इन्हें देना होगा जवाब, क्यों खराब आए दसवीं और जमा दो के नतीजे
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दसवीं और जमा दो कक्षा के खराब रिजल्ट की वजह अब विद्यार्थी और उनके अभिभावक बताएंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा ने नतीजों की समीक्षा के लिए अधिकारियों की चार सदस्यीय कमेटी गठित की है। यह कमेटी उन सरकारी स्कूलों में जाएगी, जहां रिजल्ट बेहद खराब रहे हैं।
टीचिंग स्टाफ के अलावा फेल हुए विद्यार्थियों और अभिभावकों से स्कूल में हुई पढ़ाई का फीडबैक लिया जाएगा। पांच जून तक कमेटी अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। सोमवार को एसीएस शिक्षा एजेवी प्रसाद ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा, रजिस्ट्रार प्रदेश विश्वविद्यालय पंकज ललित, संयुुक्त निदेशक उच्च शिक्षा प्रशासन पंकज शर्मा और संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा कॉलेज कृष्णा वैद्य की चार सदस्यीय कमेटी बनाई है।
कमेटी को स्कूल शिक्षा बोर्ड की मेरिट में सरकारी स्कूलों के पिछड़ने के चलते परीक्षा परिणामों की विस्तृत समीक्षा का जिम्मा सौंपा है। कमेटी को निर्देश दिए हैं कि शिक्षकों, प्रिंसिपलों के अलावा अभिभावकों और विद्यार्थियों से भी बातचीत कर खराब परिणामों के कारण पूछे जाएं।
विषयवार की जाएगी समीक्षा
रिपोर्ट में बाकायदा खराब परिणामों की वजह दर्शाने के निर्देश दिए गए हैं। दसवीं और जमा दो कक्षा की विषयवार समीक्षा करने को कहा गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा डॉ. एजेवी प्रसाद ने बीते शनिवार को उच्च शिक्षा निदेशालय जाकर सभी जिला उपनिदेशकों के साथ बैठक की थी।
बैठक में एसीएस ने खराब परिणाम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए शिक्षकों को आत्ममंथन करने की नसीहत दी थी। इसी कड़ी में अब सोमवार को सरकार ने परीक्षा परिणामों की समीक्षा करने के लिए कमेटी बनाने के निर्देश जारी कर दिए। सरकार के आदेशानुसार नतीजों की समीक्षा को गठित कमेटी की पहली बैठक 27 मई को होगी।
बैठक में सभी सदस्य नतीजों की समीक्षा के लिए रणनीति बनाएंगे। कमेटी ने तीन दिन के भीतर स्कूल शिक्षा बोर्ड से दसवीं और जमा दो कक्षा के वार्षिक परीक्षा परिणाम के नतीजों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। यह ब्योरा आने के बाद कमेटी आगामी काम शुरू करेगी।