रेगुलर और डिस्टेंस एजूकेशन की अब होंगी अलग-अलग डिग्रियां
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रेगुलर और डिस्टेंस एजूकेशन की अब अलग-अलग डिग्रियां, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और मार्क्स शीट्स होंगी। यूजीसी ने ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग की डिग्री में अनिवार्य तौर पर ओडीएल लिखने का फैसला लिया है।
पारंपरिक डिग्री के बीच अस्पष्टता दूर करने को शुरू की गई कवायद के तहत डिस्टेंस एजूकेशन देने वाले देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को नई व्यवस्था का पालन करने के आदेश जारी किए गए हैं।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का कहना है कि ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड से पढ़ाई करने वाले विद्यार्र्थियों की डिग्रियों, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और मार्क्स शीट्स में इसका उल्लेख नहीं होता है कि उनका शैक्षणिक संस्थान किस तरह से पढ़ाई करवाता है।
यूजीसी का फैसला मार्कशीट पर अंकित करो ये सूचना
ऐसे में सितंबर महीने में हुई विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की बैठक में फैसला लिया गया कि रेगुलर डिग्री से डिस्टेंस एजूकेशन को अलग करने के लिए नई व्यवस्था बनाई जाए। इसी कड़ी में यूजीसी ने ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग संस्थानों को आदेश जारी कर भविष्य में जारी की जाने वाले सभी डिग्रियों, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और मार्क्स शीट्स में मोड ऑफ डिलिवरी : ओडीएल/डिस्टेंस लिखने को कहा है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रो. (डा.) जसपाल एस संधू ने डिस्टेंस एजूकेशन से पढ़ाई करवाने वाले देश के सभी विश्वविद्यालयों और कालेजों को अब इसी व्यवस्था के तहत डिग्रियां, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और मार्क्स शीट्स जारी करने को कहा है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया से रेगुलर और डिस्टेंस एजूकेशन में अंतर हो सकेगा।