Dhanteras 2021: धनतेरस पर क्यों है बर्तन खरीदने का इतना महत्व, जानिए इसके पीछे का कारण
दीवाली से दो दिन पहले धनतेरस पर लोग जमकर खरीदारी करते हैं। इस दिन लोग सोना, चांदी और खासतौर पर बर्तन की खरीदारी जरूर करते हैं। मान्यता है कि इस दिन जो चीज खरीदी जाती है उसमें तेरह गुना वृद्धि होती है इसलिए लोग इस दिन चल-अचल संपत्ति की खरीदारी करते हैं। प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस या धनत्रयोदशी का त्योहार मनाया जाता है। इस बार धनतेरस का त्योहार 28 अक्टूबर 2021 को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान कुबेर, माता लक्ष्मी और धन्वंतरि भगवान का पूजन किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे वर्ष भर घर में धन-धान्य भरा रहता है व भगवान धन्वंतरि की कृपा से आरोग्यता की प्राप्ति होती है। इस दिन बर्तनों में खासतौर पर पीतल की धातु का बर्तन खरीदना बेहद ही शुभ माना जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि धनतेरस के दिन आखिर क्यों है बर्तन खरीदने का इतना महत्व।
धनतेरस पर हुआ था धन्वंतरि देव का प्राकट्य
धनतेरस पर मिलने वाली पौराणिक कथा के अनुसार, एक समय देवताओं और दानवों ने अमृत प्राप्ति के लिए समुद्र मंथन किया। इस समुद्र मंथन से एक-एक करके चौदह रत्नों की प्राप्ति हुई। उन्हीं में से लक्ष्मी जी भी एक मानी जाती हैं, इन चौदह रत्नों के बाद सबसे अंत में समुद्र से धन्वंतरि देव प्रकट हुए। इनके हाथों में अमृत से भरा हुआ कलश था। जिस दिन धन्वंतरि देव का प्राकट्य समुद्र से हुआ था वह दिन कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी का दिन था, इसलिए धनतेरस के दिन इनकी पूजा का विधान है। ये देवताओं के वैद्य हैं इसलिए इनकी पूजा से आरोग्यता की प्राप्ति होती है।
जब भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे तो उनके हाथों में कलश था, इसी वजह सें धनतेरस के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है। इसी के साथ माना जाता है कि जो कलश धन्वंतरि भगवान के हाथों में था वह पीतल की धातु का था। पीतल को धन्वंतरि देव की धातु माना गया है, इसलिए धनतेरस पर पीतल के बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है।