रूसा डिग्री की मान्यता पर आया कुलपति का बड़ा बयान, पढ़ना न भूलें
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एचपीयू की रूसा डिग्री देश ही नहीं, विदेशों में भी मान्य है। रूसा डिग्रीधारक किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए पात्र हैं। इस डिग्री की मान्यता को लेकर उठे सवालों के जवाब में कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी यह दावा किया है।
उनका कहना है कि विवि की डिग्री के आधार पर वह आवेदन कर प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठ सकता है। इस मसले के हल के लिए विवि की कार्यकारी परिषद ने बीते वर्ष अलग से कमेटी बनाकर कुलपति की अगुवाई में यूजीसी के समक्ष मामला उठाने का निर्णय लिया था।
इस पर कुलपति का कहना है कि यूजी की रूसा सीबीसीएस की डिग्री की मान्यता को लेकर अब कोई सवाल नहीं है। डिग्री पूरी तरह से मान्य है। अब तक एक भी ऐसी शिकायत विवि को मिली भी नहीं है।
उन्होंने कहा कि यूजीसी के समक्ष मामला उठाए जाने पर उन्हें जवाब मिला कि डिग्री की मान्य है। उनका कहना है कि यहां का डिग्री प्राप्त छात्र यूपीएससी हित केंद्र की किसी भी प्रशासनिक और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्नातक की पात्रता शर्त पूरी करता है।
कोई परेशानी आए तो विवि को शिकायत करे छात्र
वहीं प्रदेश की हर प्रतियोगी परीक्षाओं में भी छात्र पात्र है। इसके बावजूद यदि यूजी डिग्री पूरी कर चुके छात्रों को कोई समस्या पेश आती है, डिग्री की मान्यता पर कहीं सवाल खड़ा होता है, तो मामला यूनिवर्सिटी के ध्यान में लाएं, इसका समाधान किया जाएगा।
यूजी में 2013 में लागू रूसा सीबीसीएस के तहत 2016 में पहला बैच पासआउट हो चुका है। इसके पासआउट हुए पहले बैच के छात्रों को शुरू में खास तौर पर साइंस के विषयों में अन्य विश्वविद्यालयों के पीजी कोर्स में प्रवेश लेने को दिक्कतें पेश आईं।
उसके बाद विवि ने इसका समाधान निकाल ग्रेड प्वाइंट को डिग्री पास प्राप्तांक प्रतिशतता का फार्मूला देकर समस्या का अस्थायी समाधान किया, जिससे छात्रों को बाहर प्रवेश मिल गया।
डिग्री पर सवाल उठे तो यहां करें संपर्क
वीसी ने कहा कि डिग्री कहीं भी चैलेंज हो, इसकी मान्यता को लेकर सवाल उठे तो, छात्र सीधे विश्वविद्यालय में संपर्क कर सकता है, जिससे विवि मामले को यूजीसी के समक्ष उठाए और उसका तुरंत समाधान करे।
अब तक तीन बैच ऐसे हैं, जो रूसा यूजी डिग्री कर रहे हैं, इनकी डिग्री पर ही संशय है। नया शुरू हुआ बैच अब पूरे देश भर में लागू रूसा सीबीसीएस के तहत ही संचालित हो रहा है।