{"_id":"5d74cc888ebc3e93a76fe1c9","slug":"important-festival-list-in-september-2nd-week","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्रत-त्योहार: इस सप्ताह कौन से बड़े त्योहार, यहां पढ़ें","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
व्रत-त्योहार: इस सप्ताह कौन से बड़े त्योहार, यहां पढ़ें
Mon, 09 Sep 2019 07:12 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 09 Sep 2019 07:12 AM IST
विज्ञापन
pitra paksha
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सितंबर का दूसरा हफ्ता शुरू हो चुका है। सितंबर के इस हफ्ते में कई महत्वपू्र्ण व्रत-त्योहार हैं। इसी हफ्ते से पितृपक्ष शुरू होंगे। आइए जानते हैं इस सप्ताह के व्रत-त्योहार...
9 सितंबर 2019: परिवर्तिनी एकादशी व्रत, डोल ग्यारस, जलझूलनी एकादशी
परिवर्तिनी एकादशी
भाद्रपद के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को पद्मा एकादशी के नाम से जानते हैं। इस साल यह एकादशी 9 सितंबर के दिन है। ऐसी मान्यता है कि चातुर्मास के शयन के बाद भगवान विष्णु इसी दिन करवट बदलते हैं। हमारे शास्त्रों में इस एकादशी का बहुत ज्यादा महत्व बताया गया है। राक्षसों द्वारा स्वर्ग छीन जाने के बाद इस दिन देवताओं ने दोबारा स्वर्ग हासिल किया था। इस खास दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। भगवान की सच्चे मन से पूजा करने से आपकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है।
10 सितंबर 2019: वामन जयंती, कल्की द्वादशी, मुहर्रम
मुहर्रम
मुहर्रम का महीना इस साल 31 अगस्त से शुरू हो गया है और अशुरा यानी कि मुहर्रम का मुख्य दिन 10 सितंबर को मंगलवार को मनाया जाएगा। मुहर्रम पैगंबर मुहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है। बता दें कि इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक मुहर्रम हिजरी संवत का प्रथम मास है। इस्लाम धर्म में मुहर्रम एक प्रमुख त्योहार है। इस पूरे दस दिन इमाम हुसैन का शोक मनाया जाता है। दरअसल, इसी महीने में पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब, मुस्तफा सल्लाहों अलैह और आलही वसल्लम ने पवित्र मक्का से पवित्र नगर मदीना में हिजरत किया था।
विज्ञापन
11 सितंबर 2019: प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत
हिंदू पंचांग में त्रयोदशी को सौभाग्यदायक तिथि माना गया है। तमाम कार्यों के लिए शुभ मानी जाने वाली इस तिथि पर भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा के लिए विशेष व्रत रखा जाता है, जिसे करने से सभी दोष समाप्त हो जाते हैं। इस व्रत को प्रदोष व्रत कहते हैं।
12 सितंबर 2019: अनंत चतुर्दशी, गणेश विसर्जन
अनंत चतुर्दशी
भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है। इस बार यह 12 सितंबर को है। शास्त्रों में इस दिन व्रत रखने के साथ ही भगवान विष्णु के अनंत स्वरुप की पूजा का विधान है। अनंत चतुर्दशी की पूजा में सूत्र का बड़ा महत्व है। यह अनंत सूत्र सूत के धागे को हल्दी में भिगोकर 14 गाँठ लगाकर तैयार किया जाता है। इसे हाथ या गले में धारण किया जाता है। हर गाठ में श्री नारायण के विभिन्न नामों से पूजा की जाती है।
13 सितंबर 2019: पूर्णिमा व्रत, नान्दी मातामह श्राद्ध, पूर्णिमा श्राद्ध
पूर्णिमा
पूर्णिमा वाले दिन चांद अपने पूरे आकार में होता है। यानी जिस दिन आकाश में चंद्रमा अपने पूरे आकार में दिखाई देता हो उस दिन पूर्णिमा होती है। पूर्णिमा प्रत्येक महीने में एक बार जरूर आती है। धर्म ग्रंथों में पूर्णिमा को विशेष लाभकारी और पुण्यदायी होती है। हिन्दू धर्म में पूर्णिमा के दिन दान, स्नान और व्रत रखने की परंपरा होती है।
14 सितंबर 2019: भाद्रपद पूर्णिमा, महालय पितृपक्ष श्राद्ध शुरू, प्रतिपदा श्राद्ध
पितृपक्ष श्राद्ध
पितृ पक्ष 13 सितंबर से प्रारंभ होगा और 28 सितंबर 2019 तक रहेगा। इन दिनों में पितरों की आत्म की शांति के लिए श्राद्ध पूजा का विधान हैं। मान्यता अनुसार इन दिनों में श्रद्धा पूजा का विशेष फल मिलता है। श्रद्धा पूजा से पितृ खुश होते हैं और अपने परिवार के सदस्यों को आशीर्वाद देते हैं।
विज्ञापन
9 सितंबर 2019: परिवर्तिनी एकादशी व्रत, डोल ग्यारस, जलझूलनी एकादशी
परिवर्तिनी एकादशी
भाद्रपद के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को पद्मा एकादशी के नाम से जानते हैं। इस साल यह एकादशी 9 सितंबर के दिन है। ऐसी मान्यता है कि चातुर्मास के शयन के बाद भगवान विष्णु इसी दिन करवट बदलते हैं। हमारे शास्त्रों में इस एकादशी का बहुत ज्यादा महत्व बताया गया है। राक्षसों द्वारा स्वर्ग छीन जाने के बाद इस दिन देवताओं ने दोबारा स्वर्ग हासिल किया था। इस खास दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। भगवान की सच्चे मन से पूजा करने से आपकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है।
विज्ञापन
10 सितंबर 2019: वामन जयंती, कल्की द्वादशी, मुहर्रम
मुहर्रम
मुहर्रम का महीना इस साल 31 अगस्त से शुरू हो गया है और अशुरा यानी कि मुहर्रम का मुख्य दिन 10 सितंबर को मंगलवार को मनाया जाएगा। मुहर्रम पैगंबर मुहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है। बता दें कि इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक मुहर्रम हिजरी संवत का प्रथम मास है। इस्लाम धर्म में मुहर्रम एक प्रमुख त्योहार है। इस पूरे दस दिन इमाम हुसैन का शोक मनाया जाता है। दरअसल, इसी महीने में पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब, मुस्तफा सल्लाहों अलैह और आलही वसल्लम ने पवित्र मक्का से पवित्र नगर मदीना में हिजरत किया था।
विज्ञापन
11 सितंबर 2019: प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत
हिंदू पंचांग में त्रयोदशी को सौभाग्यदायक तिथि माना गया है। तमाम कार्यों के लिए शुभ मानी जाने वाली इस तिथि पर भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा के लिए विशेष व्रत रखा जाता है, जिसे करने से सभी दोष समाप्त हो जाते हैं। इस व्रत को प्रदोष व्रत कहते हैं।
12 सितंबर 2019: अनंत चतुर्दशी, गणेश विसर्जन
अनंत चतुर्दशी
भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है। इस बार यह 12 सितंबर को है। शास्त्रों में इस दिन व्रत रखने के साथ ही भगवान विष्णु के अनंत स्वरुप की पूजा का विधान है। अनंत चतुर्दशी की पूजा में सूत्र का बड़ा महत्व है। यह अनंत सूत्र सूत के धागे को हल्दी में भिगोकर 14 गाँठ लगाकर तैयार किया जाता है। इसे हाथ या गले में धारण किया जाता है। हर गाठ में श्री नारायण के विभिन्न नामों से पूजा की जाती है।
13 सितंबर 2019: पूर्णिमा व्रत, नान्दी मातामह श्राद्ध, पूर्णिमा श्राद्ध
पूर्णिमा
पूर्णिमा वाले दिन चांद अपने पूरे आकार में होता है। यानी जिस दिन आकाश में चंद्रमा अपने पूरे आकार में दिखाई देता हो उस दिन पूर्णिमा होती है। पूर्णिमा प्रत्येक महीने में एक बार जरूर आती है। धर्म ग्रंथों में पूर्णिमा को विशेष लाभकारी और पुण्यदायी होती है। हिन्दू धर्म में पूर्णिमा के दिन दान, स्नान और व्रत रखने की परंपरा होती है।
14 सितंबर 2019: भाद्रपद पूर्णिमा, महालय पितृपक्ष श्राद्ध शुरू, प्रतिपदा श्राद्ध
पितृपक्ष श्राद्ध
पितृ पक्ष 13 सितंबर से प्रारंभ होगा और 28 सितंबर 2019 तक रहेगा। इन दिनों में पितरों की आत्म की शांति के लिए श्राद्ध पूजा का विधान हैं। मान्यता अनुसार इन दिनों में श्रद्धा पूजा का विशेष फल मिलता है। श्रद्धा पूजा से पितृ खुश होते हैं और अपने परिवार के सदस्यों को आशीर्वाद देते हैं।