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Shardiya Navratri 2020: 17 अक्तूबर से आरंभ हो रहे हैं नवरात्रि, जानिए क्या है इस बार खास
Sat, 03 Oct 2020 12:24 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 03 Oct 2020 12:24 PM IST
सार
- 17 अक्तूबर से शुरू होने वाला नवरात्रि पर्व 25 अक्तूबर तक चलेंगे।
- इस नवरात्रि घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां
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नवरात्रि 2020: नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा आराधना की जाती है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
17 अक्तूबर से शारदीय नवरात्रि शुरू हो जाएंगे। इस बार अधिकमास के कारण शारदीय नवरात्रि करीब एक महीने की देरी से आरंभ हो रहे हैं। नवरात्रि में नौ दिनों तक माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है। नवरात्रि के पहले दिन यानी प्रतिपदा तिथि पर घट स्थापना होती है। आइए जानते हैं नवरात्रि का महत्व और इससे जुड़ी हुई कई तरह की जानकारियां...
नवरात्रि में देवी के नौ रूप की होती है पूजा- आराधना
17 अक्तूबर 2020- मां शैलपुत्री पूजा घटस्थापना
18 अक्तूबर 2020 - मां ब्रह्मचारिणी पूजा
19 अक्तूबर 2020- मां चंद्रघंटा पूजा
20 अक्तूबर 2020- मां कुष्मांडा पूजा
21 अक्तूबर 2020- मां स्कंदमाता पूजा
22 अक्तूबर 2020- षष्ठी मां कात्यायनी पूजा
23 अक्तूबर 2020- मां कालरात्रि पूजा
24 अक्तूबर 2020- मां महागौरी दुर्गा पूजा
25 अक्तूबर 2020- मां सिद्धिदात्री पूजा
इस बार शारदीय नवरात्रि आठ दिनों के होंगे
17 अक्तूबर से शुरू होने वाला नवरात्रि पर्व 25 अक्तूबर तक चलेंगे। इस बार नवरात्रि आठ दिनों तक रहेगा। अष्टमी और नवमी तिथि एक दिन पड़ेगी। 24 अक्तूबर को सुबह 6 बजकर 58 मिनट तक अष्टमी तिथि रहेगी फिर उसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी।
इस नवरात्रि घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां
नवरात्रि पर मां दुर्गा के धरती पर आगमन का विशेष महत्व होता है। देवीभागवत पुराण के अनुसार नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा का आगमन भविष्य में होने वाली घटनाओं के संकेत के रूप में भी देखा जाता है। हर वर्ष नवरात्रि में देवी दुर्गा का आगमन अलग-अलग वाहनों में सवार होकर आती हैं और उसका अलग-अलग महत्व होता है।
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- अगर नवरात्रि का आरंभ सोमवार या रविवार के दिन होता है तब इसका अर्थ होता है माता हाथी पर सवार होकर आएंगी।
- अगर शनिवार और मंगलवार के दिन नवरात्रि का पहला दिन होता है तो माता घोड़े पर सवार होकर आती हैं।
- वहीं गुरुवार या शुक्रवार के दिन नवरात्रि आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि पर मां का आगमन होता तो माता डोली की सवारी करते हुए भक्तों को आशीर्वाद देने आती हैं।
- बुधवार के दिन नवरात्रि का पहला दिन होने पर माता नाव की सवारी करते हुए धरती पर आती हैं।
शारदीय नवरात्रि में घटस्थापना मुहूर्त
हिन्दू पंचांग के अनुसार इस दिन आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन घट स्थापना मुहूर्त का समय प्रात:काल 06:27 बजे से 10:13 बजे तक बताया गया है। वहीं घटस्थापना के लिए अभिजित मुहूर्त प्रात:काल 11:44 बजे से 12:29 बजे तक रहेगा।
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नवरात्रि में देवी के नौ रूप की होती है पूजा- आराधना
17 अक्तूबर 2020- मां शैलपुत्री पूजा घटस्थापना
18 अक्तूबर 2020 - मां ब्रह्मचारिणी पूजा
19 अक्तूबर 2020- मां चंद्रघंटा पूजा
20 अक्तूबर 2020- मां कुष्मांडा पूजा
21 अक्तूबर 2020- मां स्कंदमाता पूजा
22 अक्तूबर 2020- षष्ठी मां कात्यायनी पूजा
23 अक्तूबर 2020- मां कालरात्रि पूजा
24 अक्तूबर 2020- मां महागौरी दुर्गा पूजा
25 अक्तूबर 2020- मां सिद्धिदात्री पूजा
इस बार शारदीय नवरात्रि आठ दिनों के होंगे
17 अक्तूबर से शुरू होने वाला नवरात्रि पर्व 25 अक्तूबर तक चलेंगे। इस बार नवरात्रि आठ दिनों तक रहेगा। अष्टमी और नवमी तिथि एक दिन पड़ेगी। 24 अक्तूबर को सुबह 6 बजकर 58 मिनट तक अष्टमी तिथि रहेगी फिर उसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी।
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इस नवरात्रि घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां
नवरात्रि पर मां दुर्गा के धरती पर आगमन का विशेष महत्व होता है। देवीभागवत पुराण के अनुसार नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा का आगमन भविष्य में होने वाली घटनाओं के संकेत के रूप में भी देखा जाता है। हर वर्ष नवरात्रि में देवी दुर्गा का आगमन अलग-अलग वाहनों में सवार होकर आती हैं और उसका अलग-अलग महत्व होता है।
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- अगर नवरात्रि का आरंभ सोमवार या रविवार के दिन होता है तब इसका अर्थ होता है माता हाथी पर सवार होकर आएंगी।
- अगर शनिवार और मंगलवार के दिन नवरात्रि का पहला दिन होता है तो माता घोड़े पर सवार होकर आती हैं।
- वहीं गुरुवार या शुक्रवार के दिन नवरात्रि आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि पर मां का आगमन होता तो माता डोली की सवारी करते हुए भक्तों को आशीर्वाद देने आती हैं।
- बुधवार के दिन नवरात्रि का पहला दिन होने पर माता नाव की सवारी करते हुए धरती पर आती हैं।
शारदीय नवरात्रि में घटस्थापना मुहूर्त
हिन्दू पंचांग के अनुसार इस दिन आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन घट स्थापना मुहूर्त का समय प्रात:काल 06:27 बजे से 10:13 बजे तक बताया गया है। वहीं घटस्थापना के लिए अभिजित मुहूर्त प्रात:काल 11:44 बजे से 12:29 बजे तक रहेगा।