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UP: प्रधानाचार्य नहीं हटा सकेंगे प्रतिनियुक्ति वाले कर्मचारी, अब शासन से लेनी होगी अनुमति

Fri, 03 Apr 2026 10:30 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Fri, 03 Apr 2026 10:30 PM IST
सार

प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों को अब प्रधानाचार्य बिना अनुमति नहीं हटा सकेंगे। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हटाने से पहले अनुमति जरूरी होगी। इससे कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ेगी और तैनाती व्यवस्था में स्थिरता बनी रहेगी।

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UP: Principals Can No Longer Remove Employees on Deputation; Permission from Government Now Required — Additio
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों को प्रधानाचार्य नहीं हटा सकेंगे। अब उन्हें हटाने से पहले शासन से अनुमति लेनी होगी। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है।

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प्रदेश के 28 स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय चल रहे हैं। इनमें ज्यादातर को जिला अस्पतालों को उच्चीकृत करके बनाया गया है। जिला अस्पतालों में कार्यरत रहे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को जरूरत के हिसाब से रोका गया है। 
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इन्हें प्रतिनियुक्ति के आधार पर मेडिकल कॉलेज बनने के बाद भी तैनाती दी गई है। कई कॉलेजों के प्रधनाचार्यों ने प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों को हटाना शुरू कर दिया है। इसकी जानकारी मिलते ही अपर मुख्य सचिव ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी कर दिया है। 
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उन्होंने स्पष्ट किया है कि संबंधित जिला चिकित्सालयों में पूर्व से कार्यरत मानव संसाधन को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों के अधीन तीन वर्ष के लिए प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया गया है। इसे पांच वर्ष तक बढाया जा सकता है। 


जिन कार्मिकों की प्रतिनियुक्ति की अवधि तीन वर्ष समाप्त हो गई है। उनके बारे में तीन माह पहले ही चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय को सूचना भेजी जाए। किसी भी कार्मिक को प्रधानाचार्य अपनी मर्जी से नहीं हटाएंगे। प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कार्मिको की हटाने से पहले महानिदेशालय से अनुमति लेनी होगी।
 

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