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Diwali 2020: पांच दिन के बजाय इस बार चार दिन दिवाली उत्सव, ऐसा रहेगा ग्रहों का संयोग

Fri, 06 Nov 2020 07:46 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Fri, 06 Nov 2020 07:46 AM IST
सार

  • 2020 में कार्तिक माह की अमावस्या तिथि 14 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 17 मिनट से आरंभ होगी और 15 नवंबर को सुबह 10 बजकर 36 मिनट तक रहेगी।  दिवाली पर अमावस्या तिथि पर ही लक्ष्मी पूजन किया जाता है।

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Diwali 2020

विस्तार

इस वर्ष दिवाली महापर्व 5 दिन के बजाय 4 दिन का रहेगा। 14 नवंबर को दिवाली है उसके एक दिन पहले 13 नवंबर को धनतेरस मनाया जाएगा। इस बार छोटी दिवाली जिसे रूप चौदस और नरक चतुर्दशी कहा जाता है दिवाली के ही दिन पड़ेगी। फिर 15 नवंबर को गोवर्धन पूजा होगी और अंत में भाईदूज का पर्व मनाया जाएगा। इसके अलावा अगर बात करें दिवाली पर ग्रहों की स्थिति के बारे में तो इस दिन गुरु ग्रह अपनी स्वयं की राशि धनु और शनि की स्वराशि मकर में रहेंगे। वहीं सुख और वैभव प्रदान करने वाले शुक्र ग्रह कन्या राशि में रहेंगे। दिवाली पर तीन ग्रहों का यह दुर्लभ संयोग 1521 में बना था।
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दिवाली उत्सव का आरंभ धनतेरस से
पांच दिवसीय दीपावली का उत्सव इस बार चार दिनों का होगा। 13 नवंबर को धनतेरस से आरंभ होकर 16 नवंबर को भाई दूज पर खत्म हो जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह की अमावस्या तिथि पर दिवाली मनाई जाती है। कार्तिक अमावस्या की रात्रि को देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं और घर घर भ्रमण कर सुख और संपन्नता का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। इसी कारण से अमावस्या की रात को दिवाली मनाना और लक्ष्मी गणेश की पूजा करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है। ज्योतिष शास्त्र की मान्यता के अनुसार जिस  दिन सूर्यास्त के बाद एक घड़ी अधिक तक अमावस्या तिथि रहे उस दिन दीपावली का पर्व मनाया जाता है।
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दीपावली 2020: अमावस्या तिथि पर लक्ष्मी पूजा
2020 में कार्तिक माह की अमावस्या तिथि 14 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 17 मिनट से आरंभ होगी और 15 नवंबर को सुबह 10 बजकर 36 मिनट तक रहेगी।  दिवाली पर अमावस्या तिथि पर ही लक्ष्मी पूजन किया जाता है। वहीं त्रयोदशी तिथि 12 नवंबर की रात 9 बजकर 30 मिनट से शुरू होकर 13 नवंबर की शाम को 6 बजे खत्म हो जाएगी। 13 नवंबर को प्रदोष व्रत है और इसी दिन धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा।
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शनिवार और दिवाली का शुभ संयोग
कई वर्षो के बाद दिवाली शनिवार के दिन मनाई जाएगी बहुत ही दुर्लभ संयोग है। शनिवार और शनि का स्वयं की राशि मकर में होना सभी के लिए मंगलकारी रहेगा। इस बार दिवाली पर खास बात यह है कि दिवाली 17 साल के बाद सर्वार्थसिद्धि योग में मनाई जाएगी। इसके पहले 2003 में ऐसा योग बना था। ऐसे में दिवाली से कुछ दिन पहले ही कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं जिस कारण से नई चीजों की खरीदारी करना बहुत ही शुभफलदायक रहने वाला होगा।
 
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