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जेबीटी काउंसलिंग में धक्कामुक्की, भीड़ के आगे छोटा पड़ गया कैंपस
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 26 Jul 2017 07:00 PM IST
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जेबीटी के 118 पदों के लिए शिमला में हुई काउंसलिंग के दौरान व्यवस्थाओं की पोल खुलकर रह गई। प्रदेश भर से युवा काउंसलिंग के गर्ल्स स्कूल लक्कड़ बाजार पहुंचे थे। बारिश के बीच स्कूल का कैंपस छोटा पड़ गया। अभ्यर्थी बारिश में भीगते रहे। खामियों पर अभ्यर्थी गुस्सा गए।
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काउंसलिंग के लिए कमरों में पांव रखने को जगह नहीं मिली। इस दौरान धक्कामुक्की शुरू हो गई। कैंपस में पुलिस के जवानों ने स्थिति पर काबू पाया। अलग-अलग जिलों से जेबीटी प्रशिक्षित और टेट पास 2412 अभ्यर्थी काउंसलिंग में पहुंचे थे। दिन को बार-बार हुई बारिश के बीच अभ्यर्थियों को परिसर में बैठने और बारिश से बचने तक के लिए पर्याप्त जगह नसीब नहीं हो पाई।
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सुबह दस बजे से लेकर दोपहर बार करीब चार बजे तक चली इस काउंसलिंग की प्रक्रिया में व्यवस्थाओं की कई खामियां नजर आई। हजारों अभ्यर्थियों की काउंसलिंग के लिए स्कूल का कैंपस छोटा पड़ गया। काउंसलिंग में हालांकि अभ्यर्थियों के टेट पास और आवश्यक पात्रता शर्तों के मुताबिक शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्रों की जांच की गई। अभ्यर्थियों ने प्रमाण पत्रों को स्वयं सत्यापित फोटो प्रतियां जमा करवाईं।
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काउंसलिंग के लिए स्कूल परिसर में अलग-अलग कमरों में दो-दो जिलों को मिलाकर काउंसलिंग पैनल बिठाए गए थे। कमरों के बाहर भारी संख्या में सुबह नौ बजे से लेकर ही भारी भीड़ जुट गई थी। उप-निदेशक कार्यालय के मांग करने के बावजूद शुरूआती दौर में वहां सुरक्षा को कोई पुलिस या गृहरक्षक तक नहीं था।
इस कारण हर कमरे के बाहर भीड़ में धक्का मुक्की का आलम आम था। हालांकि बाद में एक दो जवान जरूर स्कूल परिसर में पहुंच गए थे। स्कूल परिसर के छोटे से मैदान में भीड़ नहीं आ पा रही थी। काउंसलिंग के दौरान बारिश में अभ्यर्थी और उनके परिजन छाता पकड़ कर इंतजार करने को मजबूर हुए।
पोर्टमोर, छोटा शिमला स्कूल होता तो न होती परेशानी
उप निदेशक शिमला कार्यालय को चाहिए था कि काउंसलिंग पोर्टमोर, छोटा शिमला और लालपानी जैसे खुले परिसर में करवाई जाती। सिरमौर से बेटी की काउंसलिंग के लिए पहुंचे ललित मोहन और बिलासपुर के मुकेश ने कहा कि हजारों की तादाद में युवाओं का जुटना तय था, बावजूद इसके काउंसलिंग के लिए व्यवस्थागत खामियां बहुत थी। संख्या को देख परिसर बहुत छोटा था, जिससे उन्हें बारिश में भीग कर काउंसलिंग को लंबा इंतजार करना पड़ा।
शिमला, कांगड़ा के लिए दो काउंसलिंग पैनल
काउंसलिंग के लिए जिले से आने वाले अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए कुल दस पैनल बिठाए गए थे। इनमें जिला शिमला और कांगड़ा को दो, हमीरपुर कुल्लू को एक, मंडी- लाहौल स्पीति को दो, बिलासपुर-किन्नौर को एक, सोलन-ऊना को एक और चंबा-सिरमौर के लिए एक पैनल बिठाया गया था।
चार बजे तक पूरी ली काउंसलिंग: उप निदेशक
उप- निदेशक प्रारंभिक शिक्षा राकेश वशिष्ठ ने माना कि स्कूल परिसर छोटा था, मगर चार बजे तक सभी 2412 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग पूरी कर ली गई थी। इसमें डाइट शिमला की प्रधानाचार्य तरविंद्र नेगी समन्वयक थी। प्रक्रिया में डाइट से बारह कर्मी और उप निदेशक कार्यालय और बीपीईओ कार्यालय से अधीक्षक ग्रेड टू राजेश कुमार गुप्ता सहित 29 कर्मचारी पैनल में बिठाए गए थे।