{"_id":"5dfc9a6f8ebc3e87c300b82e","slug":"makar-sankranti-2020-date-time-importance-and-significance","type":"story","status":"publish","title_hn":"14 को उत्तरायण होंगे सूर्य, 15 को मकर संक्रांति, जानिए क्या होता है सूर्य का उत्तरायण होना","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
14 को उत्तरायण होंगे सूर्य, 15 को मकर संक्रांति, जानिए क्या होता है सूर्य का उत्तरायण होना
Thu, 26 Dec 2019 08:58 PM IST
योगेश जोशी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Thu, 26 Dec 2019 08:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मकर संक्रांति का पर्व जनवरी महीने के चौदहवें या पंद्रहवें दिन आता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है, तब मकर संक्रांति होती है। साल 2020 में 14 जनवरी की रात्रि में सूर्य उत्तरायण होंगे और 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। यह कहना गलत है कि सूर्य इसी दिन उत्तरायण भी होता है। तथ्य यह है कि उत्तरायण का प्रारंभ 21-22 दिसंबर को होता है। लगभग अठारह सौ साल पहले ग्रह गणित के कारण संक्रांति और उत्तरायण स्थिति एक ही समय होती थी। शायद इसी वजह से कुछ जगह संक्रांति और उत्तरायण को एक ही समझा जाता है।
उदाहरण के लिए तमिलनाडु में इसे पोंगल के रूप में मनाते हैं। कर्नाटक, केरल तथा आंध्र प्रदेश में इसे सिर्फ संक्रांति कहते हैं। गोआ, ओडिशा, हरियाणा, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, और जम्मू आदि प्रांतों में मकर संक्रांति कहते हैं। हरियाणा और पंजाब में इसे लोहड़ी के रूप में एक दिन पूर्व 13 जनवरी को ही मनाया जाता है। पौष संक्रांति, मकर संक्रमण आदि भी कुछ प्रसिद्ध नाम हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उदाहरण के लिए तमिलनाडु में इसे पोंगल के रूप में मनाते हैं। कर्नाटक, केरल तथा आंध्र प्रदेश में इसे सिर्फ संक्रांति कहते हैं। गोआ, ओडिशा, हरियाणा, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, और जम्मू आदि प्रांतों में मकर संक्रांति कहते हैं। हरियाणा और पंजाब में इसे लोहड़ी के रूप में एक दिन पूर्व 13 जनवरी को ही मनाया जाता है। पौष संक्रांति, मकर संक्रमण आदि भी कुछ प्रसिद्ध नाम हैं।
विज्ञापन
- देवताओं का दिन है उत्तरायण
विज्ञापन