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निजी स्कूलों की तर्ज पर हिमाचल के सरकारी स्कूलों में शुरू होंगी ये कक्षाएं

Sat, 25 Nov 2017 02:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 25 Nov 2017 02:18 PM IST
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Nursery classes in government schools of himachal pradesh from the next session

निजी स्कूलों की तर्ज पर सूबे के सरकारी स्कूलों में अगले साल से नर्सरी कक्षाएं शुरू होंगी। पहले चरण में 25 फीसदी स्कूलों यानी हर ब्लॉक के दो और जिला मुख्यालय के एक स्कूल में यह व्यवस्था की जाएगी।

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प्रारंभिक निदेशालय ने ऐसे 260 स्कूलों को चिह्नित कर अंतिम मंजूरी के लिए फाइल सरकार को भेज दी है। संभव है कि आचार संहिता हटते ही इसकी अधिसूचना जारी हो जाएगी। 
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सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। अभिभावक निजी स्कूलों में बच्चों का दाखिला करवा रहे हैं। कुछ सालों से सरकारी स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या काफी अधिक बढ़ी है।
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नर्सरी क्लासें शुरू करने से उम्मीद की जा रही है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ेगी। बता दें कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बीते अगस्त माह में राज्य सलाहकार परिषद की बैठक में नर्सरी कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की थी।

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा ने कहा कि प्रदेश के लिए यह एक नया प्रयोग होगा। यह प्रयोग सफल रहा तो अन्य सरकारी स्कूलों में भी नर्सरी कक्षाएं शुरू की जाएंगी।

रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

Nursery classes in government schools of himachal pradesh from the next session
हिमाचल प्रदेश सरकार

सरकारी स्कूलों में नर्सरी कक्षाएं शुरू करने से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वालों को इन स्कूलों में पढ़ाने का मौका मिलेगा। मंजूरी के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा। भर्ती के लिए भी निदेशालय ने मंथन शुरू कर दिया है।

निजी स्कूलों में 40 हजार तक खर्च 
प्रदेश के अधिकांश निजी स्कूलों में नर्सरी क्लास में बच्चों को पढ़ाने वाले अभिभावकों को सालाना करीब 30 से 40 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। नर्सरी में दाखिला के लिए निजी स्कूल बाकायदा प्रोसपेक्ट्स बेचते हैं।

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