आइस स्केटिंग रिंक में तीन साल बाद दिसंबर शुरू होते ही जमी बर्फ
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राजधानी शिमला के ऐतिहासिक आइस स्केटिंग रिंक में करीब तीन साल बाद दिसंबर के शुरू होते ही आइस जमी है। करीब 15 दिन के प्रयास के बाद शनिवार को सीजन का पहला सफल ट्रायल हुआ।
हालांकि, अभी रिंक के एक धूप वाले हिस्से में आइस जमना बाकी है, लेकिन आइस स्केटिंग क्लब के सदस्य और पदाधिकारियों ने शनिवार को ट्रायल में स्केटिंग का मजा लिया। ट्रायल सुबह करीब आठ बजे हुआ।
इसमें क्लब के कोषाध्यक्ष रमणीक गोयल, ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी मनप्रीत सेंबी, रजत मल्होत्रा, चेतन सूद और पवन वर्मा ने स्केटिंग का आनंद लिया। इन पदाधिकारियों ने रिंक मेट को आइस को पूरे मैदान में जमाने के निर्देश भी दिए।
इसके लिए मैदान में पानी का स्प्रे किया गया। आइस स्केटिंग क्लब के सचिव भवनेश बांगा ने कहा कि पहला ट्रायल सफल रहा। यदि रात को मौसम साफ रहा और दिन में बादल न छाए तो आने वाले दिनों में स्केटिंग के सुबह के सत्र नियमित रूप से चालू कर दिए जाएंगे। रिंक में आइस जमी रही तो इस बार स्केटिंग का दौर दो माह से अधिक चलेगा।
स्कूलों में छुट्टियां होने पर बढ़ेगी भीड़
शिमला के स्कूलों में पढ़ने वाले स्केटर्स को रिंक में आइस जमने और स्केटिंग सेशन चलने का बेसब्री से इंतजार है। स्कूलों में वार्षिक और प्री बोर्ड परीक्षाएं 15 दिसंबर तक समाप्त हो जाएंगी।
छोटी कक्षाओं की परीक्षा पहले सप्ताह अंत तक समाप्त होंगी। छुट्टियां शुरू होते ही रिंक में स्केटिंग के लिए नन्हें स्केटर्स की संख्या बढ़ जाएगी।
स्केटिंग क्लब की सदस्यता जारी
आइस स्केटिंग क्लब ने स्केटिंग सीजन के लिए सदस्यता जारी रखी है। क्लब के करीब साढ़े तीन सौ स्थायी सदस्य और लाइफ टाइम मेंबर हैं। इतने ही नए स्कूल और कॉलजों के छात्र अभिभावकों के साथ हर साल सदस्यता ग्रहण करते हैं।
नहीं बढ़ाया गया सदस्यता शुल्क और फीस
आइस स्केटिंग क्लब ने इस बार स्केट्स और स्केटिंग के लिए सदस्यता और पंजीकरण शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। इससे स्केटर इस बार भी पिछली फीस ही चुकाएंगे।