फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Sakat Chauth 2022 sankatahara chaturthi Women Should Not Do This Work In Worship :

Sakat Chauth 2022: सकट चौथ पर महिलाएं व्रत के दौरान भूलकर भी न करें ये चार काम

Fri, 21 Jan 2022 12:34 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Fri, 21 Jan 2022 12:34 PM IST
सार

Sakat Chauth 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर सकट चौथ का व्रत रखा जा जाता है। इस बार यह व्रत 21 जनवरी को है।

विज्ञापन
Sakat Chauth 2022 sankatahara chaturthi Women Should Not Do This Work In Worship :
Sakat Chauth 2022: सकट चतुर्थी का व्रत रखते हुए महिलाएं को कुछ विशेष सावधानी रखनी चाहिए। - फोटो : Istock

विस्तार

Sakat Chauth 2022: आज संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा जाने वाला व्रत सकट चौथ का त्योहार मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर सकट चौथ का व्रत रखा जा जाता है। सकट व्रत को संकष्टी चतुर्थी, तिलकुट और माघी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। यह त्योहार ज्यादातर उत्तर भारत में मनाया जाता है। इस व्रत में महिलाएं सुबह से व्रत रखते हुए शाम के समय भगवान गणेश की पूजा करती है फिर उसके बाद चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देते हुए व्रत का पारण करती हैं। माना जाता है कि इस व्रत को करने से संतान के ऊपर आने वाली सभी प्रकार की बाधाएं और कष्ट भगवान गणेश दूर कर देते हैं। सकट व्रत के दौरान मांगी जाने वाली सभी मनोकामनाएं भी पूरी हो जाती है।  लेकिन सकट चतुर्थी का व्रत रखते हुए महिलाएं को कुछ विशेष सावधानी रखनी चाहिए। आइए जानते है कौन-कौन सी बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

विज्ञापन


भूलकर भी न पहने काला वस्त्र
हिंदू धर्म में किसी भी तरह का शुभ कार्य या धार्मिक अनुष्ठान करते समय काले रंग के कपड़े पहनना वर्जित माना गया है। ऐसे में 21 जनवरी को सकट व्रत करते समय महिलाएं भूलकर भी काले रंग के कपड़े न पहनें। सकट व्रत की पूजा के दौरान माताएं पीले या लाल रंग के कपड़े पहनना शुभ रहेगा।
विज्ञापन


अर्घ्य देते हुए ये बात रखें ध्यान
सकट चौथ का व्रत और पूजा-उपासना में भगवान गणेश की पूजा करने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा होती है। ऐसे में जल में चावल और दूध मिलाकर ही चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिए। साथ ही एक बात का विशेष ध्यान रखें कि जब आप चंद्रमा को अर्घ्य दे तो आपके पैरों में जल के छींटे न पड़ें।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिना चांद को अर्घ्य दिए न करें व्रत का पारण
सकट व्रत तभी पूरा होता है जब भगवान गणेश की पूजा करने के बाद चांद के दर्शन करते हुए उन्हें अर्घ्य दिया जाए। ऐसे में भूलकर भी बिना चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित किए व्रत नहीं खोलना चाहिए।


भगवान गणेश की पूजा में न करें तुलसी का उपयोग
सकट चौथ में भगवान गणेश की पूजा करने के लिए कभी भी तुलसी के पत्तों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। भगवान गणेश दूर्वा घास बहुत ही प्रिय होती है ऐसे में उनकी कृपा पाने के लिए सकट चौथ पर उन्हें दूर्वा घास अवश्य ही अर्पित करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed