यूजीसी का फैसला, विवि-कॉलेज कैंटीन में अब नहीं बिकेंगी ये चीजें
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देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में समोसा, पिज्जा, बर्गर, चौमिन और फैंच फ्राइज जैसे जंक फूड को पूरी तरह से बंद करने की तैयारी है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देश के सभी विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की अक्तूबर महीने में हुई बैठक में लिए गए फैसले को लागू करने के निर्देश दिए हैं।
स्टूडेंट्स को मोटापे की समस्या से बचाने के लिए यह बड़ा फैसला लिया गया है। यूजीसी के सचिव प्रो. डॉ. जसपाल एस. संधू ने इसकी पुष्टि की है। भागदौड़ भरी जिंदगी में विद्यार्थियों का फूड कल्चर पूरी तरह से बदल चुका है।
जंक फूड सेहत के लिए हानिकारक
हर वक्त जल्दबाजी के चलते रहन सहन, बातचीत और पहनावे के साथ युवा वर्ग के खानपान में काफी बदलाव आया है। शैक्षणिक संस्थानों में जंक फूड सबसे अधिक लोकप्रिय हैं। यूथ में बढ़ते इस क्रेज को लेकर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने चिंता जताई है। जंक फूड से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव से विद्यार्थियों को बचाने के लिए इसकी बिक्री को बंद करने का फैसला लिया गया है।
जंक फूड सेहत के लिए हानिकारक
जंक फूड का सेवन आपको थकाने के लिए काफी है। यह भूख तो तुरंत शांत कर देता है लेकिन यह आलसी बना देता है। असल में इन खाद्य पदार्थों में आवश्यक पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट की कमी होती है। मैदे और तेल से बने ये पदार्थ एनर्जी लेवल की कमी कर ऊर्जा में कमी कर सकते हैं।
पाचन क्रिया को प्रभावित करता है जंक फूड
जंक फूड पाचन क्रिया को भी प्रभावित करता है। ज्यादातर खाना तेल में फ्राई होने की वजह से इसमें मौजूद तेल पेट में जमा होने लगता है जिससे एसीडिटी की समस्या हो सकती है। फाइबर्स की कमी होने की वजह से भी ये खाद्य पदार्थ पचने में दिक्कत करते हैं।