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एकादशी 2018: उत्पन्ना एकादशी आज, इस दिन ये 6 चीजें खाने से मिलता है अशुभ परिणाम

Mon, 03 Dec 2018 12:24 PM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 03 Dec 2018 12:24 PM IST
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utpanna ekadashi 2018 follow these things in utpanna ekadashi
उत्पन्ना एकादशी 2018
utpanna ekadashi 2018 आज अगहन मास की एकादशी है। मार्गशीर्ष के महीने में कृष्ण पक्ष पर जो एकादशी आती है उसे उत्पन्ना एकादशी कहते हैं। मान्यता है कि इसी दिन देवी एकादशी का जन्म हुआ था। उत्पन्ना एकादशी व्रत में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस व्रत से व्यक्ति को शुभ फल की प्राप्ति  होती है।
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उत्पन्ना एकादशी व्रत कथा
मान्यता है कि मुर नामक असुर से युद्ध करते हुए जब भगवान विष्णु थक गए तब बद्रीकाश्रम में गुफा में जाकर विश्राम करने लगे। मुर भगवान विष्णु का पीछा करता हुए बद्रीकाश्रम पहुंच गया। निद्रा में लीन भगवान को मुर ने मारना चाहा तभी विष्णु भगवान के शरीर से एक देवी का जन्म हुआ और इस देवी ने मुर का वध कर दिया। देवी के कार्य से प्रसन्न होकर विष्णु भगवान ने कहा कि देवी तुम्हारा जन्म मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को हुआ है इसलिए तुम्हारा नाम एकादशी होगा। आज से प्रत्येक एकादशी को मेरे साथ तुम्हारी भी पूजा होगी। जो भक्त एकादशी का व्रत रखेगा वह पापों से मुक्त हो जाएगा।
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एकादशी व्रत में रखें इन बातों का ध्यान
भगवान विष्णु को सभी व्रतों में एकादशी व्रत सबसे प्रिय होता है। पद्म पुराण के अनुसार एकादशी व्रत करने वाले व्यक्ति पर भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और उनके लिए मोक्ष का द्वार खुला रहता है। लेकिन एकादशी व्रत के कुछ नियम भी हैं जिनका पालन करना जरुरी होता है। जो व्यक्ति यह व्रत नहीं भी रखते हैं उन्हें भी एकादशी के दिन कुछ नियमों का पालन करना चाहिए इससे जीते जी तो सांसारिक लाभ मिलता ही है मृत्यु के बाद भी परलोक में सुख मिलता है। इन नियमों में एकादशी के दिन खान-पान नियम सबसे खास है।
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- एकादशी तिथि के दिन चावल और चावल से बनी चीजों को खाना रक्त और मांस को खाने के जैसा माना गया है। ऐसी मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल खाने से मनुष्य रेंगने वाले जीव की योनि में जन्म लेता है इसलिए इस दिन भूलकर भी चावल का सेवन न करें। इसके अलावा चावल की उत्पत्ति महर्षि मेधा के शरीर से हुआ माना जाता है।


- चावल की तरह जौ भी महर्षि मेधा के शरीर से उत्पन्न हुआ माना जाता है इसलिए एकादशी के दिन जौ खाना भी शास्त्रों के अनुसार सही नहीं है।

- ब्रह्मवैवर्त पुराण के ब्रह्मखंड में जिक्र आया है कि एकादशी के दिन सेम नहीं नहीं खाना चाहिए। इसदिन सेम खाना संतान के लिए अशुभ होता है।

- लहसुन प्याज का खाने में प्रयोग एकादशी के दिन नहीं करना चाहिए। इसकी वजह यह है कि गंध युक्त और मन में काम भाव बढ़ाने की क्षमता के कारण इसे अशुद्ध माना गया है।

 -एकादशी और द्वादशी तिथि के दिन बैंगन खाना अशुभ फलदायी माना गया है।

- मांस और मदिरा का सेवन भी एकादशी के दिन नरक में जाने का रास्ता खोलता है।

 
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