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Akshay Navami 2019: जानिए अक्षय नवमी की पूजा विधि और धार्मिक महत्व

Tue, 05 Nov 2019 08:53 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Tue, 05 Nov 2019 08:53 AM IST
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Akshay Navami 2019 puja vidhi and significance
आंवला नवमी 2019

अक्षय नवमी सनातन संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है। इस पर्व का संबंध भगवान विष्णु जी से है। अक्षय नवमी को आँवला नवमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन आँवले के वृक्ष की पूजा होती है। आइए इस खबर के माध्यम से अक्षय नवमी की पूजा विधि एवं इसके धार्मिक महत्व के बारे में जानते हैं। 

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हिन्दू पंचांग के अनुसार अक्षय नवमी
हिन्दू धार्मिक पर्व, व्रत एवं त्योहारों की गणना हिन्दू पंचांग के आधार पर होती है। पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह में हिन्दू धर्म के कई प्रमुख त्योहार एवं व्रत पड़ते हैं। उन पावन पर्वों में अक्षय नवमी भी खास है। अक्षय नवमी प्रति वर्ष कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनायी जाती है। 
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अक्षय नवमी पूजा का शुभ मुहूर्त
कार्तिक शुक्ल की नवमी तिथि 5 नवंबर 2019 को पड़ रही है। इस दिन अक्षय नवमी पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 39 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 10 मिनट तक है।

अक्षय नवमी का धार्मिक महत्व
पौराणिक मान्यता के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी से कार्तिक पूर्णिमा तिथि तक आँवले के वृक्ष पर निवास करते हैं। इसलिए अक्षय नवमी के दिन भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद पाने के लिए उनकी आराधना की जाती है।
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आँवला नवमी पूजा के लाभ
शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि, आँवला नवमी की पूजा विधि अनुसार करने से कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। जातकों को इस पर्व के नाम के अनुरूप अक्षय फल प्राप्त होते हैं। यहाँ अक्षय फल से आशय कभी न छय होने वाले लाभों से हैं। इसलिए आज के दिन स्नान, पूजा, दान एवं पुण्य किया जाता है।

अक्षय नवमी की पूजा विधि

  • सबेरे जल्दी उठकर स्नान करें।
  • आँवले के पेड़ के आसपास साफ-सफाई करें।
  • पेड़ की जड़ पर स्वच्छ जल चढ़ाएं।
  • इसके पश्चात वृक्ष को दूध चढ़ाएं।
  • अब पेड़ की पूजा करें। 
  • वृक्ष की तने पर कच्चा सूत या मौली को 8 बार परिक्रमा करते हुए लपेटे।
  • अब सुखी जीवन की कामना करें।
  • अब पेड़ नीचे बैठकर परिवार के साथ प्रसाद ग्रहण करें।
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