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एचपीयू हिंसा : चीफ वार्डन समेत कई अधिकारी बदले गए

Sun, 09 Oct 2016 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 09 Oct 2016 12:12 AM IST
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HPU Riot: Cheif Warden and Additional Cheif Warden Changed.

नैक टीम के दौर से एक दिन पहले विश्वविद्यालय के टैगोर छात्रावास में छात्र गुटों के बीच हुई हिंसा की गाज विवि के चीफ वार्डन और एडिशनल चीफ वार्डन पर गिरी है। कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी के दिशा निर्देशों पर इन दोनों पदों पर कार्यरत शिक्षकों को बदल कर नए शिक्षकों की तैनाती आदेश जारी कर दिए गए हैं।

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विवि की चीफ वार्डन प्रो. वीना शर्मा को चीफ वार्डन पद से हटाकर कास्ट आफ कल्टीवेशन सेंटर का निदेशक बनाया गया है, वहीं एडिनशल चीफ वार्डन के पद  पर अपर्णा नेगी की तैनाती की गई है, इस पद प्रो. आर एल जिंटा कार्यरत थे। अब तक कास्ट आफ कलटीवेशन सेंटर का अतिरिक्त कार्यभार एचपीयूबीएस के निदेशक व पूर्व परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल देख रहे थे। नैक टीम के दौरे के तुरंत बाद किए गए इस फेरबदल को सीधे हिंसा मामले से जोड़ कर ही देखा जा रहा है। हालांकि यह कसरत अब सिर्फ लकीर पीटना ही है।
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अब देखना यह होगा कि विवि प्रशासन छात्रावास सहित परिसर में चार दिनों तक बिगड़े हालात के कारणों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों का कैसे पता लगाता है और इसमें संलिप्त दोनों गुटों के छात्र संगठनों पर कब तक कार्रवाई करेगा और क्या कार्रवाई करेगा। विवि कुलसचिव ने कुलपति के दिशा निर्देशों पर किए गए प्रशासनिक फेरबदल के आदेश भी जारी कर दिए है। छात्रावासों में हुई हिंसा मामले में प्रारंभिक जांच की जिम्मेदारी भी अब नए चीफ वार्डन को ही संभालनी होगी।

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उप कुलसचिव को सौंपी नुकसान की रिपोर्ट

HPU Riot: Cheif Warden and Additional Cheif Warden Changed.

विवि के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने एक अक्तूबर की रात को विवि के छात्रावास में छात्र गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान का आंक लन कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए है। वहीं कुलपति ने चीफ वार्डन को वीरवार को ही हिंसा मामले में संलिप्त बोर्डस और बाहरी तत्वों की सूची भी तलब की है, जिसके लिए शुक्रवार देर शाम तक का समय दिया गया था। कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई और जांच पर फैसला लिया जाएगा।

कुलपति ने थपथपाई शिक्षकों और कमेटी प्रमुखों की पीठ
नैक टीम के दौरे की तैयारी को बनाई गई अलग अलग कमेटियों के इंचार्ज और अधिष्ठाताओं के साथ शुक्रवार को कमेटी रूम में बैठक की। उन्होंने इस दौरे के लिए दिन रात की गई मेहनत के लिए खास तौर पर शिक्षक समुदाय का आभार जताया और उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सहयोग से ही विभागों में टीम दौरे के लिए मुक्कमल तैयारियां संभव हुई। उन्होंने टीम दौरे को लेकर शिक्षक गैर शिक्षक और छात्र समुदाय का भी आभार जताया। जिन्होंने विवि की एक अच्छी छवि को उजागर किया।

एकतरफा कार्रवाई पर भड़की एसएफआई

HPU Riot: Cheif Warden and Additional Cheif Warden Changed.

एसएफआई की विवि इकाई ने एक अक्तूबर को विवि में हुई हिंसा और उसी दौरान पुस्तकालय में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं की ओर से छात्र के गले पर हथियार रखकर धमकाने, शीशे तोड़े जाने की घटना को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। उपाध्यक्ष प्रेम जसवाल और सहसचिव केवल कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी।

नेताओं ने कहा कि रात को एबीवीपी के कार्यकर्ता पुस्तकालय में एंटर करते हैं, शीशे तोड़ते हैं, वहां पढ़ाई कर रहे छात्र को धमकाते हैं, उसके गले पर हथियार रखते हैं। पूरे घटनाक्रम पर विवि प्रशासन ने अब तक कोई एफआईआर दर्ज करने की जरूरत नहीं समझी। विवि के पुस्तकालय में हुई इस घटना की पुलिस जांच होनी चाहिए थे, इसके पुस्तकालय में लगे सीसीटीवी केमरा में फु टेज जैसे प्रमाण भी लिए जा सकते थे।

इस घटना का छात्रावासों में विरोध करने जो छात्र बाहर आते हैं, उन्हें भी एबीवीपी के गुंडातत्व धमकाते हैं और लड़ाई का माहौल बनाते हैं। एबीवीपी इस पूरे प्रकरण का रुख बदलकर पूरा दोष एसएफआई के सिर मढ़ रही है। छात्रावास में हुई हिंसा के लिए सिर्फ एबीवीपी की ओर से नामजद करवाए एसएफआई के 29 कार्यकर्ताओं में से 17 पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं लगाकर गिरफ्तारियां की जाती हैं। यह पुलिस और विवि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा करती है।

इसके बाद एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने जिन छात्रों को पीटा उनमें अरुण राणा, विजय और राज तीनों ही जनजातीय छात्र हैं। दूसरी ओर डीएसडब्ल्यू पुराने कार्यालय और पुस्तकालय में तोड़फोड़ करने और छात्रों को धमकाने वाले एबीवीपी के गुंडातत्वों के खिलाफ कोई कार्रवाई आज तक नहीं हुई, जबकि उन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। यह एसएफआई को बदनाम करने की साजिश रची गई।

जांच को गठित की कमेटी 15 तक देगी रिपोर्ट

HPU Riot: Cheif Warden and Additional Cheif Warden Changed.

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में नैक टीम के दौरे से एक दिन पूर्व छात्रावास में आधी रात को हुई हिंसा मामले की जांच को कुलपति ने जांच कमेटी बना दी है। अधिष्ठाता अध्ययन की अध्यक्षता में गठित की गई इस कमेटी की हालांकि विवि कुलपति ने आधिकारिक रूप पर पुष्टि नहीं की है, मगर सुत्र बताते है कि डीएस की अध्यक्षता में बनी यह कमेटी पूरे प्रकरण की तह तक जांच कर 15 अक्तूबर तक कुलपति को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

जांच के लिए दिए गए इस समय के भीतर कमेटी छात्रावास में उस समय मौजूद छात्रों, इसमें संलिप्त छात्रों के साथ ही संबंधित छात्रावास के वार्डन, तत्कालीन चीफ वार्डन, सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षा कर्मियों और छात्रावास कर्मियों के बयान भी दर्ज करेगी। कमेटी में विवि के वरिष्ठ शिक्षकों भी शामिल किया गया है। कमेटी पूरे मामले की तह तक जा कर घटना के कारणों को पता लगाएगी।

एचपीयू में फिर बरामद हुए राड और डंडे
शिमला। एचपीयू में पिछले चार दिनों से हो रही छात्र गुटों की झड़पों को देखते हुए शुक्रवार को नेक टीम के लौट जाने के बावजूद पुलिस के कड़े सुरक्षा इंतजाम रहे। पुलिस अधिकारी और जवानों परिसर में हर हरकत पर नजर रखी और कैंपस में प्रवेश करने वाले छात्र और कर्मचारियों की गाड़ियों की चेकिंग का अभियान जारी रहा। इसमें  शुक्रवार को भी छह डंडे और रॉड गाड़ियों से पुलिस ने बरामद की।

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