आठवीं कक्षा में दोबारा बोर्ड शुरू करने की तैयारी, फैसला 25 को
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आठवीं कक्षा में एक बार फिर बोर्ड की परीक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। 25 अक्तूबर को नई दिल्ली में सेंट्रल एडवाइजरी बोर्ड ऑफ एजूकेशन की बैठक होने जा रही है। इस बैठक में उठाए जाने वाले मुद्दों का एजेंडा भारत सरकार ने हिमाचल को भेज दिया है।
शिक्षा निदेशालय इस एजेंडे को लेकर अपना पक्ष तैयार करने में जुट गया है। मुख्य संसदीय सचिव शिक्षा नीरज भारती नई दिल्ली में हिमाचल का पक्ष रखेंगे। इस बैठक में लिए जाने वाले फैसले राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शामिल किए जाएंगे।
सेंट्रल एडवाइजरी बोर्ड ऑफ एजूकेशन द्वारा भेजे गए एजेंडे में पहला मुद्दा आरटीई एक्ट 2009 के तहत आठवीं कक्षा तक स्कूलों में बच्चों का फेल नहीं करने का है। इस मुद्दे को लेकर हिमाचल सरकार पहले भी अपना मत स्पष्ट कर चुकी है।
बंद होगी फेल नहीं करने की प्रक्रिया
सरकार ने केंद्र सरकार को आठवीं कक्षा तक फेल नहीं करने की प्रक्रिया को बंद करने की मांग की है। तर्क दिया गया है कि नवीं और दसवीं कक्षा में अधिक बच्चे फेल हो रहे हैं। आठवीं तक मूल्यांकन के हिसाब से ही बच्चों को अगली कक्षा में प्रवेश दिया जा रहा है।
इस प्रक्रिया के बंद होने से वार्षिक परीक्षाओं के आधार पर ही अगली कक्षा में बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। बैठक में अधिक से अधिक बच्चों को स्कूलों में भर्ती करने, ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने, नेशनल अचीवमेंट सर्वे को लागू करने, सेकेंडरी स्तर पर वोकेशनल शिक्षा को शुरू करने और आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राइमरी स्कूलों से जोड़ने के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।