छात्रों के लिए अच्छी खबर, अब यहां से भी कर सकेंगे M.Sc.
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को सरकार घर-द्वार उच्च शिक्षा प्राप्त करने का मौका देने जा रही है। जिला मुख्यालयों के कॉलेजों में साइंस विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन शुरू करने के लिए सरकार ने गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। नियमों को पूरा करने वाले कॉलेजों में अगले शैक्षणिक सत्र से साइंस विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रधान सचिव शिक्षा आरडी धीमान ने इसकी पुष्टि की है।
राज्य सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस में कहा गया है कि जिला मुख्यालय स्थित कॉलेजों की मांग पर पोस्ट ग्रेजुएशन शुरू की जाएगी। कॉलेजों के पास पर्याप्त आधारभूत ढांचा होना चाहिए। यूजीसी और प्रदेश विश्वविद्यालय की गाइडलाइंस के मुताबिक स्टाफ होना चाहिए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन शुरू करने के लिए कॉलेजों में अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति नहीं की जाएगी।
ये शर्तें करनी होगीं पूरी
कॉलेज कम से कम दस साल पुराना होना चाहिए। कॉलेज में ग्रेजुएशन स्तर पर तीनों संकायों के विद्यार्थियों की संख्या कम से कम दो हजार होनी चाहिए। कॉलेज नैक से संबंधित हो। कॉलेज को बीते पांच साल का परीक्षा परिणाम विश्वविद्यालय की ओर से घोषित परिणाम से अधिक होना चाहिए।
महाविद्यालय में स्थित पुस्तकालयों में संबंधित विषयों की पर्याप्त मात्रा में पुस्तकें होनी चाहिए। इंटरनेट सुविधा भी होनी चाहिए। संबंधित विषय का कॉलेज में कम से कम एक पीएचडी धारक होना चाहिए।
पोस्ट ग्रेजुएशन की जरूरतों को पूरा करने वाली कॉलेजों में लैब होनी चाहिए। इन नियमों को पूरा करने वाले जिला मुख्यालयों में स्थित कॉलेजों को साइंस विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन शुरू करने को मंजूरी दी जाएगी।
अगले सत्र से नालागढ़ कॉलेज में एमएससी केमिस्ट्री
कांगड़ा जिले के देहरी कॉलेज और वल्लभ कॉलेज मंडी में मैथ में एमएससी पहले से है। अगले शैक्षणिक सत्र से नालागढ़ कॉलेज में एमएससी केमिस्ट्री शुरू की गई है।