फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   nirjala ekadashi 2025 shubh yog and vishnu chalisa benefits in hindi

Nirjala Ekadashi 2025: शुभ योग में निर्जला एकादशी का व्रत, इस एक उपाय से पाए श्रीहरि का आशीर्वाद

Fri, 06 Jun 2025 05:50 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मेघा कुमारी Updated Fri, 06 Jun 2025 05:50 AM IST
सार

Nirjala Ekadashi 2025: इस वर्ष 6 जून 2025 को 'निर्जला एकादशी' है। इस दिन हस्त नक्षत्र और व्यतीपात योग का संयोग बन रहा है।

विज्ञापन
nirjala ekadashi 2025 shubh yog and vishnu chalisa benefits in hindi
Nirjala Ekadashi 2025 - फोटो : adobe

विस्तार

Nirjala Ekadashi 2025: वैसे तो रोजाना घरों में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है परंतु विशेष कृपा प्राप्ति के लिए एकादशी तिथि उत्तम है। इस दिन प्रभु की उपासना और उपवास रखने से साधक के दुखों का अंत और जीवन में खुशियों का वास होता है। एकादशी व्रत हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर रखा जाता है। इसलिए भक्तों को माह में दो बार भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाने का अवसर मिलता है। हालांकि इन सभी में ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को अधिक महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि इस दिन 'निर्जला एकादशी' का व्रत रखा जाता है।

विज्ञापन

चूंकि ज्येष्ठ महीना भीषण गर्मी और लू के लिए जाना जाता है इसलिए निर्जला व्रत रखना और भी कठिन होता है। इसके अलावा व्रत में फल, अन्न और जल ग्रहण करने की सख्त मनाही होती हैं। इस वर्ष 6 जून 2025 को 'निर्जला एकादशी' है। इस दिन हस्त नक्षत्र और व्यतीपात योग का संयोग बन रहा है। ऐसे में श्रीहरि की पूजा करने के साथ-साथ विष्णु चालीसा का पाठ करने से सभी इच्छाएं पूरी और धन प्राप्ति के योग बनते हैं। आइए इस चालीसा को जानते हैं।

विज्ञापन

विष्णु चालीसा

दोहा
विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय ।
कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय ॥

चौपाई 
नमो विष्णु भगवान खरारी, कष्ट नशावन अखिल बिहारी ।
प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी, त्रिभुवन फैल रही उजियारी ॥

सुन्दर रूप मनोहर सूरत, सरल स्वभाव मोहनी मूरत ।
तन पर पीताम्बर अति सोहत, बैजन्ती माला मन मोहत ॥

शंख चक्र कर गदा विराजे, देखत दैत्य असुर दल भाजे ।
सत्य धर्म मद लोभ न गाजे, काम क्रोध मद लोभ न छाजे ॥

सन्तभक्त सज्जन मनरंजन, दनुज असुर दुष्टन दल गंजन ।
सुख उपजाय कष्ट सब भंजन, दोष मिटाय करत जन सज्जन ॥

पाप काट भव सिन्धु उतारण, कष्ट नाशकर भक्त उबारण ।
करत अनेक रूप प्रभु धारण, केवल आप भक्ति के कारण ॥

धरणि धेनु बन तुमहिं पुकारा, तब तुम रूप राम का धारा ।
भार उतार असुर दल मारा, रावण आदिक को संहारा ॥

आप वाराह रूप बनाया, हिरण्याक्ष को मार गिराया ।
धर मत्स्य तन सिन्धु बनाया, चौदह रतनन को निकलाया ॥

अमिलख असुरन द्वन्द मचाया, रूप मोहनी आप दिखाया ।
देवन को अमृत पान कराया, असुरन को छवि से बहलाया ॥

कूर्म रूप धर सिन्धु मझाया, मन्द्राचल गिरि तुरत उठाया ।
शंकर का तुम फन्द छुड़ाया, भस्मासुर को रूप दिखाया ॥

वेदन को जब असुर डुबाया, कर प्रबन्ध उन्हें ढुढवाया ।
मोहित बनकर खलहि नचाया, उसही कर से भस्म कराया ॥

असुर जलन्धर अति बलदाई, शंकर से उन कीन्ह लड़ाई ।
हार पार शिव सकल बनाई, कीन सती से छल खल जाई ॥

सुमिरन कीन तुम्हें शिवरानी, बतलाई सब विपत कहानी ।
तब तुम बने मुनीश्वर ज्ञानी, वृन्दा की सब सुरति भुलानी ॥

देखत तीन दनुज शैतानी, वृन्दा आय तुम्हें लपटानी ।
हो स्पर्श धर्म क्षति मानी, हना असुर उर शिव शैतानी ॥

Nirjala Ekadashi 2025: 6 जून को रखा जाएगा निर्जला एकादशी का व्रत, इस दिन भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां

Nirjala Ekadashi 2025: निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु को लगाएं इन चीजों का भोग, धन-धान्य में होगी वृद्धि

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed