सरकारी नौकरी के लिए करना पड़ सकता है लंबा इंतजार, ये है वजह
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नए साल में प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों से भर्तियों की डिमांड हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के पास पहुंची हैं, लेकिन नई भर्तियां लटकने की आशंका है। इसकी वजह यह है कि चेयरमैन जोगराज ठाकुर 6 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
आयोग के सचिव विजय कुमार का ट्रांसफर हो चुका है। वह बीते वर्ष 20 दिसंबर को आयोग से रिलीव हो चुके हैं। उनकी जगह एचएएस अधिकारी जितेंद्र कंवर के ऑर्डर सरकार ने किए हैं लेकिन अभी तक उन्होंने ज्वाइन नहीं किया है। लिहाजा, डिप्टी सेक्रेटरी ही आयोग का कार्यभार संभाल रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि नई भर्तियों की फाइलें पहले आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में जाती हैं। बैठक में ही नई भर्तियों की रूपरेखा तैयार होती है। आयोग में चेयरमैन के बाद दूसरे नंबर पर सचिव को प्रभावशाली माना जाता है। सचिव के पद पर एचएएस अधिकारी को ही अभी तक नियुक्ति मिलती रही है, जिसके चलते सचिव के इर्द-गिर्द कार्यकारी शक्तियां घूमती हैं।
चार में से दो मेंबर हो जाएंगे रिटायर
कर्मचारी चयन आयोग में चेयरमैन जेआर ठाकुर के अलावा वर्तमान में चार मेंबर प्रो. नरेश महाजन, ई. सोनम आर नेगी, ब्रिगेडियर सतीश शर्मा और पूर्व आईएएस अधिकारी कमल शर्मा हैं। आयोग में बड़े निर्णय सदस्यों की मौजूदगी में लिए जाते हैं। लेकिन चार में से दो मेंबर प्रो. नरेश महाजन और ई. सोनम आर नेगी अगले माह फरवरी में सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
वाइस चांसलर भी इस साल होंगे सेवानिवृत्त
हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर के कुलपति प्रो. आरएल शर्मा भी जून माह तक सेवानिवृत्त होंगे। एचपीटीयू में वाइस चांसलर को लेकर भी कई अधिकारियों में कदमताल शुरू हो चुकी है। आयोग के चेयरमैन और यूनिवर्सिटी के कुलपति दोनों के लिए नीली बत्ती वाले वाहन अधिकृत हैं। इसके चलते हर कोई इसकी दौड़ में शुमार है।