विज्ञापन

गणेश उत्सव 2018: भगवान गणेश को माता लक्ष्मी ने क्यों दिया अपना समस्त वैभव

धर्म डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 10 Sep 2018 10:26 AM IST
ganesh utsav 2018 know importance of lakshmi ganesh puja
विज्ञापन
ख़बर सुनें
गणेश उत्सव का पर्व 13 सितंबर से आरम्भ होने जा रहा है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी की मध्याह्र में भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इसी तिथि पर हर वर्ष गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। भगवान गणेश विध्नहर्ता और विघ्नकर्ता दोनों है और यह वैभव और सम्पत्ति को दाता है। क्या आप जानते हैं भगवान गणेश को वैभव और सुख के दाता की शक्तियां कहां से और कैसे प्राप्त हुई आइए जानते हैं इसके पीछे की कथा।
विज्ञापन
भगवान गणेश को लिया था गोद
माता लक्ष्मी की कोई अपनी संतान नहीं थी। इस बात को लेकर एक बार भगवान विष्णु ने माता लक्ष्मी को उनके अहम भाव के कारण संतान सुख के अभाव वाली बात पर उन्हें चिंता में डाल दिया। भगवान विष्णु की बात सुनकर लक्ष्मी बहुत चिंतित होकर अपनी बहन पार्वती जी के पास पहुंची और अपनी सारी पीड़ा उन्हें सुनाई। माता लक्ष्मी ने पार्वती जी कहा कि तुम्हारे दो पुत्र है अगर इनमें से एक मुझे दे दो तो मैं भी मातृत्व का सुख प्राप्त कर सकूंगी। माता लक्ष्मी की पीड़ा को समझकर उन्होंने उन्हें भगवान गणेश को गोद दे दिया। 

संतान सुख प्राप्त कर माता लक्ष्मी बहुत प्रसन्न हुई और उन्होंने अपनी समस्त सिद्धियां और सुख सम्पत्तियां भगवान गणेश को प्रदान कर दी। इसके अलावा उनका विवाह सिद्धि और रिद्धि कर दिया। तभी से वैभव और सुख की प्राप्ति के लिए माता लक्ष्मी की पूजा के साथ भगवान गणेश की भी पूजा होने लगी। यही कारण है कि दीवाली के दिन माता लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की भी पूजा जरूर की जाती है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all spirituality news in Hindi related to religion, festivals, yoga, wellness etc. Stay updated with us for all breaking news from fashion and more Hindi News.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Festivals

Amla Navami 2018: आंवला नवमी पर क्यों होती है आंवले के पेड़ की पूजा, क्या है कथा

आंवला नवमी कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मनाई जाती है। इस व्रत को करने पर अक्षय फल की प्राप्ति होती है।

15 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

छठ पूजा : सूर्यदेव की कृपा पाने को आज डूबते सूर्य को दिया जाएगा विशेष अर्घ्य

आस्था और विश्वास से जुड़ा छठ महापर्व, जिसमें डूबते सूर्य की विशेष रूप से की जाती है साधना। आइए जानते हैं कि इस पावन पर्व में भगवान भास्कर के साथ आखिर क्यों होती है छठी मैया की पूजा —

13 नवंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree