IIT के छात्र ने बनाया ऐसा ऐप आप भी होंगे हैरान
- आईआईटी मंडी से पासआउट छात्र चंदन सत्यार्थी ने बनाई सोशल नेटवर्किंग ऐप
- ऐप को दिया है लिक्विड का नाम, दो सप्ताह में सैकड़ों यूजर्स ने किया डाउनलोड
- चंदन बोले - ऐप में किसी भी तरह की गलत सूचना को नहीं डाल पाएंगे यूजर्स
- आईआईटी मंडी के छात्र अभिलाष और जालंधर की मोनिका भी हैं शेयरहोल्डर
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के वर्ष 2015 के बैच के पासआउट छात्र चंदन सत्यार्थी ने सोशल नेटवर्किंग ऐप बनाई है। सोशल नेटवर्किंग साइट पर जो लोग सगे संबंधियों से शर्म और डर से विचार साझा करने से कतराते हैं, उनके लिए तनाव कम करने में यह ऐप मददगार होगी। उन्होंने ऐप को लिक्विड नाम दिया है। ऐप बनने के महज दो सप्ताह बाद ही तीन सौ से अधिक यूजर ने इसे डाउनलोड भी कर लिया है।
इसकी खास बात यह है कि ऐप को बिना किसी यूजर आईडी के प्रयोग किया जा सकता है। साइट पर बिना किसी आईडी के अपने विचार साझा किए जा सकते हैं। आईआईटी में स्थापित न्यू टेक्नालॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर ऑन इंस्टीट्यूट की मदद से संस्थान के छात्र ने लिक्विड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई है।
ऐप में किसी भी तरह की गलत सूचना को नहीं डाल पाएंगे यूजर्स
इनक्यूबेटर के तहत आईआईटी मंडी में बनाई गई इस कंपनी के तीन शेयर होल्डर हैं। इनमें आईआईटी का एक अन्य छात्र अभिलाष भी शामिल हैं। जालंधर की मोनिका भी कंपनी की शेयरहोल्डर हैं। चंदन सत्यार्थी का कहना है कि ऐप में किसी भी गलत सूचना को नहीं डाला जा सकता। इसके ऊपर कंपनी पूरी तरह से कंट्रोल रखेगी।
एंड्रायड फोन में ऐप गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड की जा सकती है। चंदन का कहना है कि ऐप में किसी भी विषय पर पोस्ट किया जा सकता है। इसमें बिना किसी आईडी के विचार साझा किए जा सकते हैं। कोई भी आपकी पोस्ट पर कमेंट कर सकता है, लेकिन कोई किसी के बारे में नहीं जान पाएगा कि कमेंट किसने किया है।