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जानें कब है पुष्य नक्षत्र और दिवाली तक किन विशेष मुहूर्त और शुभ योग में कर सकते हैं खरीदारी
Sat, 19 Oct 2019 08:39 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 19 Oct 2019 08:39 AM IST
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सोना के आभूषण
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त्योहारों का मौसम आरंभ हो चुका है। 17 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व भी समाप्त हो चुका है। इस पर्व में सुहागन महिलाओं ने पूरी आस्था के साथ पूजा की और त्योहार को मनाया। इस त्योहार के साथ ही नई चीजों की खरीदारी, नए काम की शुरुआत, मकान और वाहन की खरीदारी शुरू हो जाती है। आने वाले 10 दिनों में लगभग हर एक दिन खरीदारी के शुभ मुहूर्त जरूर बन रहे हैं। यानी इस बार नई चीजों की खरीदारी के कई मौके मिलेंगे।
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21 से 27 अक्टूबर के बीच 7 दिनों में खरीदी के कई विशेष मुहूर्त और शुभ योग आ रहे हैं, जिन्हें ज्योतिष की दृष्टि से शुभफल देने वाला माना गया है। 21 अक्टूबर को आहोई अष्टमी है। जिस दिन सोम पुष्य नक्षत्र के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। 22 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग है। पु्ष्य नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग दोनों ही बहुत शुभ मुहूर्त है। इसमें नई खरीदारी और नया काम अक्षय फल देता है।
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पुष्य नक्षत्र
पुष्य नक्षत्र 21 अक्टूबर की शाम 5.30 से लेकर 22 अक्टूबर की शाम 4.40 तक रहेगा। इस नक्षत्र में गाड़ी, मकान, दुकान, सोना, बर्तन की खरीदारी शुभ रहेगी। बता दें कि ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्र होते हैं और उनमें आठवां नक्षत्र पुष्य होता है। पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा माना गया है और इस नक्षत्र के स्वामी शनि हैं जबकि देवता स्वयं बृहस्पति हैं जिसका कारक सोना है।
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इस बार यह नक्षत्र 21 अक्टूबर सोमवार की शाम को प्रारंभ होगा और 22 अक्टूबर मंगलवार की शाम तक बना रहेगा। इस तरह कहा जा सकता है कि दो पुष्य नक्षत्र होंगे एक सोम पुष्य और भौम पुष्य। यही नहीं जानकारों की मानें तो इस दिन सिद्धा और साध्य योग भी होगा जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाएगा।
दिवाली से पहले पड़ रहे पुष्य नक्षत्र के प्रथम भाग सोम पुष्य में सोने और चांदी की खरीदारी करना आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकता है।इसके अलावा आप इस दिन निवेश भी कर सकते हैं। सोने चांदी के अलाव इस दिन पुस्तक, बहीखाते व धार्मिक वस्तुएं खरीदना भी शुभ माना गया है।
25 और 26 अक्टूबर को धनतेरस और सर्वार्थ सिद्धि
कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस है। धनतेरस पर नई खरीदारी करने की परंपरा होती है। इस दिन जो भी नई चीज खरीदा जाती है उसमें 13 गुना तक की वृद्धि होती है। 25 अक्टूबर शुक्रवार को त्रयोदशी सुबह 7.08 बजे शुरू होगी और 26 अक्टूबर शनिवार को दोपहर 3.47 बजे तक रहेगी। धनतेरस पर सर्वार्थ सिद्धि योग भी है, इसीलिए इस दिन खरीदी और पूजन का महत्व बढ़ गया है।
| तारीख | शुभ योग | खरीदारी |
| 17 अक्टूबर | करवा चौथ | आभूषण |
| 18 अक्टूबर | रोहिणी नक्षत्र | हीरे से बने आभूषण |
| 19 अक्टूबर | रवि योग | इलेक्ट्रॉनिक सामान, वाहन |
| 20 अक्टूबर | रवि योग | सजावटी सामान |
| 21 अक्टूबर | पुष्य-सर्वार्थ सिद्धि | चांदी, बर्तन की खरीदी |
| 22 अक्टूबर | पुष्य, सर्वार्थ सिद्धि | जमीन, मकान की खरीदी |
| 25 अक्टूबर | धनतेरस,सर्वार्थ सिद्धि | सोने चांदी के बर्तन और सिक्के, सभी तरह के सामान, |
| 27 अक्टूबर | दीपावली | सोना-चांदी, सिक्के, लक्ष्मी प्रतिमा |