फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Parshuram Jayanti 2021 Date muhurat timing and katha

Parshuram Jayanti 2021: कब है परशुराम जयंती, जानें पूजा मुहूर्त और पौराणिक कथा

Tue, 04 May 2021 07:21 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Tue, 04 May 2021 07:21 AM IST
विज्ञापन
Parshuram Jayanti 2021 Date muhurat timing and katha
दैनिक राशिफल - फोटो : अमर उजाला

Parshuram Jayanti 2021 Date: परशुराम जयंती हिन्दू धर्म का महत्वपूर्ण त्योहार है। इस साल परशुराम जयंती 14 मई 2021 को मनाई जाएगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रति वर्ष वैशाख माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन परशुराम जयंती मनाई जाती है। यह पावन दिन भगवान परशुराम का जन्मोत्सव है। हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान परशुराम जगत के पालनहार विष्णुजी के छठे अवतार हैं। इस दिन विधि-विधान से भगवान परशुराम जी की पूजा की जाती है। 

विज्ञापन

Parshuram Jayanti 2021 Date muhurat timing and katha
परशुराम जयंती 2021 - फोटो : सोशल मीडिया

परशुराम जयंती का पूजा मुहूर्त
तृतीया तिथि प्रारंभ: - 14 मई 2021 (सुबह 05:38)
तृतीया तिथि समाप्त: - 15 मई 2021 (सुबह 07:59)

विज्ञापन
विज्ञापन

Parshuram Jayanti 2021 Date muhurat timing and katha
परशुराम जयंती 2021 - फोटो : Social media
भगवान परशुराम के जीवन से जुड़ी पौराणिक कथा

भगवान परशुराम का जन्म ब्राह्मण कुल में हुआ था। वे ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के पुत्र थे। ऋषि जमदग्नि सप्त ऋषियों में से एक थे। कहा जाता है कि भगवान परशुराम का जन्म छह उच्च ग्रहों के योग में हुआ था, जिस कारण वे अति तेजस्वी, ओजस्वी और पराक्रमी थे। एकबार अपने पिता की आज्ञा पर उन्होंने अपनी माता का सिर काट दिया था, और बाद में मां को पुनः जीवित करने के लिए उन्होंने पिता से वरदान भी मांग लिया था। 

विज्ञापन

Parshuram Jayanti 2021 Date muhurat timing and katha
परशुराम जयंती 2021 - फोटो : Social media

जब क्षत्रिय वंश के विनाश के लिए परशुराम ने ली प्रतिज्ञा 
हैहय वंश के राजा सहस्त्रार्जुन ने अपने बल और घमंड के कारण लगातार ब्राह्राणों और ऋषियों पर अत्याचार कर रहा था। प्राचीन कथा और कहानियों के अनुसार एक बार सहस्त्रार्जुन अपनी सेना सहित भगवान परशुराम के पिता जमदग्रि मुनि के आश्रम में पहुंचा। जमदग्रि मुनि ने सेना का स्वागत और खान पान की व्यवस्था अपने आश्रम में की। 

मुनि ने आश्रम की चमत्कारी कामधेनु गाय के दूध से समस्त सैनिकों की भूख शांत की। कामधेनु गाय के चमत्कार से प्रभावित होकर उसके मन में लालच पैदा हो गई। इसके बाद जमदग्रि मुनि से कामधेनु गाय को उसने बलपूर्वक छीन लिया। जब यह बात परशुराम को पता चली तो उन्होंने सहस्त्रार्जुन का वध कर दिया। 

सहस्त्रार्जुन के पुत्रों ने बदला लेने के लिए परशुराम के पिता का वध कर दिया और पिता के वियोग में भगवान परशुराम की माता चिता पर सती हो गयीं। पिता के शरीर पर 21 घाव को देखकर परशुराम ने प्रतिज्ञा ली कि वह इस धरती से समस्त क्षत्रिय वंश का संहार कर देंगे। इसके बाद पूरे 21 बार उन्होंने पृथ्वी से क्षत्रियों का विनाश कर अपनी प्रतिज्ञा पूरी की।

Parshuram Jayanti 2021 Date muhurat timing and katha
परशुराम जयंती 2021 - फोटो : Social media
जब परशुराम जी ने तोड़ा गणेश जी का एक दांत

भगवान परशुराम को क्रोध भी अधिक आता था। उनते क्रोध से स्वयं गणपति महाराज भी नहीं बच पाए थे। एकबार जब परशुराम भगवान शिव के दर्शन करने के लिए कैलाश पहुंचे, तो गणेश जी ने उन्हें उनसे मिलने नहीं दिया। इस बात से क्रोधित होकर उन्होंने अपने फरसे से भगवान गणेश का एक दांत तोड़ डाला। इस कारण से भगवान गणेश एकदंत कहलाने लगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed