हिमाचल में अब नहीं खुलेंगे नए बीएड कॉलेज, ये रही वजह
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प्रदेश में नए संस्थानों की आ रही बाढ़ के बीच वित्त विभाग ने सरकार से नए बीएड कॉलेज न खोलने की सिफारिश की है। इसके पीछे तर्क दिया है कि इनके खुलने से युवाओं के लिए नौकरी के अवसर सीमित हो रहे हैं।
साथ ही प्रदेश में पहले से ही पर्याप्त संख्या में बीएड कॉलेज चल रहे हैं। ऐसे में नए कॉलेज खोलने से सरकार को खास फायदा नहीं होगा। विभाग ने अपनी सिफारिश सरकार को भेज दी है। अब इस मुद्दे पर सरकार अपने स्तर से फैसला लेगी।
प्रदेश में वर्तमान में 74 बीएड कॉलेज संचालित हैं। इनमें करीब आठ हजार सीटें हैं। पिछले सत्र की प्रवेश प्रक्रिया के दौरान इनमें से आधी सीटें खाली रह गई थीं। इसके बाद सरकार ने दखल देते हुए बिना प्रवेश परीक्षा दिए आवेदकों को भी प्रवेश की इजाजत दे दी थी।
सरकार लेगी अंतिम फैसला
कुछ समय पहले तीन नए बीएड कॉलेजों को खोलने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन फाइल जब वित्त विभाग पहुंची तो विभाग ने नए बीएड कॉलेज खोलने पर आपत्ति लगा दी।
तर्क दिया कि बीएड करने के बाद युवाओं के पास टीचिंग के अलावा किसी अन्य नौकरी का स्कोप नहीं रहता, जबकि अगर वह सामान्य ग्रेजुएशन करने के बाद बीएड करें तो उनके पास नौकरी के ज्यादा अवसर रहते हैं।
ऐसे में बीएड कॉलेजों की बजाय सामान्य डिग्री कॉलेज खोले जा सकते हैं। हालांकि, वित्त विभाग के इस सुझाव के बाद भी नए बीएड कॉलेज खोलने पर अंतिम निर्णय सरकार ही लेगी।