एचपीयू ने एनएडी के लिए साइन किया सर्विस लेवल एग्रीमेंट
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एचपीयू ने केंद्र सरकार की सभी विश्वविद्यालयों के लिए शुरू की गई नेशनल अकादमिक डिपॉजिटरी (एनएडी) के लिए सर्विस लेवल एग्रीमेंट साइन किया है। इससे छात्रों को ऑनलाइन डिग्री, डिप्लोमा सहित पूरा रिकार्ड उपलब्ध होगा।
अब विवि नोडल ऑफिसर की तैनाती के साथ छात्रों को ऑनलाइन डिग्री मुहैया करवाने की सुविधा शुरू के लिए अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था करेगा। इससे छात्र विवि से पासआउट और डिग्री प्राप्त छात्रों का रिकार्ड यूनिक आइडेंटिफिकेशन कोड (आधार कार्ड से जुड़ा) के माध्यम से देख सकेंगे।
2019 तक इस सुविधा की फीस चार्ज नहीं होगी। इसके बाद न्यूनतम फीस तय की जाएगी। बीते सप्ताह कुलपति की अध्यक्षता में विवि के अधिकारियों की कार्यशाला में इसकी जानकारी दी गई थी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी दिल्ली में एनएडी के लिए हुई विशेष बैठक में भी हिस्सा लेने गए थे।
यह है नेशनल अकादमिक डिपॉजिटरी
कुलपति प्रो. राजिंद्र चौहान ने माना कि सीवीएसएल के साथ एचपीयू का नेशनल अकादमिक डिपॉजिटरी के साथ एग्रीमेंट हो चुका है। जल्द नोडल ऑफिसर की तैनाती कर अगली प्रक्रिया शुरू होगी।
इससे यहां से 1970 से लेकर पढ़कर गए छात्रों को आनलाइन अपनी डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स के दस्तावेज उपलब्ध हो जाएंगे। एनएडी देश के सभी विश्वविद्यालयों के लिए अनिवार्य किया है।
इस दिशा में 2016 से प्रक्रिया चल रही है, मगर अभी तक यह सुविधा शुरू नहीं की जा सकी है। केंद्र स्तर पर जिस तरह इनकम टैक्स की सूचनाएं एक जगह पर स्टोर होती हैं, उसी तरह हर विवि और उससे जुड़े छात्र का अकादमिक रिकार्ड स्टोर रहता है।
केंद्र स्तर पर एनडीएमएल और सीवीएसएल को सरकारी कंपनियां रिकॉर्ड मेंटेन करेंगी। वही छात्रों को यूआईडी देंगी। यह आधार से लिंक होगा। इससे छात्र कहीं से भी डिग्री से संबंधित हर तरह की जानकारी ले सकेंगे।