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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में बदलेगा पढ़ने-पढ़ाने का तरीका

Fri, 03 Feb 2017 09:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 03 Feb 2017 09:06 AM IST
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New pattern of teaching will be implemented in govt schools of himachal pradesh

हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पढ़ने और पढ़ाने का तरीका बदलने वाला है। सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत हिमाचल को साल 2017-18 के लिए 820 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। वीरवार को नई दिल्ली में आयोजित हुई प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में हिमाचल में चलाए जा रहे प्रेरणा और प्रयास प्रोजेक्ट की सराहना हुई।

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इसी कड़ी में नए शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के पहली से पांचवीं कक्षा के सरकारी स्कूलों में प्रेरणा प्लस और छठी से आठवीं कक्षा में प्रयास प्लस प्रोजेक्ट शुरू करने को भी मंजूरी दी गई। प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) बैठक की अध्यक्षता सचिव स्कूल एजूकेशन एमएचआरडी ने की।
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बैठक में हिमाचल की ओर से शिक्षा सचिव राकेश शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा और राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम चंद ने भाग लिया। परियोजना निदेशक घनश्याम चंद ने बताया सर्व शिक्षा अभियान के लिए 460 करोड़ और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए 360 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। 

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गणित और अंग्रेजी पर होगा फोकस

New pattern of teaching will be implemented in govt schools of himachal pradesh

इस बजट को प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा बढ़ाने के लिए खर्च किया जाएगा। प्रेरणा प्लस प्रोजेक्ट में पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चों की बुनियादी समक्ष बढ़ाने के लिए हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषय पर विशेष काम किया जाएगा। छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए प्रयास प्लस प्रोजेक्ट के तहत विज्ञान और गणित विषय को और अधिक रोचक बनाया जाएगा।

मॉडल आधारित शिक्षा के माध्यम से स्कूली विद्यार्थियों में इन दोनों विषयों के प्रति लगाव बढ़ाया जाएगा। घनश्याम चंद ने बताया इन प्रोजेक्ट के शुरू होने से सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा बढ़ेगी। सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का रुझान बढ़ेगा।

सरकारी स्कूल भी कॉन्वेंट स्कूलों का मुकाबला करने के लिए सक्षम हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में पहले प्रेरणा और प्रयास अभियान चलाए जा रहे हैं। अब इन दोनों अभियानों को और अधिक रोचक और सशक्त किया गया है।

एक क्लिक पर मिलेगी प्रदेश के स्कूलों की सभी जानकारी

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स्कूल प्रबंधन प्रणाली को भी मजबूत करने के लिए हिमाचल को बजट मंजूर हुआ है। मैनेजमेंट इंफारमेशन सिस्टम (एमआईएस) को प्रदेश के सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा। इसके तहत कंप्यूटर के एक क्लिक से प्रदेश के सभी स्कूलों की सभी जानकारी ऑनलाइन प्राप्त हो जाएगी। 

किस स्कूल में कितने शिक्षक, विद्यार्थी हैं? स्कूलों में कौन-कौन से विषय पढ़ाए जा रहे हैं? किस विषय के शिक्षक का पद रिक्त है? सहित कई अन्य जानकारियां आसानी से निदेशालय में बैठकर उच्च अधिकारी जुटा सकेंगे। इसके माध्यम से स्कूल प्रबंधन प्रणाली मजबूत होगी।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अपग्रेड होगा स्वयं सिद्धम पोर्टल
स्कूली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के लिए शुरू किए स्वयं सिद्धम पोर्टल को भी अपग्रेड करने की पीएबी की बैठक में मंजूरी मिल गई है। इस पोर्टल पर अब जेईई और एनईईटी के साथ-साथ बैंकिंग, एसएसबी, एनडीए और साइंस-मैथ ओलंपियाड के लिए भी पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाया जाएगा।

लो परफार्मिंग पांच जिलों में शुरू होगा प्रयास प्लस प्लस प्रोजेक्ट
प्रदेश के लो परफार्मिंग पांच जिलों सिरमौर, चंबा, किन्नौर, कुल्लू और सोलन के सरकारी स्कूलों में नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों का ज्ञान बढ़ाने के लिए प्रयास प्लस प्लस प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इन जिलों के स्कूलों में गणित और विज्ञान विषय में विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने का काम किया जाएगा।

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