्त्रों की पूजा की थी। तभी से हर वर्ष दशहरा पर शस्त्रों की पूजा का विधान होता है। 

दशहरा 2026: जानें विजयादशमी का शुभ मुहूर्त, पान खाने और नीलकंठ दर्शन का महत्व

विजयादशमी 2026: दशहरे पर क्यों होती है शस्त्र पूजा? जानें कब है पूजा का मुहूर्त, विधि और धार्मिक महत्व




 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed