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Bada Mangal 2020: पहला बड़ा मंगल आज, जानिए ज्येष्ठ माह में इसका महत्व और पूजा विधि
Tue, 12 May 2020 12:44 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 12 May 2020 12:44 PM IST
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ज्येष्ठ के महीने में पहली बार अपने आराध्य देव भगवान श्रीराम से पहली बार मुलाकात हुई थी
- फोटो : Pixabay
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Bada Mangal 2020: ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगलवार आज है। शास्त्रों मे ज्येष्ठ महीने के मंगलवार का विशेष महत्व होता है। वैसे तो मंगलवार दिन भगवान हनुमान की पूजा के लिए खास होता है लेकिन ज्येष्ठ माह के मंगलवार और भी खास हो जाता है। इस बार ज्येष्ठ के महीने में 4 मंगलवार आएंगे। पहला मंगलवार 12 मई को है। दूसरा, तीसरा और चौथा मंगलवार क्रमश: 19, 26 और 26 मई को है। मान्यता है कि हनुमान जी ने ज्येष्ठ के महीने में पहली बार अपने आराध्य देव भगवान श्रीराम से पहली बार मुलाकात हुई थी। बड़ा मंगल पर हनुमानजी की मंदिरों में विशेष पूजा-आराधना की जाती है। बड़ा मंगल का त्योहार उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विशेषरूप से बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
बड़ा मंगल क्यों कहते हैं
मान्यता है कि श्री हनुमान जी पहली बार अपने आराध्य प्रभु श्रीराम से ज्येष्ठ माह के मंगलवार वाले दिन मिले थे। यही कारण है कि इसे बड़ा मंगल कहा जाता है। इसलिए पूरे ज्येष्ठ माह में श्री हनुमान जी से जुड़े इस अहम दिन विशेष रूप से साधना-आराधना की जाती है।
बड़ा मंगल से जुड़ी कथा
लखनऊ के हनुमान मंदिर में हिंदू और मुस्लिम दोनों ही भक्ति भाव से इस महापर्व से जुड़ते हैं। लखनऊ में बड़ा मंगल मनाने के पीछे मान्यता है कि एक समय यहां के नवाब सआदतअली खां बहुत बीमार पड़ गए, जिसके बाद उन्होंने स्वस्थ होने के लिए उन्होंने हनुमान से मन्नत मांगी थी, जिसके पूरे होते ही उन्होंने हनुमान जी का एक विशाल मंदिर बनवाया था, जो आज अलीगंज में स्थित है। हनुमान जी के चमत्कार से जुड़ी न जाने कितनी कहानियां हैं, जिनसे जुड़ते हुए बड़ा मंगल पर श्रद्धालु अपनी मंगल कामना करते हैं।
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पूजा विधि
हनुमानजी की पूजा करते समय ब्रह्राचर्य का पूरा पालन करें। भूलकर भी हनुमान जी की उपासना करते समय किसी भी प्रकार की कामुक चर्चा नहीं करनी चाहिए। हनुमानजी की उपासना में लाल रंग के फूल, शुद्ध देसी घी या तिल के तेल का प्रयोग करना चाहिए। हनुमानजी की मूर्ति को घर में ऐसे रखना चाहिए कि उनकी दृष्टि दक्षिण दिशा की तरफ हो। हनुमानजी की पूजा से पहले उनके आराध्य प्रभु श्री राम का अवश्य ध्यान करें। उनके मंत्र का जाप करें। हनुमान जी की उपासना में तुलसीदल जरूर अर्पित करना चाहिए।
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बड़ा मंगल क्यों कहते हैं
मान्यता है कि श्री हनुमान जी पहली बार अपने आराध्य प्रभु श्रीराम से ज्येष्ठ माह के मंगलवार वाले दिन मिले थे। यही कारण है कि इसे बड़ा मंगल कहा जाता है। इसलिए पूरे ज्येष्ठ माह में श्री हनुमान जी से जुड़े इस अहम दिन विशेष रूप से साधना-आराधना की जाती है।
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बड़ा मंगल से जुड़ी कथा
लखनऊ के हनुमान मंदिर में हिंदू और मुस्लिम दोनों ही भक्ति भाव से इस महापर्व से जुड़ते हैं। लखनऊ में बड़ा मंगल मनाने के पीछे मान्यता है कि एक समय यहां के नवाब सआदतअली खां बहुत बीमार पड़ गए, जिसके बाद उन्होंने स्वस्थ होने के लिए उन्होंने हनुमान से मन्नत मांगी थी, जिसके पूरे होते ही उन्होंने हनुमान जी का एक विशाल मंदिर बनवाया था, जो आज अलीगंज में स्थित है। हनुमान जी के चमत्कार से जुड़ी न जाने कितनी कहानियां हैं, जिनसे जुड़ते हुए बड़ा मंगल पर श्रद्धालु अपनी मंगल कामना करते हैं।
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पूजा विधि
हनुमानजी की पूजा करते समय ब्रह्राचर्य का पूरा पालन करें। भूलकर भी हनुमान जी की उपासना करते समय किसी भी प्रकार की कामुक चर्चा नहीं करनी चाहिए। हनुमानजी की उपासना में लाल रंग के फूल, शुद्ध देसी घी या तिल के तेल का प्रयोग करना चाहिए। हनुमानजी की मूर्ति को घर में ऐसे रखना चाहिए कि उनकी दृष्टि दक्षिण दिशा की तरफ हो। हनुमानजी की पूजा से पहले उनके आराध्य प्रभु श्री राम का अवश्य ध्यान करें। उनके मंत्र का जाप करें। हनुमान जी की उपासना में तुलसीदल जरूर अर्पित करना चाहिए।